COURT; पत्नीहंता को उम्रकैद की सजा, कोर्ट ने कहा- ‘ऐसे जघन्य अपराध में नरमी का कोई आधार नहीं’

रायपुर, पत्नी पर पेट्रोल डालकर उसे जिंदा जलाने वाले आरोपी पति को रायपुर की अदालत ने आजीवन कारावास (उम्रकैद) की सजा सुनाई है। चतुर्दश अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश जितेंद्र प्रधान की अदालत ने आरोपी खेमराज महेश्वरी को भारतीय दंड संहिता की धारा 302 के तहत दोषी करार देते हुए उम्रकैद और 5 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है। अर्थदंड की राशि जमा नहीं करने पर आरोपी को छह माह का अतिरिक्त सश्रम कारावास भुगतना होगा। अदालत ने आदेश में कहा कि आरोपी 19 जनवरी 2024 से न्यायिक हिरासत में है और अब तक 893 दिन जेल में बिता चुका है। इस अवधि को भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता के प्रावधानों के तहत उसकी सजा में समायोजित किया जाएगा।

अभियोजन के अनुसार, घटना 17 जनवरी 2024 की है। आरोपी खेमराज महेश्वरी अपनी पत्नी अमरिका महेश्वरी और बच्चों के साथ लाभांडी जैतखाम चौक के पास रहता था। घरेलू विवाद के दौरान उसने पत्नी को मायके जाने के लिए कहा। जब पत्नी ने जाने से इनकार किया तो आरोपी ने उसे जान से मारने की धमकी दी और घर से बाहर चला गया।कुछ देर बाद वह प्लास्टिक की बोतल में पेट्रोल लेकर लौटा और पत्नी के शरीर पर पेट्रोल डालकर लाइटर से आग लगा दी। इस घटना में अमरिका महेश्वरी गंभीर रूप से झुलस गई थीं। उन्हें इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई।

बेटे और बेटी के सामने जलाया

घटना के समय दंपति के दोनों बच्चे लक्ष्मी महेश्वरी और रिहान महेश्वरी घर पर मौजूद थे। दोनों ने घटना को अपनी आंखों से देखा था। मृतका की मां सोना बाई जांगड़े की शिकायत पर थाना तेलीबांधा में पहले हत्या के प्रयास का मामला दर्ज किया गया था, जिसे बाद में महिला की मौत के बाद हत्या की धारा में परिवर्तित कर दिया गया।

कोर्ट की सख्त टिप्पणी

सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष ने यह दलील दी कि यह आरोपी का पहला अपराध है, इसलिए सजा में नरमी बरती जाए। हालांकि, अदालत ने इस तर्क को खारिज करते हुए कहा कि जिस प्रकार आरोपी ने अपनी पत्नी पर पेट्रोल डालकर उसे जिंदा जलाया, वह अत्यंत जघन्य अपराध है और ऐसे मामले में नरमी बरतने का कोई आधार नहीं बनता। अदालत ने अपने फैसले में कहा कि यह मामला ‘विरल से विरलतम’ श्रेणी का नहीं है, इसलिए मृत्युदंड नहीं दिया जा सकता, लेकिन अपराध की गंभीरता को देखते हुए आरोपी को आजीवन कारावास की सजा देना न्यायोचित है।

  • Narayan Bhoi

    Narayan Bhoi is a veteran journalist with over 40 years of experience in print media. He has worked as a sub-editor in national print media and has also worked with the majority of news publishers in the state of Chhattisgarh. He is known for his unbiased reporting and integrity.

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