
नईदिल्ली, मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विपक्षी दलों का हल्ला-बोल अभी थमा नहीं है. सीजेपी ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग करते हुए कहा है कि जब तक उनकी मांग पूरी नहीं होती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा. उधर कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल ने कल विपक्षी इंडिया गठंबधन की तरफ से बड़े आंदोलन का ऐलान किया है. वहीं सूत्रों के मुताबिक, शहर के संवेदनशील इलाकों में दिल्ली पुलिस की तैनाती जारी रहेगी, क्योंकि CJP, AIYF, AISF और SFI की ओर से जंतर-मंतर पर एक और विरोध प्रदर्शन की आशंका है.
दरअसल कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रस्तावित विरोध प्रदर्शन को लेकर दिल्ली में अभूतपूर्व सुरक्षा इंतजाम देखे गए. सीजेपी के संस्थापक अभिजीत दिपके और नेता सौरव दास और आशुतोष रांका को दिल्ली के इंदिरा गांधी इंटरनेशनल (IGI) एयरपोर्ट पर उतरते ही हिरासत में ले लिया गया. वहीं टीएमसी सुप्रीम ममता बनर्जी और आम आदमी पार्टी (AAP) के प्रमुख अरविंद केजरीवाल सहित संजय सिंह, सौरभ भारद्वाज और दुर्गेश पाठक को भी विरोध प्रदर्शन के दौरान दिल्ली पुलिस ने हिरासत में ले लिया.
सीजेपी के बुलाए गए इस विरोध प्रदर्शन के दौरान दिल्ली पुलिस ने 7000 लोगों को हिरासत में लिया है. दिल्ली पुलिस के सूत्रों के अनुसार, महिला प्रदर्शनकारियों और वरिष्ठ नागरिकों को हिरासत केंद्रों से रिहा किया जा रहा है, जबकि सीजेपी नेताओं के मामले में कानूनी प्रक्रिया का पालन किया जाएगा. दरअसल पूरे शहर में पुलिस और अर्धसैनिक बलों के लगभग 25,000 जवानों को तैनात किया गया है. दिल्ली मेट्रो के 45 स्टेशन पर प्रवेश और निकास को लेकर पाबंदियां लगाई गई हैं. इसके अलावा राष्ट्रीय राजधानी की सीमाओं, रेलवे स्टेशन, बस टर्मिनल और अन्य संवेदनशील स्थानों पर निगरानी बढ़ा दी गई है.
कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने शुक्रवार को ‘लोकतंत्र बचाने के लिए आखिरी अपील’ की और अपने समर्थकों से 10 अक्टूबर को नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर पहुंचने को कहा था. वे वोटर लिस्ट के विशेष गहन पुनर्रीक्षण (SIR) प्रक्रिया का विरोध करने और चीफ इलेक्शन कमिश्नर (CEC) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग करने के लिए इकट्ठा होने वाले थे. हालांकि दिल्ली पुलिस ने CJP को जंतर-मंतर पर प्रस्तावित विरोध प्रदर्शन करने की इजाज़त नहीं दी. पुलिस का तर्क है कि इससे कानून-व्यवस्था की ‘गंभीर’ समस्या हो सकती है. पुलिस ने जुलाई के प्रदर्शन के लिए तय शर्तों के कथित उल्लंघन का हवाला दिया.
मेट्रो-ट्रेन सेवाओं पर असर
दिल्ली पुलिस की सिफारिश पर राजीव चौक, नई दिल्ली, केंद्रीय सचिवालय, पटेल चौक और कश्मीरी गेट सहित 45 दिल्ली मेट्रो स्टेशन पर शुक्रवार रात से प्रवेश और निकास द्वार अगली सूचना तक बंद कर दिये गये. दिल्ली मेट्रो रेल निगम (डीएमआरसी) के अनुसार, प्रतिबंध शनिवार को भी जारी रहेंगे तथा नयी दिल्ली मेट्रो स्टेशन को छोड़कर सभी प्रभावित स्टेशनों पर ‘इंटरचेंज’ (ट्रेन बदलने की) सुविधा उपलब्ध रहेगी. रेलवे सेवाएं भी बाधित होने की आशंका है. शनिवार तड़के चार बजे से दोपहर दो बजे के बीच नयी दिल्ली और हजरत निजामुद्दीन रेलवे स्टेशन पर आने या प्रस्थान करने वाली कई ट्रेन रद्द होने की सूचना है. प्रतिबंधों का उद्देश्य बड़े समूहों को संवेदनशील स्थानों पर एकत्र होने और उन क्षेत्रों की ओर जाने से रोकना है जहां प्रदर्शन की अनुमति नहीं है.
