कृषि

बारिश से फिर भीगा धान , 27.54 मी.टन धान पडा है उपार्जन केंद्रो में

बेमौसम बारिश का कहर ,चेतावनी के बाद भी सुरक्षित नहीं रखा धान

 रायपुर। बेमौसम बारिश से एक बार फिर सहकारी समितियो के उपार्जन केंद्रों में खुले आसमान के नीचे पडा धान भीग गया है। चेतावनी केबाद भी बारिश से धान को ढकने का उपाय भी नहीं किया गया। बादल नहीं खुलने से भीगे धान के खराब होने कीआशंका है। करीब 27 लाख 54 हजार मी. टन धान उपार्जन केंद्रों के खुले प्रांगण में पड़ा हुआ है जिसके भीगने की पूरी आशंका है। इसी तरह संग्रहण केंद्रों में भी खुले में धान के भीगने की खबर है।

सहकारी समितियों के माध्यम से प्रदेश में अब तक करीब 7ओ.40 लाख मीट्रिक टन धान की खरीदी हुई है जिसमें से राइस मिलो को 33 लाख 62 हजार मि. टन धान दिया गया है एवं 9.24 लाख मीट्रिक टन धान संग्रहण केंद्रो को दिया गया है।शेष करीब 27.54 मी. टन धान उपार्जन केंद्रों में पड़ा हुआ है। आज एवं कल प्रदेश में जगह जगह हुई वर्षा से इस धान के भीगने की आशंका है क्योंकि अभी बदली बारिश की स्थिति है। इसलिए धान में अंकुरण आने का खतरा भी बना हुआ है। धान जल्द नहीं सुखा तो खराब हो सकता है। पिछले महीने भी अचानक हुई बारिश से कहीं-कहीं पर थान भीग गया था। लेकिन जल्द धूप निकलने से । धान सूख गया एवं खराब होने से बच गया।

ताजा जानकारी के अनुसार अभी उपार्जन केंद्रों में करीब 27.54 लाख मी. टन पडा हुआ है जिसके भीगने की पूरी आशंका है कहीं पर धान को ढकने की खबर नहीं है हालाकि धान नहीं भीगने का दावा भी किया जा रहा हैं। प्रदेश के कुछ स्थानो में 2 से 3 सेंटीमीटर बारिश हुई है। ऐसे में खुले प्रांगण में । पडे धान के भीगने से इंकार नहीं किया जा सकता। बताया गया है कि धान का उठाव नहीं होने से भी बड़ी मात्रा में धान उपार्जन केंद्रों में पड़ा हुआ है

मिली जानकारी के अनुसार। वर्तमान में। रायपुर में 53 हजार मी. टन महासमुंद में 2.75 लाख मी. टन गरियाबंद में 1.35 लाख मी. टन धमतरी में 1.19 लाख मी. बलोदबाजार में 2.72 लाख मि. राजनांदगांव में 2.12 लाख मी. कवर्धा में1.19 लाख मी. बेमेतरा में 1.88 लाख मी. बालोद में 1.77 लाख मी. रायगढमेन 1.80 लाख मी. मुंगेली में 1 लाख मी. जांजगीर में 2.65 लाख मी. एवम बिलासपुर में करीब 1.14 लाख मी.टन धान समितियो के प्रांगण में पडा हुआ है।

