कोरापुट, ओडिशा पुलिस ने नशे के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई करते हुए 205 करोड़ रुपये मूल्य के मादक पदार्थ जब्त किए हैं। कोरापुट जिले में की गई इस कार्रवाई में करीब 200 करोड़ रुपये की हशीश और 5 करोड़ रुपये का गांजा बरामद किया गया। बताया जा रहा है कि देश में पहली बार इतनी बड़ी मात्रा में गांजा और हशीश एक साथ पकड़ी गई है।
जंगल के बीच बना था गुप्त डिपो
पुलिस जांच में सामने आया है कि झोलापुट जलाशय के पास घने जंगलों के बीच अवैध ड्रग्स डिपो संचालित किया जा रहा था। स्थान का चयन इस तरह किया गया था कि बाहरी लोगों को इसकी भनक तक न लगे। यह ठिकाना ओडिशा और आंध्रप्रदेश की सीमा के पास था, जिससे तस्करों को आवागमन और सप्लाई में आसानी हो सके।

गांजे से निकाला जा रहा था तेल, तैयार हो रही थी हशीश
जांच के दौरान खुलासा हुआ कि यहां गांजे से तेल निकालकर हशीश तैयार की जा रही थी। यानी कच्चे माल से लेकर तैयार माल तक की पूरी प्रक्रिया जंगल के भीतर ही चल रही थी। तैयार मादक पदार्थों को देश के अलग-अलग राज्यों में सप्लाई किया जाता था।
हरियाणा से जुड़े तार, दो पैडलर गिरफ्तार
कार्रवाई के दौरान हरियाणा से आए दो पैडलरों को गिरफ्तार किया गया है। पूछताछ में संकेत मिले हैं कि इस अवैध कारोबार के लिए देशभर में सप्लाई का संगठित नेटवर्क खड़ा किया गया था। पुलिस अब इस नेटवर्क के अन्य सदस्यों और मुख्य सरगना की तलाश में जुटी है।
बड़े सवालों की जांच जारी
सबसे बड़ा सवाल यह है कि इतने बड़े स्तर पर चल रही इस फैक्ट्री को कौन संचालित कर रहा था? क्या इसे किसी का संरक्षण प्राप्त था? और इस नेटवर्क की जड़ें किन-किन राज्यों तक फैली हैं? इन सभी बिंदुओं पर ओडिशा पुलिस गहन जांच कर रही है। नशे के खिलाफ कार्रवाई के मामले में ओडिशा अब देश में अग्रणी राज्य के रूप में उभरा है। जहां एक ओर बड़े पैमाने पर मादक पदार्थों की खेती सामने आई है, वहीं दूसरी ओर इतनी बड़ी जब्ती ने नशे के नेटवर्क को गहरी चोट पहुंचाई है। पुलिस का दावा है कि यह कार्रवाई तस्करी के संगठित गिरोहों के लिए बड़ा झटका साबित होगी।




