
नईदिल्ली, नई दिल्ली में मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विपक्षी दलों के प्रदर्शन के दौरान लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, RSS प्रमुख मोहन भागवत और CEC ज्ञानेश कुमार पर तीखा हमला बोला. राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि इन लोगों ने देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था को नुकसान पहुंचाया है.
आकाशवाणी भवन में धरने पर बैठे राहुल गांधी ने 6 अक्टूबर को कहा, “हम सिर्फ उनका मुकाबला नहीं करने जा रहे हैं, हम उन्हें खत्म करने जा रहे हैं.” उन्होंने कहा कि उन्हें इस बात में कोई दिलचस्पी नहीं है कि BJP क्या कहती है और वह भारत के लोकतंत्र को बचाने के लिए यहां खड़े हैं. राहुल के मुताबिक, कुछ घंटे पहले करीब 300 लोकसभा और राज्यसभा सांसद उनके साथ यहां पहुंचे थे और वे भी लोकतंत्र को बचाने की कोशिश कर रहे हैं.
राहुल गांधी ने कहा, “कुछ समय पहले लोकसभा और राज्यसभा के करीब 300 सांसद यहां आए थे. हम चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और उनके दो सहयोगियों से मिलना चाहते थे. पुलिस ने हमें यहां रोक दिया. हम भारत के लोगों के प्रतिनिधि हैं और देश की आवाज़ का प्रतिनिधित्व करते हैं. मुझे नहीं पता कि 300 सांसदों को यहां क्यों रोका गया है, क्यों बिठाया गया है और उन्हें चुनाव आयोग जाने क्यों नहीं दिया जा रहा है. मुझे नहीं पता कि क्या समस्या है.”
राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि सरकार ने ‘वोट चोरी’ के जरिए देश को ‘हाइजैक’ किया है और ज्ञानेश कुमार ने इसमें उनकी मदद की है. उन्होंने कहा कि देश के युवा भी इस बात को समझते हैं और यहां प्रदर्शन रोकने वाले पुलिसकर्मी भी यही बात कह रहे थे. उन्होंने आगे कहा कि “आप देखेंगे, इनमें से एक भी नहीं बचेगा” और दावा किया कि सभी के खिलाफ कार्रवाई होगी, चाहे वह कोई भी हो. राहुल गांधी ने कहा कि देश के साथ जो किया गया है, उसे ‘देशद्रोह’ कहा जाता है और ‘कोई बचने वाला नहीं है.’
ज्ञानेश कुमार और ‘वोट चोरी’ के खिलाफ विपक्षी सांसद संसद के मकर द्वार से चुनाव आयोग मुख्यालय की ओर मार्च कर रहे थे और चुनाव आयुक्तों से मुलाकात की मांग कर रहे थे. रिपोर्टों के मुताबिक, पुलिस ने विपक्ष मार्च को निर्वाचन आयोग की तरफ जाने से रोक दिया, जिसके बाद राहुल गांधी समेत विपक्षी सांसदों ने विरोध जताया. राहुल गांधी ने सवाल उठाया कि जब 300 से ज्यादा सांसद चुनाव आयुक्तों से मिलने आए हैं तो उन्हें मिलने क्यों नहीं दिया जा रहा.
मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ इंडी गठबंधन के सांसदों का दिल्ली में विरोध मार्च
भारत निर्वाचन आयोग और मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ इंडी गठबंधन के सांसदों ने दिल्ली में विरोध मार्च निकाला. प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा को पुलिस ने कुछ देर के लिए हिरासत में लिया और बाद में रिहा कर दिया. वहीं, लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी पुलिस बैरिकेड पर चढ़कर राष्ट्रीय ध्वज लहराते हुए नजर आए. विरोध प्रदर्शन के दौरान इंडी गठबंधन के नेताओं ने चुनाव आयोग पर मतदाता सूची में कथित गड़बड़ियों और वोटों को हटाने के आरोप लगाए. प्रदर्शनकारियों ने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए ईसीई ज्ञानेश कुमार को हटाने की मांग की.
सांसद धर्मेंद्र यादव ने चुनाव आयोग पर तीखा हमला बोला
समाजवादी पार्टी के सांसद धर्मेंद्र यादव ने चुनाव आयोग पर तीखा हमला बोला. उन्होंने कहा, “चुनाव आयोग झूठ बोल रहा है. चुनाव आयोग बेईमान है। चुनाव आयोग लोकतंत्र का डकैत है. मुख्य चुनाव आयुक्त अपने साथी चुनाव आयुक्तों की बात सुनने को भी तैयार नहीं हैं. आरोप चुनाव आयोग पर हैं, तो भाजपा सफाई क्यों दे रही है?” कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा, “हम जो आंदोलन चला रहे हैं और राहुल गांधी ने जिस मुद्दे पर जोर दिया है, वह देश के युवाओं, महिलाओं, किसानों और गरीबों के अधिकारों से जुड़ा है. हमारे लोगों ने संघर्ष, जेल और फांसी तक का सामना करके जो आजादी हासिल की थी, उसे अब छीना जा रहा है. सत्ता में बने रहने के लिए वे (भाजपा) हरसंभव तरीके से लोगों के अधिकार छीन रहे हैं.”







