पोस्ट शेयर करे

0 सूर्य नमस्कार धरती पर जीवन संचार करने वाले सूर्य के प्रति कृतज्ञता प्रकट करने का आसन है- डा. रत्ना नशीने
नारायणपुर, इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय रायपुर के अंतर्गत कृषि महाविद्यालय एवं अनुसधान केन्द्र नारायणपुर,छग की राष्ट्रीय सेवा योजना इकाई के द्वारा आजादी का अमृत महोत्सव के अंतर्गत 14 जनवरी, 2022 को मकर संक्रांति के अवसर पर ‘मकर संक्रांति पर ‘सूर्य नमस्कार’ के रूप में मनाया गया।

सर्वप्रथम वर्चुअल गोष्ठी आयोजित कर अधिष्ठाता एवं राष्ट्रीय सेवा योजना अधिकारी डा. रत्ना नशीने ने सूर्य नमस्कार कार्यक्रम मानाने के उद्देश्य पर प्रकाश डाला। उन्होंने स्वयंसेवको को बताया कि विश्व में योग भारत की देन है । इस कारण से पूरा विश्व भारत को विश्वगुरु मानता है और योग को अपना रहा है। डा. रत्ना नशीने ने कहा कि दुनियाभर के लोगों ने योग को अपने जीवन में उतार लिया है और निरोग होने का मंत्र भी सीख लिया है. सूर्य नमस्कार भी एक तरह का योग आसन ही है.

यह बताना महत्वपूर्ण है कि सूर्य नमस्कार 12 चरणों के मिश्रित आसनों का एक समूह है। इसमें शरीर के 10 अंग एक के बाद एक काम में आते हैं और 12 चरणों में 8 आसन शामिल हैं जिनमें 4 आसन दोहराए जाते हैं जो मिलकर एक सूर्य नमस्कार को पूरा करते हैं. कुल मिलाकर सूर्य नमस्कार शरीर के हर अंग के सेहत के लिए बहुत ही महत्वपूर्ण आसान है।

“ग्लोबल सूर्य नमस्कार कार्यक्रम” के आयोजन पर जनकारी देते हुए डा. रत्ना नशीने बताया कि मकर संक्रांति का हिंदू कैलेंडर के अनुसार बहुत महत्व है. इसी दिन सूर्य उत्तरी गोलार्ध में प्रवेश करते हैं. इसी के साथ उत्तरी गोलार्ध में धीरे-धीरे गर्मी बढ़ने लगती है. सर्द ऋतु के जाने के साथ मौसम सुहावना होने लगता है । पेड़ों पर नई कोपलें फूटने लगती हैं, पेड़ पौधों पर फूल खिलने लगते हैं. प्रकृति भी सूर्य भगवान का उत्तरी गोलार्ध में आने पर पूर्णरूप से स्वागत करती है. मकर संक्रांति अवसर पर आयोजित हो रहा ग्लोबल सूर्य नमस्कार कार्यक्रम हमारी भारतीय सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विरासत के महत्व को भी दर्शाता है. यह त्योहार अच्छे स्वास्थ्य, समृद्धि और खुशियों के प्रसार के लिए प्रकृति को धन्यवाद देने के तौर पर प्रतिवर्ष मनाया जाता है।


मुख्य अतिथि जिला आयुर्वेदिक अस्पताल योग वेल्नस सेंटर के डॉ लखेश्वर प्रसाद साहू ने स्वयंसेवाको को बताया कि योग शरीर को लचीला और मजबूत बनाता है तरो-ताजा और स्फूर्ति बनाए रखता है  रोग-प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ता है रक्त-संचार को सही करता है मन को शांत और तनाव दूर करता है ,योग आत्मानुशासन सिखाता हैं । कुमारी संगीता लकरा ने सूर्य नमस्कार आसन का प्रदर्शन किया ।

वेबीनार मे स्वयंसेवको को पुनः कोविड-19 प्रोटोकॉल और वैक्सिनेशन की जानकारी देकर अपने आसपास के लोगों को वैक्सिनेशन के लिए जागरूक करने का पुनः अवाहन किया। स्वयंसेवको ने अपने अपने घरों में कोविड -19 के नियमों का पालन करते हुए सूर्य नमस्कार किया। 102 स्वयंसेवको ने सूर्य नमस्कार कार्यक्रम में भाग लेते हुए अपने वीडियो बनाए तथा आयुष मंत्रालय के वेबसाईट पर अपलोड कर प्रशस्ति पत्र प्राप्त किया । सूर्य नमस्कार 2022 में स्वयं सेवको एवम शिक्षकों के दवारा छायाचित्रों और वीडियो को वॉट्सएप्प पर भेजा जा रहा है जिनको सोशल मीडिया पर लगातार शेयर किया जा रहा है । इस कार्यक्रम का संचालन अंगद राज बग्गा ने किया। कीर्ति साहू ,रोहित नाग, वीर नारायण देवांगन ,मोना राणा का सहयोग मिला ।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You May Also Like

ये है सबसे महंगा कबूतर, कीमत जानकर रह जाएंगे दंग

पोस्ट शेयर करे
पोस्ट शेयर करेनई दिल्ली, मामूली सा दिखने वाला ये कबूतर कोई आम…

राज्यपाल से मिले आदिवासी समाज के लोग

पोस्ट शेयर करे
पोस्ट शेयर करेरायपुर, राज्यपाल सुश्री अनुसुईया उइके से राजभवन में छत्तीसगढ़ सर्व…

भोरमदेव मंदिर में जल रिसाव; पुरातत्व टीम ने लिया जायजा,मंदिर के बाहरी भाग में भी चावल व केमिकल युक्त गुलाव व अन्य समाग्री छिड़कने पर प्रतिबंध लगाने की तैयारी

पोस्ट शेयर करे
पोस्ट शेयर करेरायपुर, राज्य शासन के संस्कृति एवं पुरात्व विभाग की टीम…

स्वतंत्रता दिवस पर राजधानी में सीएम बघेल करेंगे ध्वजारोहण, संक्षिप्त समारोह में कोरोना वारियर्स डॉक्टर्स, पुलिस, स्वास्थ्य और स्वच्छताकर्मियों को किया जाएगा सम्मानित

पोस्ट शेयर करे
पोस्ट शेयर करेरायपुर, प्रतिवर्ष की भांति इस वर्ष भी प्रदेश में स्वतंत्रता…