STRIKE; वेतन विसंगति समेत सात सूत्रीय मांगों को लेकर KVK कर्मचारियों की बेमुद्दत हडताल 23 से

0 विश्वविद्यालय बोला- हमारे पास देने को पैसे नहीं
रायपुर, छत्तीसगढ़ कृषि विज्ञान केंद्र (KVK) के अधिकारी-कर्मचारियों की वेतन विसंगति, सेवा-लाभ बहाली और पिछले 18 महीनों से लंबित देयकों को लेकर पांच दिवसीय कामबंद हड़ताल सह धरना-प्रदर्शन किया गया। इस दौरान कुलपति से हुई वार्ता बेनतीजा रही । इसके बाद छत्तीसगढ़ कर्मचारी-अधिकारी फेडरेशन ने कड़ा रुख अपनाते हुए आंदोलन को और तेज करने की चेतावनी दी। आखिरकार छत्तीसगढ़ कृषि विज्ञान केंद्र के अधिकारी-कर्मचारियों ने 23 फरवरी से बेमुद्दत हडताल का ऐलान कर दिया है।
सात सूत्रीय मांगों
01 GPF या NPS की पूर्ण बहाली विश्वविद्यालय नियमों के अनुसार की जाए 02 चिकित्सा एवं अन्य वैधानिक भत्ते सभी कर्मचारियों को समान रूप से दिया जाए 03 CAS एवं उच्च वेतनमान योजनाएं बहाल कर निष्पक्ष करियर उन्नति सुनिश्चित की जाए 04 नियुक्ति आदेश एवं विश्वविद्यालय अधिनियम 1987 के अनुरूप कृषि विज्ञान केंद्र के कर्मचारियों की सभी समतुल्य सेवा लाभ प्रदान किया जाए 05 सेवानिवृत्ति आयु तकनीकी कर्मचारियों के लिए 65 वर्ष और गैर तकनीकी के लिए 62 वर्ष निर्धारित की जाए 06 सेवानिवृत्ति उपरांत सभी लाभ पेंशन ग्रेच्युटी पारिवारिक पेंशन और चिकित्सा सुविधा का पूरा लाभ दिया जाए 07 कृषि विज्ञान केंद्र के स्टाफ को पहले की तरह उच्च शिक्षा की अनुमति फिर से प्रदान की जाए
ICAR के नए निर्देश से शुरू हुई परेशानी
विश्वविद्यालय ने कृषि विज्ञान केंद्र (KVK) के अधिकारियों और कर्मचारियों की समस्याओं को लेकर कहा है कि वेतन से जुड़ी विसंगतियों को दूर करने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। कृषि विज्ञान केंद्र पूरी तरह से भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (ICAR) से वित्त पोषित हैं। लेकिन ICAR ने 20 अगस्त 2024 को नए निर्देश जारी किए, जिसके बाद एनपीएस अंशदान, पेंशन अनुदान अन्य भत्तों में कटौती कर दी गई। अब ICAR सिर्फ मूल वेतन, महंगाई भत्ता और मकान किराया भत्ता ही दे रहा है। विश्वविद्यालय का कहना है कि भारत में कुल 731 कृषि विज्ञान केंद्र हैं। नए नियमों के बाद सभी जगह पूरे वेतन का भुगतान करना मुश्किल हो गया है।




