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रायपुर, छत्तीसगढ़ कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन ने प्रदेश में अनुकंपा नियुक्ति निर्देश में 10 प्रतिशत् सीमाबंधन शिथिल किए जाने से दिवंगत शासकीय सेवकों के बेसहारा परिजनों को सहारा प्रदान करने के लिए आभार व्यक्त करने हेतु मुख्यमंत्री निवास में भेंट कर मुख्यमंत्री भूपेश बधेल का अभिनंदन करते हुए एक प्रतीक चिन्ह व आभार पत्र भेंट किया। साथ ही कारोना काल के शिथिल होने, सभी कार्यालय व शालाओं के प्रारंभ हो जाने, स्थिति पूर्णतः सामान्य व नियंत्रण में होने पर लंबित मंहगाई भत्ता, कोरोना में होम आईसोलेशन अथवा अन्य निजी चिकित्सालयों में कराएं गए चिकित्सा संबंधी चिकित्सा प्रतिपूर्ति देयक स्वीकृति कराने तथा अनुकंपा नियुक्ति स्टायपेण्ड संबंधी 3 वर्ष के प्रशिक्षण अवधि संबंधी वित्त विभाग मंत्रालय के निर्देश 21/20 को भी शिथिल करने की मांग की गई। मुख्यमंत्री ने शीध्र ही वित्त विभाग से चर्चा कर मंहगाई भत्ता प्रदान करने व अन्य नियम शिथिलीकरण करने का आश्वासन प्रतिनिधि मण्डल को दिया है।                      छत्तीसगढ़ कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन के संयोजक कलम वर्मा एवं प्रमुख प्रवक्ता विजय कुमार झा ने बताया है कि फेडरेशन का प्रतिनिधि मण्डल मुख्यमंत्री निवास में उनसे भेंटकर प्रदेश के कर्मचारियों को गत् वर्ष वित्तीय अनुशासन के तहत रोके गए वेतनवृद्वि पुनः 01 जुलाई से प्रदान करने, 7 वें वेतनमान् के एरियर्स की तीसरी किश्त का नगद भुगतान करने एवं अनुकंपा नियुक्ति में तृतीय श्रेणी के पदों पर 10 प्रतिशत् सीमाबंधन को आगामी 31 मई 2022 तक शिथिल करने के निर्णय के लिए आभार व्यक्त करते हुए अन्य लंबित मांगों की ओर ध्यान आकृष्ट किया है। जिसमें प्रमुख रूप से कोरोना काल में दिवंगत हुए शासकीय सेवकों व उनके आश्रितों को सुविधानुसार निजी निवास के समीप उपब्ध्लध चिकित्सा सुविधा यथा एम.आर.आई. सिटी स्कैन, एक्सरा आदि के देयकों का भुगतान चिकित्सा प्रतिपूर्ति नियम में संशोधन कर कराने, पूर्व से आर्थिक संकट, मानसिक पीड़ा से गुजर रहे अनुकंपा नियुक्त परिजनों के लिए वित्त विभाग द्वारा जारी वित्त निर्देश 21/2020 में प्ररिवीक्षा अवधि 2 वर्ष से बढ़ाकर 03 वर्ष करने, स्टायपेण्ड व्यवस्था कर 03 वर्ष तक मूल वेतन का 70, 80, 90 प्रतिशत् भुगतान करने, परिवीक्षा अवधि समाप्त होने पर तत्समय नियुक्त पद के न्यूनतम् वेतन पर वेतनमान् का निर्धारण करने संबंधी शर्त को अनुकंपा नियुक्ति के मामले में विलोपित करने की मांग की गई। क्योंकि इससे 03 वर्ष की परिवीक्षा अवधि नौकरी करने के बाद शून्य हो जावेगा तथा 03 वर्ष बाद पुनः शून्य से सेवा प्रारंभ होगी। फेडरेशन ने सबसे महत्वपूर्ण व ज्वलंत आर्थिक समस्या की ओर मुख्यमंत्री का ध्यान आकृष्ट करते हुए केन्द्रीय कर्मचारियों को वर्तमान् में 17 प्रतिशत् तथा राज्य कर्मचारियों को अभी भी 12 प्रतिशत् मंहगाई भत्ता 01 जनवरी 2019 से प्राप्त होना तथा 01 जुलाई 2019 से आज पर्यन्त मंहगाई भत्ता पर रोक होने से ‘‘दुब्बर ला दू असाढ़‘‘ की स्थिति होना बताते हुए कम से कम 5 प्रतिशत् लंबित 2019 के मंहगाई भत्ता प्रदान करने की मांग उनके समक्ष प्रस्तुत की। जिस पर मुख्यमंत्री ने यथाशीध्र मंहगाई भत्ता प्रदान करने का आश्वासन फेडरेशन प्रतिनिधियों को दिया। प्रतिनिधि मण्डल में प्रमुख रूप से संयोजक कमल वर्मा, प्रमुख प्रवक्ता विजय कुमार झा, सचिव राजेश चटर्जी, लिपिक वर्गीय प्रांताध्यक्ष संजय सिंह, कर्मचारी कांग्रेस अध्यक्ष बी.पी.शर्मा, बहुउदेश्यीय स्वास्थ कर्मचारी संध अध्यक्ष पंकज पाण्डेय, राजेश रिछारिया प्रांताध्यक्ष डिप्लोमा इंजिनियर्स एशोसिएशन, यशवंत वर्मा प्रांतीय महामंत्री छत्तीसगढ़ शिक्षक संध, तृतीय वर्ग कर्मचारी संध प्रांताध्यक्ष चन्द्रशेखर तिवारी, व्याख्याता संध अध्यक्ष राकेश शर्मा, आदि शामिल थे। 

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