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अम्बिकापुर,सरगुजा के जशपुर कलेक्टर ने सम्पत्ति के पंजीयन के संबंध में जारी राज्य शासन के आदेश के विपरीत जाकर नया आदेश जारी कर दिया। इसको चुनौती देने वाली जनहित याचिका पर बुधवार को सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने राज्य शासन, सरगुजा कमिश्नर, जशपुर कलेक्टर से जवाब तलब किया है। मामले की सुनवाई कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश प्रशांत कुमार मिश्रा व न्यायमूर्ति पीपी साहू की युगलपीठ में हुई। बगीचा नगर पंचायत के पार्षद सैय्यद ताहिर चिश्ती ने अधिवक्ता जय प्रकाश शुक्ला के माध्यम से हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर की। इसमें बताया कि जशपुर कलेक्टर ने 1 मार्च 2021 को यह आदेश जारी किया कि जिला पंजीयक या उप पंजीयक जिला मुख्यालय के अलावा अन्य तहसीलों के प्रकरणों में रजिस्ट्री नहीं कर सकेंगे। जिस तहसील का प्रकरण होगा, वहीं पर पदस्थ अधिकारी ही उसका पंजीयन करेगा। याचिकाकर्ता को ग्रामीणों से शिकायत मिली और उनकी परेशानी को देखकर उन्होंने इसका विरोध किया। साथ ही कमिश्नर सरगुजा के समक्ष अभ्यावेदन प्रस्तुत कर कलेक्टर के आदेश को निरस्त करने की मांग की, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। याचिका में यह भी बताया गया कि इस नए आदेश से बगीचा व दूसरे इलाकों में भी आम लोगों को रजिस्ट्री कराने में बहुत दिक्कत हो रही है। स्थानीय अधिकारी टाल-मटोल करते हैं। कई माह काम रुक जाता है। याचिकाकर्ता की तरफ से अधिवक्ता ने अदालत को बताया कि राज्य शासन ने खुद ही 11 जून 2020 को इस आशय का आदेश दिया है कि अगर तहसीलों में पंजीयन करने से मना किया जाए या वह नहीं हो सके तो जिला मुख्यालय में ही अन्य तहसीलों के कागजात देखकर पंजीयन हो सकेगा। कलेक्टर जशपुर शासन के आदेश की अवहेलना करते हुए नया आदेश जारी कर चुके हैं। यह गैर विधिक है। कोर्ट ने मामले में सुनवाई करते हुए कहा कि जिला कलेक्टर अपने क्षेत्राधिकार से बाहर जाकर यह काम कर रहे हैं। इसके साथ ही कोर्ट ने कमिश्नर सरगुजा, कलेक्टर जशपुर व राज्य सरकार को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। मामले की अगली सुनवाई जुलाई में निर्धारित है। कलेक्टर के आदेश से दलाल हो गए सक्रिय
सुनवाई के दौरान बताया कि कलेक्टर के आदेश के बाद सभी तहसीलों में ही पंजीयन की कार्रवाई शुरू हो गई। इसका परिणाम यह निकला कि तहसील स्तर पर दलाल सक्रिय हो गए। उनका काम तहसीलदार कार्यालय में तो होने लगा, लेकिन लोगों के काम में देरी होने लगी। क्योंकि तहसीलदार सप्ताह में सिर्फ 1 दिन ही पंजीयक के रूप में काम करते हैं, बाकी के 5 दिन वह तहसीलदार के रूप में काम करते हैं।

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