PADDY;धान में धन, धना धन ….

छत्तीसगढ़ को देश में धान का  कटोरा कहा जाता है। धान की महिमा इतनी अपरंपार है कि इसके बल पर  पांच सरकारें
सत्ता में आई गई है। डॉ रमन सिंह तीन बार धान की सफल नीति के चलते 15 साल मुख्यमंत्री रहे। भूपेश बघेल और विष्णु देव साय की सरकार बनी। यूं कहे कि जिस पार्टी ने किसानों को लुभाने में सफलता हासिल की उसकी सरकार बन गई।
 हर राजनैतिक दल ने प्रदेश के किसानों को अपने अपने तरीके से आकर्षित किया। भाजपा ने किसानों का ब्याज दर शून्य किया। समर्थन मूल्य पर तीन सौ  रुपए क्विंटल का बोनस दिया। किसानों को बिजली कम दरों में उपलब्ध कराई गई।
कांग्रेस ने भाजपा की तुलना में दुगुना बोनस छह सौ रुपए कर दिया। भाजपा में अपने तीसरे कार्यकाल के पहले दो साल में बोनस नहीं दिया था इसका दुष्परिणाम भुगता । भाजपा सत्ता से बाहर और कांग्रेस अंदर हो गई।
प्रदेश के पांचवे विधान सभा चुनाव में भाजपा ने  इकतीस सौ रुपए और इक्कीस क्विंटल प्रति एकड़ धान खरीदने की घोषणा कर बाजी पलट दी।  पिछले साल  विष्णु देव साय की सरकार अपने वादे को निभाते  हुए धान खरीदा। 150लाख मीट्रिक टन धान की रिकॉर्ड खरीदी हुई जो किसानों के लिए खुशी की बात थी तो सरकार के माथे पर चिंता की लकीरें खींचने वाली थी। भारत सरकार एक निश्चित मात्रा में अपने पूल में धान के बदले चांवल लेता है। शेष धान राज्य सरकार के हिस्से में आ जाता है। राज्य सरकार सार्वजनिक वितरण प्रणाली और दीगर योजनाओं में चांवल वितरण करती है। इसके बावजूद धान की मात्रा शेष होना कठिन हो जाता है।
पिछले साल का कई मीट्रिक टन धान का निराकरण नहीं हुआ है। कुछ धान संग्रहण केंद्रों में धान के रख रखाव ठीक न होने पर सरकार को नुकसान हुआ है। इस बार सरकार ने धान खरीदी के पहले ही कमर कस लिया था। खेतों में वास्तविक उपज कितनी हुई इसका आंकलन कर लिया। इससे फायदा ये हुआ कि  पिछले साल की तुलना में लगभग 10 लाख मीट्रिक टन धान की खरीदी कम किए जाने का लक्ष्य प्राप्त होते दिख रहा है। इस बार सरकार ने दीगर राज्यों से अवैध धान आने की प्रक्रिया को लगभग नियंत्रण में रखा जिसके चलते किसानों की आड़ में मुनाफा कमाने वाले सफल नहीं हो पाए। धान खरीदी केंद्रों और राइस मिलो पर क्रास चेक के जरिए रीसाइक्लिंग पर भी नियंत्रण हासिल किया। सतर्क एप के माध्यम से राज्य के दो सौ से अधिक धान खरीदी केंद्रों और सौ से अधिक राइस मिलर्स पर निगरानी कर  राज्य सरकार ने बड़ी अनियमितता को रोकने में सफलता हासिल की है। धान खरीदी केंद्रों में अनियमितता करने वाले 31 कर्मचारियों के विरुद्ध कार्यवाही के चलते प्रभावी नियंत्रण सरकार की सफलता रही है।
स्तंभकार- संजय दुबे

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