क्रिकेट जगत के हजारों खिलाड़ियों में से ब्रिटिश साम्राज्य के प्रमुख द्वारा दिए जाने वाले “सर” की उपाधि पाने वालों में सर गारफील्ड सोबर्स का कल निधन हो गया।क्रिकेट प्रेमियों को ऐसे बहुत कम खिलाड़ियों का नाम याद होगा जिन्हें क्रिकेट जगत में अवस्मरणीय प्रदर्शन के चलते ब्रिटिश साम्राज्य के प्रमुख के द्वारा सर की उपाधि दी गई है। मै खुद सर डॉन ब्रेडमैन, सर रिचर्ड हेडली, सर कॉलिन काउंड्रे का नाम जानता हूं। खोज करने पर और भी नाम निकले जिनकी आगे चर्चा करूंगा।
सर गारफील्ड सोबर्स का निधन हो गया।वेस्ट इंडीज का ये खिलाड़ी कॉम्पैक्ट प्लेयर के रूप में जाना जाता है। ऑलराउंडर शब्द का अधिकृत उपयोग सोबर्स के लिए ही सबसे पहले हुआ। जितने अच्छे बैट्समैन उतने ही अच्छे बॉलर और बराबरी की फील्डिंग। सालों तक विश्व क्रिकेट में सबसे अधिक रन 8032 और सर्वाधिक व्यक्तिगत रन 365 नाबाद, के अलावा 235 विकेट लेने वाले आल राउंडर, उनके सर्वाधिक 8032 रन के रिकॉर्ड को इंग्लैंड के ज्यॉफ बायकाट में तोड़ा।365 नाबाद रन की व्यक्तिगत पारी के रिकॉर्ड को ब्रायन लारा ने 375 रन बनाकर तोड़ा।
ऑल राउंडर के रूप में बनाया गया 8032 रन और 235 विकेट का रिकॉर्ड दक्षिण अफ्रीका के जैक कैलिस ने तोड़ा।
सर गारफील्ड सोबर्स के नाम एक अनोखा रिकॉर्ड भी था ।एक ओवर की सभी छह बॉल में छह छक्के लगाने का।ये रिकॉर्ड प्रथम श्रेणी के मैच में था। मेलकम नैश बॉलर थे। ये रिकॉर्ड बराबर किया जा सकता है,तोड़ा नहीं जा सकता जब तक एक नो बॉल मिले और उस पर भी छक्का न लग जाए।
बात आती है सर या नाइटहुड उपाधि की, ये उपाधि क्रिकेट जगत में अविस्मरणीय योगदान देने वाले खिलाड़ियों को ब्रिटिश साम्राज्य के प्रमुख द्वारा दिया जाता है। पिछले सौ साल में वेस्ट इंडीज के 13इंग्लैंड के 10 सहित ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड के एक एक खिलाड़ी को सर की उपाधि मिली है।
वेस्ट इंडीज के सर
फ्रैंक वारेल, गारफील्ड सोबर्स,क्लाइव वाल्काट, एवर्टन वीक्स , कोनार्ड हंट, विवियन रिचर्ड्स, वेस्ले हॉल, कोर्टनी एंब्रोस, एंडी रॉबर्ट्स, रिची रिचर्डसन, चार्ल्स ग्रिफ़िथ, क्लाइव लॉयड, गार्डन ग्रिनिच,
इंग्लैंड के सर
फेलन वॉर्नर, लेबसन गावर, लेन हटन, जार्ज एलन, जैक हॉब्स, एलेक बेडसर, इयान बॉथम, ज्यॉफ बायकाट, जेम्स एंडरसन,
ऑस्ट्रेलिया के सर
डॉन बर्डमैन
न्यूजीलैंड के सर
रिचर्ड हेडली
हिंदुस्तान, पाकिस्तान, श्री लंका, बांग्ला देश, के एक भी खिलाड़ी सर क्यों नहीं है? इसका कारण है कि दुनियां में ऑस्ट्रेलिया, न्यूजीलैंड वेस्ट इंडीज सहित चौदह देश सांकेतिक रूप से इंग्लैंड के राजा रानी को अपना प्रमुख मानते है। हिंदुस्तान के नागरिकों को विदेशी सम्मान प्राप्त करने का संवैधानिक अधिकार नहीं है इसी कारण सुनील और सचिन सर की उपाधि से नवाजे नहीं गए।
स्तंभकार-संजय दुबे







