रायपुर, भारतीय जनता पार्टी ने राज्यसभा चुनाव के लिए अपने पहले उम्मीदवार के नाम की घोषणा कर दी है। पार्टी ने लक्ष्मी वर्मा को राज्यसभा का प्रत्याशी बनाया है। घोषणा के बाद पार्टी कार्यालय में उनका जोरदार स्वागत किया गया। बीजेपी कार्यालय में ढोल-नगाड़ों के साथ लक्ष्मी वर्मा का अभिनंदन किया गया। महिला मोर्चा की कार्यकर्ताओं ने आरती उतारकर उनका स्वागत किया। स्वागत कार्यक्रम में उप मुख्यमंत्री अरुण साव और संसदीय कार्य मंत्री केदार कश्यप भी शामिल हुए।
संघ की करीबी रहीं हैं लक्ष्मी वर्मा
जानकार बताते हैं कि लक्ष्मी वर्मा को पार्टी ने जब भी जो पद दिया, उस पद को उन्होंने सहर्ष स्वीकार किया. लक्ष्मी वर्मा को संगठन में काफी अनुभव रहा है. लक्ष्मी वर्मा जिला पंचायत अध्यक्ष रह चुकी हैं. पिछली बार उनकी बलौदाबाजार से टिकट की दावेदारी थी. लेकिन उन्हें टिकट नहीं मिला. बीजेपी में प्रदेश प्रवक्ता रही हैं. महिला मोर्चा के भी कई पदों पर रह चुके हैं. आरएसएस में वे काफी समय से सक्रिय हैं. संघ की वे काफी करीबी भी रही हैं. बीजेपी ने इससे पहले एक मात्र महिला नेता सरोज पांडेय को राज्यसभा भेजा था. सरोज पांडेय का कुछ दिनों पहले ही कार्यकाल पूरा हुआ है. अब बीजेपी छत्तीसगढ़ से राज्यसभा के लिए जाने वाली ये दूसरी महिला होंगी.
राजनीतिक जीवन की शुरुआत पार्षद से
राज्यसभा प्रत्याशी लक्ष्मी वर्मा ने कहा कि उन्होंने अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत पार्षद के रूप में की थी। उन्होंने स्वयं को “छत्तीसगढ़ माटी की बेटी” बताते हुए कहा कि राज्यसभा सांसद के रूप में नामांकन मिलना उनके लिए गौरव की बात है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और पार्टी संगठन का आभार व्यक्त किया। लक्ष्मी वर्मा ने कहा कि बीजेपी सरकार ने मातृशक्ति को प्राथमिकता दी है और उनका नामांकन इसी सोच का परिणाम है। वहीं उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने कहा कि पार्टी ने एक ओजस्वी और होनहार बेटी को राज्यसभा का उम्मीदवार बनाकर सम्मान दिया है।





