
नईदिल्ली, नॉर्वे की नोबेल समिति ने 2026 का नोबेल शांति पुरस्कार भारतवंशी नवनेथेम ‘नावी’ पिल्लै को देने का ऐलान किया है। उन्हें दुनिया में शांति और अंतरराष्ट्रीय कानून को बढ़ावा देने की कोशिशों के लिए यह सम्मान दिया जाएगा। भारतीय मूल कि नवी पिल्लई को इस वर्ष का शांति का नोबल पुरस्कार प्रदान किया गया। नवी पिल्लई जी का परिवार मूलतः भारत के तमिलनाडु राज्य से है।
इधर नोबेल शांति पुरस्कार 2026 की आधिकारिक घोषणा हो चुकी है और यह प्रतिष्ठित सम्मान भारतीय मूल की दक्षिण अफ्रीका की दिग्गज मानवाधिकार रक्षक और अंतरराष्ट्रीय न्यायाधीश नवी पिल्ले NaviPillay को अंतरराष्ट्रीय कानून और शांति को बढ़ावा देने के लिए दिया गया है!
बताते चलें कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप भी शांति का नोबेल पुरस्कार चाहते थे यह उनका दूसरा प्रयास था लेकिन उनके कई तर्क देने के बाद भी उन्हें इस बार भी निराशा हाथ लगी और नोबेल का शांति पुरस्कार भारतीय मूल की महिला को दे दिया गया। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस बार शांति का नोबेल पुरस्कार पाने के लिए दावा किया था, लेकिन उन्हें निराशा हाथ लगी। उनका तर्क है कि वे विश्व के आठ युद्ध को रोकने में सफल रहे इसलिए उन्हें शांति का नोबेल प्राइज मिलना चाहिए।
नोबेल समिति ने पुरस्कार किसी राजनीतिक स्वार्थ या अमेरिकी राष्ट्रपति की सनक को देने के बजाय कानून, न्याय और मानवाधिकारों के लिए जीवन भर संघर्ष करने वाली नवी पिल्ले को चुनकर दुनिया को यह साफ संदेश दिया है कि शांति का सम्मान सिद्धांतों से मिलता है, चापलूसी से नहीं।

शहबाज शरीफ की चापलूसी नहीं आई काम, ट्रंप को नहीं मिला नोबेल शांति पुरस्कार, ट्वीट कर की थी अपील
नोबेल शांति पुरस्कार 2026 के ऐलान के साथ ही पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ को बड़ा झटका लगा है। उन्होंने आज फिर ट्वीट करते हुए अमेरिकी राष्ट्रपति के लिए नोबेल शांति पुरस्कार की मांग की थी लेकिन भारतीय मूल की दक्षिण अफ्रीकी मानवाधिकार कार्यकर्ता नवेनेथम ‘नावी’ पिल्ले को इस साल के नोबेल शाति पुरस्कार के लिए चुना गया है।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को खुश करने और उन्हें नोबेल शांति पुरस्कार दिलाने के लिए पाकिस्तान की तरफ से खेला गया कूटनीतिक दांव पूरी तरह से फ्लॉप साबित हुआ है। पाकिस्तान की तमाम मिन्नतों और सिफारिशों के बावजूद नोबेल कमेटी ने डोनाल्ड ट्रंप को दरकिनार करते हुए भारतीय मूल की दक्षिण अफ्रीकी ज्यूरिस्ट नवेनेथम ‘नावी’ पिल्ले के नाम पर मुहर लगा दी।
पाकिस्तान ने नोबेल के लिए ट्रंप को किया था नॉमिनेट
आज नोबेल पुरस्कारों की घोषणा से ठीक पहले पाकिस्तानी प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने डोनाल्ड ट्रंप के पक्ष में ट्वीट किया था। उन्होंने लिखा ‘राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दक्षिण एशिया में शांति को बढ़ावा देने में ऐतिहासिक भूमिका निभाई। उनके समय पर किए गए दखल ने पाकिस्तान और भारत को टकराव के कगार से वापस लाने और संघर्ष-विराम कराने में मदद की जो आज भी कायम है।’ उन्होंने आगे लिखा ‘उनके इस बेहतरीन योगदान को देखते हुए पाकिस्तान ने राष्ट्रपति ट्रंप को नोबेल शांति पुरस्कार के लिए नॉमिनेट किया था। हमें पूरी उम्मीद है कि हमारे क्षेत्र में शांति को बढ़ावा देने और टकराव को रोकने के लिए राष्ट्रपति के प्रयासों को इस बार उचित पहचान मिलेगी।’







