
लखनऊ, मेरठ कोर्ट ने 2 दिन पहले ही नीले ड्रम कांड में आरोपियों को फांसी की सजा दी थी. अब मेरठ कोर्ट ने पति को सांप से डसवाने वाली रविता और उसके प्रेमी अमरदीप को भी फांसी की सजा सुनाई है. वर्तमान में रचिता और उसका प्रेमी दोनों जेल में बंद हैं. आज सजा के ऐलान के समय जज ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए दोनों का पक्ष सुना और पूछा कि तुम दोनों हत्या के दोषी हो, क्या सजा चाहते हो? पढ़ें कोर्ट में जज ने क्या कहा?

मृतक अमित की मां मुनेश ने कहा कि दोनों को फांसी की सजा मिलने से हमारी आत्मा को शांति मिली है. उन्होंने फांसी की सजा को इंसाफ बताया और कहा कि हमें उम्मीद थी कि कोर्ट से हमें न्याय मिलेगा. अमित के तीनों बच्चों को लेकर मां ने कहा कि मुझसे जैसे भी हो सकेगा. उनको पालूंगी. वहीं, अमित के भाई सोनू ने कहा कि भाई के हत्यारों को फांसी की सजा दिलाने के लिए मरते दम तक लड़ूंगा.
सजा सुनते ही रो पड़े आरोपी
अमित हत्याकांड की आरोपी रचिता और उसका प्रेमी जिस चौधरी चरण सिंह जिला जेल में बंद है. वहां के वरिष्ठ जेल अधीक्षक डॉ. वीरेश राज शर्मा ने बताया कि फांसी की सजा सुनते ही दोनों रो रहे हैं. अभी दोनों अपनी पुरानी बैरक में ही हैं. कोर्ट से जजमेंट की कॉपी मिलते ही सजायाफ्ता कैदियों की बैरक में शिफ्ट कर दिया जाएगा.
547 दिनों बाद फांसी की सजा
बता दें, रविता और उसके प्रेमी अमरदीप ने अमित की हत्या करने के बाद उसके विस्तर पर सांप छोड़ दिया था. इस दौरान सांप ने अमित को करीब 10 बार डसा. कोर्ट ने घटना के 547 दिन बाद फांसी की सजा सुनाई है. इस दौरान जब कोर्ट ने दोनों से पूछा कि बताओ क्या कहना चाहते हो? इस दौरान रविता ने कहा कि मेरे 3 छोटे-छोटे बच्चे हैं. उनका ख्याल रखा जाए. वहीं, प्रेमी अमरदीप ने सफाई देते हुए कहा कि मेरे घर में बूढ़े मां-बाप हैं. उनकी सेवा करने वाला कोई नहीं है. कोर्ट ने दोनों की बातों को सुना और कहा कि केवल काट डालना ही जघन्य अपराध नहीं है.







