रायपुर, छत्तीसगढ़ के राज्यपाल रमेन डेका ने आज अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स), रायपुर में 12-बेडेड अत्याधुनिक रेस्पिरेटरी इंटेंसिव केयर यूनिट (आईसीयू) का उद्घाटन किया। यह नवीन स्थापित सुविधा, पल्मोनरी मेडिसिन विभाग के अंतर्गत संचालित होगी। रेस्पिरेटरी आईसीयू उन्नत सुविधाओं से सुसज्जित है, जिनमें बेडसाइड ब्रोंकोस्कोपी, डायलिसिस समर्थन, एक्स्ट्राकॉर्पोरियल मेम्ब्रेन ऑक्सीजनशन (ECMO) सेवाएँ, आधुनिक वेंटिलेटर प्रणाली तथा सुदृढ़ संक्रमण नियंत्रण व्यवस्था शामिल हैं। यह इकाई गंभीर श्वसन रोगों से पीड़ित मरीजों को समग्र तृतीयक स्तर की चिकित्सा सेवाएँ प्रदान करने हेतु विशेष रूप से डिज़ाइन की गई है।
इस अवसर पर राज्यपाल ने स्वतंत्रता के पश्चात स्वास्थ्य अवसंरचना में हुए उल्लेखनीय विकास पर प्रकाश डालते हुए कहा कि बेहतर चिकित्सा सुविधाओं के कारण मृत्यु दर में उल्लेखनीय कमी आई है। देश स्वास्थ्य, इंजीनियरिंग एवं अंतरिक्ष सहित विभिन्न क्षेत्रों में निरंतर प्रगति कर रहा है और राष्ट्र निर्माण में चिकित्सकों की महत्वपूर्ण भूमिका तथा राष्ट्रीय विकास के लिए उत्तम स्वास्थ्य की आवश्यकता है।
राज्यपाल ने यह भी कहा कि नवा रायपुर में एक अतिरिक्त एम्स स्थापित करने की संभावना पर प्रशासन के साथ विचार-विमर्श चल रहा है। साथ ही, उन्होंने छत्तीसगढ़ में एक समर्पित कार्डियक केयर सेंटर की आवश्यकता पर भी बल दिया।
सद्भावना के प्रतीक स्वरूप राज्यपाल रमेन डेका ने एम्स रायपुर को 42 मल्टीफंक्शनल प्रिंटर भेंट किए। ये प्रिंटर संस्थान के विभिन्न विभागों में मरीज पंजीकरण, ओपीडी सेवाओं, नियमित रोगी देखभाल एवं प्रशासनिक कार्यों की दक्षता बढ़ाने में सहायक होंगे।
एम्स रायपुर के कार्यपालक निदेशक एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) अशोक जिंदल ने कहा कि नव स्थापित रेस्पिरेटरी आईसीयू लंबे समय से अनुभव की जा रही आवश्यकता की पूर्ति करता है तथा क्षेत्र में पल्मोनरी क्रिटिकल केयर सेवाओं को सुदृढ़ करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। इस कार्यक्रम में एम्स रायपुर के वरिष्ठ संकाय सदस्य, प्रशासनिक अधिकारी, पैरामेडिकल कर्मी एवं अन्य कर्मचारी उपस्थित रहे।






