
अंबिकापुर, छत्तीसगढ़ के सरगुजा इलाके के सूरजपुर जिले के प्रतापपुर क्षेत्र स्थित मदननगर गांव में आरोपियों को गिरफ्तार करने पहुंची पुलिस के साथ बदसलूकी और दुर्व्यवहार का मामला सामने आया है। पुलिस ने ग्रामीणों पर रास्ता रोकने और दुर्व्यवहार करने का आरोप लगाया है। मामले में अपराध दर्ज कर लिया गया है। बता दें दो दिन पहले महासमुंद जिले में गश्त पर निकली वन अमले की टीम को ग्रामीणों ने धुनाई कर दी थी।
मिली जानकारी के अनुसार, पुलिस पुराने मामले में बाबूलाल पोया समेत अन्य आरोपियों को गिरफ्तार करने मदननगर गांव पहुंची थी। इसी दौरान ग्रामीणों ने पुलिस को घेर लिया और बंधक बना लिया। इस दौरान पुलिस के साथ मारपीट किए जाने की भी चर्चा है। हालांकि पुलिस ने मारपीट की बात से इनकार करते हुए केवल बदसलूकी और दुर्व्यवहार की बात कही है। पुलिस के मुताबिक, आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए गांव पहुंचने पर ग्रामीणों ने उनका रास्ता रोक दिया और दुर्व्यवहार किया। इस मामले में पुलिस ने अपराध दर्ज कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है।

खदान खोलने के विरोध में पहले भी हो चुका है टकराव
गौरतलब है कि मदननगर गांव में खदान खोलने के विरोध को लेकर ग्रामीणों और पुलिस प्रशासन के बीच पहले भी टकराव हो चुका है। पूर्व में भी विरोध प्रदर्शन के दौरान विवाद और मारपीट की घटनाएं सामने आई थी। ऐसे में एक बार फिर गांव में पुलिस और ग्रामीणों के बीच तनाव की स्थिति बनने से मामला चर्चा में है। फिलहाल, पुलिस मारपीट की घटना से इनकार कर रही है, जबकि सूत्रों के हवाले से पुलिसकर्मियों के साथ मारपीट किए जाने की बात कही जा रही है। अब देखना होगा कि मामले की जांच में क्या तथ्य सामने आते हैं और पुलिस आगे क्या कार्रवाई करती है।







