कृषि

मुख्यमंत्री ने फसल क्षति का आंकलन करने कलेक्टरों को दिए निर्देश

प्रभावित किसानों को राजस्व पुस्तक परिपत्र के तहत दी जाएगी आर्थिक सहायता बेमौसम बारिश एवम ओला गिरने से रवि फसल क्षति का मामला
रायपुर, मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने प्रदेश के सभी कलेक्टरों को बेमौसम बरसात और ओलावृष्टि से फसलों को हुए नुकसान का आंकलन कर एक सप्ताह के भीतर रिपोर्ट देने के निर्देश दिए हैं। गौरतलब है कि राज्य के विभिन्न स्थानों में बीते दिन बेमौसम बरसात और ओलावृष्टि के कारण किसानों की रवि फसलों की क्षति की संभावना को देखते हुए मुख्यमंत्री द्वारा जिला कलेक्टरों को तत्काल प्रभावित इलाकों में इसका सर्वे करने के निर्देश दिए गए हैं।

मुख्यमंत्री ने प्राकृतिक आपदा के कारण फसल की क्षति 33 प्रतिशत से अधिक होने पर राजस्व पुस्तक परिपत्र 6-4 में निहित प्रावधान के अनुसार प्रभावित किसानों को आर्थिक अनुदान सहायता देने के निर्देश दिए हैं। राजस्व विभाग द्वारा फसल क्षति की जानकारी निर्धारित परिपत्र में एक सप्ताह के भीतर उपलब्ध कराने के लिए प्रदेश के सभी कलेक्टरों को पत्र भेजा गया है। पत्र में बेमौसम बरसात एवं ओलावृष्टि से हुई फसल क्षति एवं अनुदान सहायता की जानकारी राजस्व विभाग के ईमेल आई डी या फैक्स नम्बर 2510823 भिजवाने कहा गया है। ओलावृष्टि से बागवानी फसलों के नुकसान में बीमा क्लेम के लिए हेल्पलाइन नम्बर जारी

 प्रदेश में बीते दिनों हुई बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि से बागवानी फसलों के नुकसान पर किसान बीमा कम्पनियों से दावा कर सकते हैं। इस के लिए उद्यानिकी संचालनालय द्वारा हेल्पलाइन नम्बर जारी किया गया है। विगत दो-तीन दिवसों में राज्य के विभिन्न जिलों में असामयिक वर्षा एवं ओलावृष्टि के होने से उद्यानिकी फसलों को क्षति हुई है। राज्य में उद्यानिकी फसलों के लिये पुनर्गठित मौसम आधारित फसल बीमा योजना लागू है। इस योजना के अंतर्गत वर्तमान अवधि में कवर होने वाले अधिसूचित उद्यानिकी फसलों केला, पपीता, मिर्च, टमाटर, बैगन, फूलगोभी, पत्तागोभी, प्याज एवं आलू में बेमौसम वर्षा एवं ओलावृष्टि से होने वाली क्षति के लिये क्षति पूर्ति दिये जाने का प्रावधान है। 10 दिन में फसल क्षतिपूर्ति का निर्धारण

राज्य में उद्यानिकी फसलों के बीमा हेतु मेसर्स बजाज एलायंस जनरल इंश्युरेंस कंपनी को अधिकृत किया गया है। अतः अधिसूचित उद्यानिकी फसलों का उत्पादन करने वाले ऐसे कृषक, जिनके द्वारा अपनी फसल का बीमा कराया गया हो, तथा उनकी फसलों को ओलावृष्टि से नुकसान हुआ हो तो वे 72 घण्टों के भीतर बीमा कंपनी को उनके टोल फ्री नंबर 1800-209-5858 पर सूचित करें। क्षति की सूचना कृषक अपने संबंधित बैंक, स्थानीय उद्यानिकी विभागध्जिला अधिकारी को भी दे सकते हैं। कृषक द्वारा सूचित किये जाने पर विभाग द्वारा 48 घण्टे के भीतर बीमित फसल के ब्यौरे, क्षति की मात्रा तथा क्षति के कारण सहित बीमा कंपनी को सूचित किया जावेगा। हानि संबंधी सूचना मिलने पर बीमा कंपनी द्वारा क्षेत्र में फसल की हानि का अनुमान लगाने के लिये 48 घण्टे के भीतर हानि निर्धारक की नियुक्ति कर 10 दिवस के भीतर क्षतिपूर्ति निर्धारित किया जावेगा। जिला स्तर पर पदस्थ विकासखण्ड स्तरीय उद्यानिकीध्राजस्व विभाग के अधिकारी फसल क्षति का अनुमान लगाने में उपयुक्त सहायक करेंगे। पखवाडे भर में फसल क्षतिपूर्ति का भुगतान

बीमा कंपनी द्वारा क्षति आंकलन करने के 15 दिवस के भीतर क्षति पूर्ति राशि का भुगतान बीमित कृषकों को किया जावेगा। अतः अधिसूचित उद्यानिकी फसलों का उत्पादन कर रहे कृषकों को सलाह दी जाती है कि यदि उनके द्वारा अपनी फसल का बीमा कराया गया है तथा ओलावृष्टि से उनके फसलें क्षतिग्रस्त हुई हैं तो वे तत्काल इसकी सूचना बीमा कंपनी के टोल फ्री नंबर 1800-209-5858 पर देवें अथवा अपने संबंधित बैंक, स्थानीय उद्यानिकी विभागध्जिला अधिकारी को लिखित रूप से क्षति से संबंधित जानकारी देवें, जिससे कि उन्हें क्षतिपूर्ति राशि का भुगतान हेतु आवश्यक कार्यवाही की जा सके। उपसंचालको को फसल क्षति का आंकलन करने निर्देश इधर संंचालक कृषि टी एस सोनवानी ने भी उप संंचालको को किसानो की फसल क्षति का सर्वे करने की हिदायत दी है ताकि बीमा कंपनी से किसानो को फसल क्षतिपूर्ति की राशि दिलाने मेें कोई दिक्कत न हो। प्रदेेश में रवि फसल के रुप मेंं 16 लाख हेक्टेयर से ज्यादा रकबे में खेेेती की गयी हैैै। बारिश एवओले गिरने से फसल को काफी क्षति पहुंंची हैैै।।


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