
भारतीय क्रिकेट टीम में वर्तमान में ऐसी स्थिति है कि टेस्ट, वन डे और टी ट्वेंटी टीम के लिए अलग अलग विकेटकीपर उपलब्ध है ही, इनके अलावा रिजर्व में भी प्रतिभावान कीपर्स उपलब्ध है। टेस्ट के लिए ऋषभ पंत और ध्रुव जुरैल के बीच जबरदस्त प्रतिद्वंदिता है। वनडे में इन दोनों के अलावा के एल राहुल भी है। टी ट्वेंटी के लिए ईशान किशन और संजू सैम्सन है। वर्तमान में वेस्ट इंडीज के खिलाफ वनडे टीम में ऋषभ पंत के बजाय ध्रुव जुरैल को के एल राहुल के साथ रखा गया है।
टी ट्वेंटी के लिए ईशान किशन और संजू सैम्सन को मौका मिला है। एशियन गेम्स के लिए चयनित टीम में ऋषभ पंत का चयन न होना उनके लिए खतरे का संकेत है। उन्हें मौका देने के नाम ईरानी कप में शेष भारत की टीम का कप्तान बनाया जरूर गया है लेकिन उन्हें अपने बल्लेबाजी पर बहुत सुधार करना होगा क्योंकि टेस्ट टीम के लिए ईशान किशन ने दलीप ट्रॉफी में शानदार बैटिंग कर दोहरा शतक लगाया है। ईशान किशन मूलतः ओपनिंग बैट्समैन है लेकिन टेस्ट में उनको मिडिल ऑर्डर में आसानी से ऋषभ पंत के स्थान पर मौका मिल सकता है।
ऋषभ पंत के लिए 2025 का आईपीएल सामान्य रूप से साधारण ही था। 14 मैच में कुल जमा 269 रन बनाए थे जिसमें एक शतक(118 नाबाद ) और एक अर्धशतक था। केवल 24.45 रन प्रति मैच का औसत था। दो मैच के शतक 118 नाबाद और अर्धशतक 61 रन को हटा दिया जाए तो बारह मैच में केवल 90 रन बनाए थे। 27 करोड़ रुपए में खरीदे गए ऋषभ पंत का एक रन आठ लाख सत्तर हजार रुपए का पड़ा था। यही कमजोर प्रदर्शन उन्हें वनडे और टी ट्वेंटी टीम से बाहर का रास्ता दिखा दिया।
बल्लेबाजी में विकेटकीपर के एल राहुल, ईशान किशन और ध्रुव जुरैल और संजू सैम्सन चारों शानदार बैटिंग कर रहे है।वनडे और टी ट्वेंटी के लिए चयन समिति के पास भरमार विकेटकीपर है।टेस्ट के लिए उपयुक्त बल्लेबाज और कीपर चाहिए।इसके लिए ध्रुव जुरैल पहली पसन्दगी होगी। यद्यपि ध्रुव जुरैल ने केवल छह टेस्ट खेले है लेकिन बल्लेबाजी में एक शतक लगाकर अपने को स्थापित करने की सफल कोशिश की है।दूसरे पसंद के रूप में ईशान किशन दावेदारी ठोक सकते है।उन्होंने दलीप ट्रॉफी में दोहरा शतक लगाकर चयनकर्ताओं का ध्यान अपनी ओर खींचा है। अगर इन दोनों को आस्ट्रेलिया टीम के खिलाफ मौका मिलता है तो ऋषभ पंत के लिए सफेद और नीली जर्सी पहनना कठिन हो जाएगा।
भारतीय क्रिकेट में कीपर्स का इतिहास देखे तो एम एस धोनी ने रिकॉर्ड 90 टेस्ट 350 वनडे और 98 टी ट्वेंटी मैच में विकेट कीपिंग की है।वे इकलौते भारतीय विकेटकीपर है जो तीनों फॉर्मेट में कप्तानी किए है।देश को वन डे और टी ट्वेंटी विश्व विजेता बनाए है।
आने वाले समय में भारतीय क्रिकेट टीम के तीनों फॉर्मेट के लिए विकेटकीपर चयन के लिए चयन समिति के सामने विकल्प भी होंगे और परीक्षा भी।
स्तंभकार- संजयदुबे







