RAILWAY; 14 फेरे के लिए होली स्पेशल ट्रेन,यात्रियों को मिलेगी कन्फर्म बर्थ की सुविधा, एकीकृत डिजिटल प्लेटफॉर्म का विस्तार

*दुर्ग, बिलासपुर और गोंदिया जैसे प्रमुख स्टेशनों से किया जाएगा परिचालन
रायपुर, आगामी होली त्यौहार के दौरान यात्रियों को सुगम, संरक्षित एवं आरामदायक यात्रा सुविधा प्रदान करने दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के प्रमुख स्टेशनो से विभिन्न रेल मार्गों पर ‘होली स्पेशल’ ट्रेनों के 14 फेरे का परिचालन किया जाएगा ।
1. गाड़ी संख्या 08751/08752 दुर्ग-हजरत निजामुद्दीन-दुर्ग होली स्पेशल ट्रेन का परिचालन दोनों ओर से 02-02 फेरों के लिए किया जाएगा । यह ट्रेन दुर्ग से 01 व 02 मार्च (रविवार व सोमवार) को तथा वापसी में निजामुद्दीन से 02 व 03 मार्च (सोमवार व मंगलवार) को व्हाया न्यू कटनी जंक्शन होकर चलेगी। इस गाड़ी का ठहराव रायपुर, उसलापुर, पेंड्रा रोड, अनूपपुर, शहडोल एवं उमरिया स्टेशनों पर दिया गया है।
2. गाड़ी संख्या 08863/08864 गोंदिया-छपरा-गोंदिया होली स्पेशल ट्रेन का परिचालन दोनों ओर से 01-01 फेरों के लिए किया जाएगा । यह ट्रेन गोंदिया से 01 मार्च (रविवार) को तथा वापसी में छपरा से 03 मार्च (मंगलवार) को व्हाया न्यू कटनी जंक्शन होकर चलेगी। इस गाड़ी का ठहराव डोंगरगढ़, राजनांदगांव, दुर्ग, रायपुर, भाटापारा, उसलापुर, पेंड्रा रोड, अनूपपुर, शहडोल एवं उमरिया स्टेशनों पर दिया गया है।
3. गाड़ी संख्या 08865/08866 गोंदिया-छपरा-गोंदिया होली स्पेशल ट्रेन का परिचालन दोनों ओर से 01-01 फेरों के लिए किया जाएगा । यह ट्रेन गोंदिया से 02 मार्च (सोमवार) को तथा वापसी में छपरा से 04 मार्च (बुधवार) को व्हाया न्यू कटनी जंक्शन होकर चलेगी। इस गाड़ी का ठहराव डोंगरगढ़, राजनांदगांव, दुर्ग, रायपुर, भाटापारा, उसलापुर, पेंड्रा रोड, अनूपपुर, शहडोल एवं उमरिया स्टेशनों पर दिया गया है।
4. गाड़ी संख्या 08753/08754 दुर्ग-मधुबनी-दुर्ग होली स्पेशल ट्रेन का परिचालन दोनों ओर से 01-01 फेरों के लिए किया जाएगा । यह ट्रेन दुर्ग से 01 मार्च (रविवार) को तथा वापसी में मधुबनी से 02 मार्च (सोमवार) को व्हाया झारसुगुड़ा होकर चलेगी। इस गाड़ी का ठहराव रायपुर, बिलासपुर, चाम्पा एवं रायगढ़ स्टेशनों पर दिया गया है।
5. गाड़ी संख्या 08861/08862 गोंदिया-पटना-गोंदिया होली स्पेशल ट्रेन का परिचालन दोनों ओर से 01-01 फेरों के लिए किया जाएगा । यह ट्रेन गोंदिया से 02 मार्च (सोमवार) को तथा वापसी में पटना से 03 मार्च (मंगलवार) को व्हाया झारसुगुड़ा होकर चलेगी। इस गाड़ी का ठहराव डोंगरगढ़, राजनांदगांव, दुर्ग, रायपुर, भाटापारा, बिलासपुर, चाम्पा एवं रायगढ़ स्टेशनों पर दिया गया है।
6. गाड़ी संख्या 08263/08264 बिलासपुर-चर्लपल्ली-बिलासपुर होली स्पेशल ट्रेन का परिचालन दोनों ओर से 01-01 फेरों के लिए किया जाएगा । यह ट्रेन बिलासपुर से 27 फरवरी (शुक्रवार) को तथा वापसी में चर्लपल्ली से 28 फरवरी (शनिवार) को व्हाया बल्हारशाह होकर चलेगी। इस गाड़ी का ठहराव भाटापारा, रायपुर, दुर्ग, राजनांदगांव, डोंगरगढ़, गोंदिया, वड़सा एवं चांदा फोर्ट स्टेशनों पर दिया गया है।
‘रेलवन’ ऐप के माध्यम से यात्री सुविधाओं का सुदृढ़ीकरण एवं एकीकृत डिजिटल प्लेटफॉर्म का विस्तार
यात्रियों को एक ही एकीकृत डिजिटल प्लेटफॉर्म पर सभी सेवाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से ‘रेलवन’ ऐप का विस्तार किया जा रहा है । इस नवाचार का मुख्य उद्देश्य यात्रियों को अलग-अलग ऐप्स की जटिलताओं से मुक्त कर एक ‘यूनिफाइड प्लेटफॉर्म’ प्रदान करना है, जहाँ अनारक्षित टिकटिंग सहित समस्त यात्री सेवाएं प्राथमिक केंद्र के रूप में उपलब्ध रहेंगी । सुगम ट्रांजिशन सुनिश्चित करने के लिए रेलवे द्वारा इस एकीकरण को चार चरणों में क्रियान्वित किया जा रहा है ।
प्रथम चरण के अंतर्गत यूटीएस ऐप पर नए पंजीकरण और वेबसाइट सेवाओं को सीमित कर दिया गया है, जबकि मौजूदा उपयोगकर्ताओं के आर-वालेट को सुरक्षित रूप से ‘रेलवन’ वॉलेट में स्थानांतरित करने की प्रक्रिया शुरू की जा चुकी है। वर्तमान में दोनों ऐप्स क्रियाशील रखे गए हैं ताकि यात्री बिना किसी बाधा के अपनी सुविधानुसार नए प्लेटफॉर्म पर शिफ्ट हो सकें । एकीकरण के अगले चरणों में सीजन टिकट धारकों की सुविधा और डेटा सुरक्षा को विशेष प्राथमिकता दी गई है। द्वितीय चरण के दौरान पुराने ऐप पर सीजन टिकट बुकिंग को सीमित करते हुए यात्रियों को ‘रेलवन’ ऐप अपनाने हेतु निरंतर प्रेरित किया जा रहा है, जिसके लिए ऐप के भीतर ही ‘वन-टाइम ट्रांसफर’ का विकल्प उपलब्ध कराया गया है । इसके पश्चात, तृतीय एवं चतुर्थ चरण में समस्त बुकिंग कार्यक्षमता को पूरी तरह से ‘रेलवन’ प्लेटफॉर्म पर केंद्रित कर दिया जाएगा, जहाँ यात्रियों के सक्रिय टिकट और वॉलेट बैलेंस स्वतः ही उपलब्ध रहेंगे । यदि किसी यात्री का सक्रिय टिकट पुराने ऐप में प्रदर्शित नहीं होता है, तो वे ‘रेलवन’ ऐप में लॉगिन कर उसे प्राप्त कर सकेंगे ।