बॉर्डर इलाकों की सुरक्षा सख्त
राष्ट्रीय राजधानी की सीमाओं पर भी सुरक्षा कड़ी कर दी गई है. दिल्ली में प्रवेश करने वाले वाहनों की निगरानी बढ़ाने के साथ उनकी जांच भी की जा रही है. पुलिस होटल, अतिथि गृहों, लॉज और धर्मशालाओं की तलाशी ले रही है, जबकि बस टर्मिनल और अन्य परिवहन स्थलों पर भी कड़ी सतर्कता बरती जा रही है. इस बीच, पुलिस ने सोशल मीडिया मंचों की निगरानी बढ़ा दी है और प्रदर्शन के लिए लामबंदी के संबंध में 200 से अधिक ‘कंटेंट क्रिएटर’ जांच के दायरे में हैं. एहतियात के तौर पर शनिवार को दिल्ली भर में शराब की दुकानें बंद रहेंगी. मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) की आड़ में मतदाता सूचियों में गड़बड़ी करने और मतदाता पंजीकरण के दस्तावेज ‘फॉर्म 6’ में बदलाव के लिए दो सहयोगी निर्वाचन आयुक्तों की आपत्ति को दरकिनार करने के आरोप लग रहे हैं. पुलिस ने लोगों से गैर-जरूरी यात्रा से बचने का भी अनुरोध किया है. यातायात पुलिस की ओर से जारी परामर्श के अनुसार, यातायात प्रबंधन के उपाय मौके की स्थिति के आकलन के आधार पर लागू किए जाएंगे या उनमें ढील दी जाएगी. यात्रियों को यातायात संबंधी ताजा जानकारी, वैकल्पिक मार्गों और अन्य सूचनाओं के लिए दिल्ली यातायात पुलिस के आधिकारिक मंचों पर नजर रखने की सलाह दी गई है.
फिर सड़कों पर उतरने का किया ऐलान
दिल्ली में कॉकरोच जनता पार्टी यानी सीजेपी ने शनिवार को अपने विरोध प्रदर्शन को ‘आधी जीत’ करार दिया. पार्टी ने पुलिस की सख्त कार्रवाई और कई नेताओं को हिरासत में लिए जाने के बावजूद रविवार को फिर से प्रदर्शन जारी रखने का ऐलान किया है. सीजेपी ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग करते हुए कहा है कि जब तक उनकी मांग पूरी नहीं होती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा.
दिल्ली में अभी खत्म नहीं हुआ बवाल, अब कल इंडिया गठबंधन का हल्ला बोल
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विपक्षी INDIA गठबंधन का सोमवार को बड़े प्रोटेस्ट मार्च का ऐलान किया है. कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल ने शनिवार शाम एक्स पर पोस्ट करके कहा, ‘हम उन सभी भारतीयों से अपील करते हैं जो भारतीय लोकतंत्र को बचाने को लेकर चिंतित हैं कि वे सोमवार को दिल्ली में होने वाले बड़े विरोध मार्च में हमारे साथ शामिल हों – यह मार्च मोदी-शाह सरकार द्वारा देश भर में किए गए ‘वोट चोरी’ के खिलाफ है.’
इसके साथ ही उन्होंने कहा, ‘कल, हमने इस मार्च की तैयारी के लिए कई नेताओं के साथ एक विस्तृत बैठक की. INDIA गठबंधन के सांसद, नेता, कार्यकर्ता और सभी जागरूक नागरिक (CEC) ज्ञानेश और उनकी टीम के खिलाफ एक बड़ा विरोध मार्च निकालेंगे, और हमारे वरिष्ठ नेताओं का एक प्रतिनिधिमंडल इस संकट में दखल देने के लिए माननीय CJI को एक ज्ञापन सौंपेगा. ज्ञानेश को जाना ही होगा. हम पीछे नहीं हटेंगे.’






