SIR; सुनवाई और दस्तावेज़ सत्यापन की प्रक्रिया 14 तक, मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन 21 फरवरी को

रायपुर, भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार अर्हता तिथि 01 जनवरी 2026 के संदर्भ में प्रदेश में मतदाता सूची को शुद्ध, पारदर्शी एवं त्रुटिरहित बनाने के उद्देश्य से विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision – SIR) 2026 की प्रक्रिया तीव्र गति से संचालित की जा रही है। वर्तमान में प्राप्त दावों एवं आपत्तियों पर सुनवाई तथा दस्तावेजों के सत्यापन की प्रक्रिया 14 फरवरी 2026 तक जारी है।
एसआईआर के अंतर्गत ड्राफ्ट मतदाता सूची का प्रकाशन 23 दिसंबर 2025 को किया गया था। इसके उपरांत दावे एवं आपत्तियाँ प्राप्त करने की प्रक्रिया 23 दिसंबर 2025 से 22 जनवरी 2026 तक पूर्ण की गई। एसआईआर की गणना चरण के दौरान प्राप्त गणना प्रपत्रों के आधार पर, जिन मतदाताओं का मिलान वर्ष 2003 की विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) मतदाता सूची से नहीं हो पाया, उन्हें संबंधित विधानसभा क्षेत्र के निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी (ERO) द्वारा नियमानुसार दस्तावेज प्रस्तुत करने हेतु नोटिस जारी किए गए। सभी संबंधित मतदाताओं को सुनवाई का पूर्ण अवसर प्रदान किया गया।
98 प्रतिशत नोटिसों की सुनवाई पूर्ण
सुनवाई के दौरान भारत निर्वाचन आयोग द्वारा मान्य 13 निर्धारित दस्तावेजों में से आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत किए गए। नियमानुसार सुनवाई एवं दस्तावेजों के परीक्षण के पश्चात, निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी द्वारा मतदाता सूची में नाम सम्मिलित किए जाने अथवा न किए जाने का अंतिम निर्णय लिया जा रहा है। यह प्रक्रिया 14 फरवरी 2026 तक जारी रहेगी। अब तक राज्य भर में जारी किए गए लगभग 98 प्रतिशत नोटिसों की सुनवाई पूर्ण की जा चुकी है।
21 फरवरी 2026 को मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन
दावों एवं आपत्तियों की सुनवाई तथा सत्यापन प्रक्रिया पूर्ण होने के पश्चात पात्र पाए गए आवेदनों का विधिवत निस्तारण किया जा रहा है। तथा 21 फरवरी 2026 को मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन किया जाएगा। विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के दौरान प्राप्त सभी दावा-आपत्तियों की सूची मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी, छत्तीसगढ़ की आधिकारिक वेबसाइट https://ceocg.gov.in पर उपलब्ध है, जिसका अवलोकन राज्य का कोई भी नागरिक कर सकता है।
नाम विलोपन को लेकर फैलाए जा रहे दावे भ्रामक
मतदाता सूची से नाम विलोपन को लेकर फैलाए जा रहे दावे भ्रामक हैं।मतदाता सूची से नाम हटाने के लिए लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 की धारा 22 के अंतर्गत, किसी भी मतदाता का नाम केवल निम्नलिखित तीन विशेष परिस्थितियों में ही हटाया जा सकता है मतदाता की मृत्यु होने पर,मतदाता के निवास स्थान का स्थायी रूप से अन्यत्र स्थानांतरण होने पर और मतदाता का नाम दोहरा (Duplicate) दर्ज होने की स्थिति में।
अपील करने का अधिकार
यदि कोई मतदाता निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी (ERO) के निर्णय से असहमत है, तो अधिनियम के तहत उन्हें अपील करने का अधिकार प्राप्त है । प्रथम अपील: लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम की धारा 24(क) के तहत जिला मजिस्ट्रेट (DM) के समक्ष।द्वितीय अपील_ प्रथम अपील के निर्णय से असंतोष होने पर धारा 24(ख) के अंतर्गत मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) के समक्ष कर सकते है। यह पूरी प्रक्रिया रजिस्ट्रेशन ऑफ इलेक्टर्स रूल्स, 1960 के नियम 27 में निहित प्रावधानों के अनुसार ही निष्पादित की जाती है।
अफवाहों अथवा भ्रामक सूचनाओं से बचें
विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) एक नियमित, निष्पक्ष एवं विधिसम्मत प्रक्रिया है, जिसका उद्देश्य किसी भी पात्र मतदाता को वंचित करना नहीं, बल्कि मतदाता सूची को अधिक विश्वसनीय एवं पारदर्शी बनाना है। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी, छत्तीसगढ़ श्री यशवंत कुमार ने नागरिकों से अपील की है कि वे किसी भी प्रकार की अफवाहों अथवा भ्रामक सूचनाओं से बचें तथा केवल आधिकारिक स्रोतों पर ही भरोसा करें। मतदाता सूची से संबंधित किसी भी सहायता के लिए नागरिक निर्वाचन आयोग की वेबसाइट, संबंधित बीएलओ अथवा जिला निर्वाचन कार्यालय से संपर्क कर सकते हैं।



