
यूँ तो क्रिकेट में जीत हार होते रही है और आगे भी होते रहेगी लेकिन जब टीम हार के कगार पर हो और केवल एक विकेट वह भी विशुद्ध बॉलर का हो तो जीतने वाली टीम की जीत मायने रखती है। फरवरी 2019 में दक्षिण अफ्रीका और श्री लंका के बीच खेला गया टेस्ट इस बात का गवाह है कि इरादे अगर मजबूत हो तो हार को जीत में बदला जा सकता है।
ये टेस्ट क्रिकेट इतिहास का ऐसा मैच है जिसमें दसवें विकेट के लिए रिकॉर्ड 78 रन की भागीदारी कुशल परेरा और विश्व फर्नांडो के बीच हुई और जीत के मुहाने पर पहुंचने के बावजूद दक्षिण अफ्रीका न केवल टेस्ट श्रृंखला बराबर करने से चूक गया बल्कि श्री लंका 2-0 से श्रृंखला जीत ली
डरबन में 1-0 से पिछड़ने के बाद दक्षिण अफ्रीका ने पहले बैटिंग करते हुए 235 रन बनाए। श्री लंका की पहली इनिंग 191 रन पर सिमट गई।दक्षिण अफ्रीका ने दूसरी इनिंग में 259 रन बनाकर श्री लंका को 304 रन चौथी इनिंग में बनाने का लक्ष्य दिया। स्टेन, रबाडा, केशव महराज सहित एल्गर जैसे बॉलर्स ने श्री लंका के 9 विकेट 226 रन पर निकाल लिए। जीत के लिए दक्षिण अफ्रीका को एक विकेट और श्रीलंका को 78 रन की जरूरत थी। मिडिल ऑर्डर के बैट्समैन कुशल परेरा 82 रन पर नॉट आउट थे। अंतिम विकेट के रूप में विश्व फर्नांडो जो कि शुद्ध बॉलर थे, आए। दोनों ने मिलकर रन जोड़ने शुरू किये। कुशल परेरा ने सेंचुरी लगाने के बाद अपनी शानदार बैटिंग का मुजायरा करते हुए 150 रन पूरे किए। विश्व फर्नांडो 27 बाल खेलकर 6 रन बनाए जीत से दूर कुछ कदम रहने पर कुशल परेरा ने 153 रन नाबाद की पारी खेल कर श्री लंका को एक विकेट से जीता दिया। टेस्ट इतिहास में चौथीं इनिंग में 78 रन बना कर टेस्ट जीतने का इकलौता रिकॉर्ड है।
इस टेस्ट के छह महीने बाद हेडिंग्ले के स्टेडियम में ऑस्ट्रेलिया के विरुद्ध चौथी पारी में जीत के लिए 76 रन के लक्ष्य को 9 विकेट गिरने के बावजूद इंग्लैंड के बेन स्टोक्स ने 135 नॉट आउट और जेक लीच के एक रन नॉट आउट की साझेदारी ने इंग्लैंड को जीतने और ऑस्ट्रेलिया को हारने पर मजबूर कर दिया। ऑस्ट्रेलिया ने पहली इनिंग में 179 रन बनाए जिसके जवाब में इंग्लैंड सिर्फ 67 रन पर ऑल आउट हो गया। ऑस्ट्रेलिया ने दूसरी पारी 246 रन बनाकर 360 रन का कठिन लक्ष्य दिया इंग्लैंड के 9 विकेट 286 रन पर गिर गए । दसवें विकेट के लिए बेन स्टोक्स और जेक लीच ने जो प्रदर्शन किया वो अविस्मरणीय है।ये दोनों परियाँ हमेशा याद रखी जाएगी।
स्तंभकारा-संजय दुबे