असमय बारिश से धान को सुरक्षित रखने खाद्य सचिव ने कलेक्टरों को दिए निर्देश

बारिश के कारण धान नही बेच पाए किसानों को पुनः जारी होगा टोक

खाद्य मंत्री अमरजीत भगत ने प्रदेश में हो रहे असमय बारिश से खरीदी केन्द्रों में रखे गए धान को सुरक्षित रखने समुचित उपाय करने के निर्देश दिए हैं। खाद्य विभाग के सचिव कमलप्रीत सिंह ने आज राज्य के सभी कलेक्टरों एवं संचालक छत्तीसगढ़ राज्य सहकारी विपणन संघ और प्रबंध संचालक अपेक्स बैंक नवा रायपुर को पत्र भेजकर आकस्मिक वर्षा से धान को सुरक्षित रखने के लिए निर्देश जारी किए हैं। खाद्य सचिव द्वारा जारी पत्र के अनुसार  राज्य शासन द्वारा धान की सुरक्षा एवं रख-रखाव के लिए समितियों को तीन रूपए प्रति क्विंटल की दर से राशि प्रदान की जाती है। आकस्मिक वर्षा के कारण जिन किसानों ने अपना धान नही बेच पाए हैं, उन्हें धान बेचने के लिए पुनः टोकन जारी किया जाएगा।

पानी निकासी करे
खाद्य सचिव ने धान खरीदी केन्द्रों में धान की सुरक्षा के लिए जरूरत के मुताबिक पानी का निकासी और कैप कव्हर से ढक कर रखने, उपार्जित धान को ड्रेनेज के ऊपर स्टेक लगाकर रखने, धान के स्टेक को कैप कव्हर, पॉलीथिन से ढक कर रखने तथा खरीदी केन्द्रों में पानी के निकास हेतु आवश्यक व्यवस्था करने के निर्देश दिए हैं। डॉ. कमलप्रीत ने सभी नोडल अधिकारियों को धान खरीदी केन्द्रों में नियमित भ्रमण कर धान के सुरक्षित रख-रखाव, ड्रेनेज एवं कैप कव्हर की व्यवस्था का निरीक्षण कर आवश्यकतानुसार व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
42.52 लाख मी. टन धान का उठाव

सचिव डॉ. कमलप्रीत सिंह ने बताया कि प्रदेश में खरीफ विपणन वर्ष 2019-20 में समर्थन मूल्य पर किसानों से 6 फरवरी तक 70 लाख 19 हजार मीट्रिक टन धान की खरीदी की जा चुकी है। कुल खरीदी गई धान में से 42 लाख 52 हजार मीट्रिक टन धान का उठाव हो चुका है और 27 लाख 67 हजार मीट्रिक टन धान खरीदी केन्द्रों में उठाव के लिए शेष है। वर्तमान में प्रदेश के विभिन्न भागों में आकस्मिक वर्षा की स्थिति निर्मित हुई है। वर्षा से धान को सुरक्षित रखने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं।

रायपुर जिले मेंं नहींं भीगा धान खाद्य नियंत्रक अनुराग सिह नेे दावा कि या कि जिले मेंं बारिश से धान नहींं भीगा है धान को ढक रखा गयाा था वैसेे भी जिलेे में मात्र 50 हजार मी. टन धान ही उपार्ज न केेद्रो मेंं था । राज्य सरकार और कांग्रेस पार्टी गंभीर

प्रदेश कांग्रेस कमेटी के महामंत्री एवं संचार विभाग के अध्यक्ष शैलेश नितिन त्रिवेदी ने कहा है कि किसानों के साथ भूपेश बघेल की सरकार और कांग्रेस पार्टी खड़ी है। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल धान खरीदी असमय बारिश के कारण आ रही समस्याओं और किसानों को कोई तकलीफ न हो इसके लिये गंभीर है। बेमौसम बारिश से धान को बचाने के लिए कलेक्टरों को निर्देश दिया गया है। बारिश के कारण धान नही बेच पाए किसानों को फिर से टोकन जारी किया जाएगा। असमय हो रही बारिश के कारण किसानों को धान बेचने में हुई असुविधा को दूर करने एवं अभी तक किसानों से खरीदे गये धान को बारिश से बचाने के लिये सरकार युद्ध स्तर पर काम कर रही है। राज्य में पंजीकृत 19 लाख 52 हजार 736  किसानों से प्रति एकड़ 15 क्विंटल धान खरीदने राज्य सरकार प्रतिबद्ध है।

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