जवान दिखने का शौक व्यक्तियों में कोई नई बात नहीं है। जवान होने के संदर्भ अलग अलग हो सकते है। कोई पुरुषार्थ को जवानी का मापदंड मानता है तो कोई संतानोत्पत्ति को, तो कोई बलिष्ठ शरीर को जवानी का पर्याय मानता है। कोई स्त्री के उस पर आकर्षित होने को जवानी मानता है। इन सबसे परे अगर सर पर काले बाल (चाहे प्राकृतिक हो अप्राकृतिक) हो तो स्वीकारोक्ति है कि जवानी बरकरार है।
आजकल कृत्रिम जवानी पाने के लिए त्वचा को कसावट देने का मेडिकल ट्रीटमेंट सुविधा है। सर पर कृत्रिम बाल रोपे जा सकते है।विग चिपका कर गंजे सर को बालमय बनाया जा सकता है। इन सब कामों में खर्चा जबरदस्त है इसका उपयोग कर कृत्रिम साज सज्जा के बाद चाहे रेखा, नीता अंबानी, जितेंद्र, सलमान, शाहरुख, आमिर खान अचानक से एकदम जवान दिखने लग जाते है?
मनुष्य का जीवन सौ साल का माना जाता है। 35 साल को आयु के बाद अधेड़ जैसा शब्द जुड़ने लगता है 60 साल में व्यक्ति वृद्ध या बुजुर्ग माना जाता है। सरकारी भाषा में इन्हें वरिष्ठ नागरिक का दर्जा दिया गया है। इन आयु के लोगों को अशक्त मानते हुए ट्रेन में लोअर बर्थ दिए जाने का प्रावधान है।70 साल से अधिक आयु के व्यक्ति बूढ़ा कहलाते है। जितेंद्र का जन्म 7 अप्रैल 1942 को हुआ है। उन्होंने 84 साल की आयु पूर्ण कर लिया है। रेखा का जन्म 10 अक्टूबर 1954 का है वे भी 72 साल की हो गई है। नीता अंबानी 1 नवम्बर 1963 को जन्मी है वे भी 62 साल की है। शाहरुख खान,सलमान खान और आमिर खान भी अपने अपने साठ साल की आयु पूर्ण कर चुके है। सरकारी योजनाओं का लाभ लेना चाहे तो ये सभी सम्मानित भाषा में सीनियर सिटीजन (आंग्ल भाषा में) और वरिष्ठ नागरिक (देवनागरी भाषा में) कहलाने के लिए आयु के हिसाब से बाध्यकारी है।
बात फिल्म अभिनेता जितेंद्र की हो रही है। अतिवृद्ध की श्रेणी में वे आयु के हिसाब से आ चुके है। जब वे उम्र के हिसाब से जवान थे तभी से चिर युवा होने का प्रण ले चुके थे। मीठा खाना उन्होंने बहुत कम उम्र में छोड़ दिया था। उनसे बड़े देवानंद ने भी चिर युवा बनने के लिए लाख उपाय किए। सर पर काले बाल के विग लगाते रहे लेकिन कमबख्त उम्र समय के साथ दगा देते गई। शरीर के अस्थि के ऊपर की त्वचा में झुर्रियों ने सर्वत्र आक्रमण कर खोखला कर दिया। उस जमाने में जवान देखने के लिए बायो इंजीनियरिंग उतनी विकसित नहीं हुई थी जितनी आज हुई है। ये भी है कि संतुलित भोजन, अनुशासित दिनचर्या, योग व्यायाम से एक हद (पूर्णतः नहीं) तक उम्र को पांच दस साल पीछे धकेला जा सकता है लेकिन पंद्रह से पचास साल असंभव है।
फ़िल्मों में काम करने वाले नायक नायिकाओं की मजबूरी रहती है कि उन्हें सार्वजनिक जीवन में खास कर नायिकाओं को बन ठन कर आने की मजबूरी रहती है। ये भी कह सकते है कि कृत्रिमता का लबादा इतना अधिक होता है कि समझ में आ जाता है कि लीपा पोती जम कर हुई है। 84 और 71 साल के जितेंद्र और रेखा के शरीर में झुर्रियां न हो , हो ही नहीं सकता लेकिन। मेडिकल साइंस का कमाल है कि त्वचा में कृत्रिम रसायन डाल कर उन्हें फूला दिया जाता है। जितेंद्र, रेखा सार्वजनिक कार्यक्रमों में दिखते है तो समझ में आता है कि वृद्ध व्यक्ति कृत्रिम जवानी का लबादा ओढ़कर आए है।
माइकल जैक्सन की त्वचा प्राकृतिक रूप से सांवला रंग लिए हुए था, उन्हें गोरा दिखने की बीमारी लग गई। त्वचा का पिगमेंट बदलवा कर गोरे भी हो गए ।सच तो ये था कि दुनियां उनके असाधारण नृत्य प्रतिभा की दीवानी थी।हुआ क्या कृत्रिमता की दीवानगी उन्हें कब्र पर पहुंचा दी। श्री देवी सुंदर दिखने के चक्कर में अपने ओंठ का प्राकृतिक स्वरूप को खो बैठी। अनेक कलाकार अपने उम्र को छिपाने के लिए अनेक उपाय कर रहे है लेकिन ये पब्लिक है, सब जानती है….
स्तंभकार-संजय दुबे




