रायगढ़, छत्तीसगढ के रायगढ़ जिले में गुमशुदा व्यक्तियों की सघन पतासाजी के लिए चलाए जा रहे ऑपरेशन मुस्कान के तहत पुलिस को दो महत्वपूर्ण सफलताएं प्राप्त हुई हैं। अलग-अलग थाना क्षेत्रों में गुम हुई दो नाबालिग बालिकाओं को पुलिस टीमों द्वारा खोजबीन कर सकुशल दस्तयाब किया गया है। दोनों ही मामलों में पीड़िताओं के कथन के आधार पर आरोपियों के विरुद्ध पोक्सो एक्ट के तहत कार्रवाई कर उन्हें न्यायिक रिमांड पर भेजा गया है।
पहले मामले में थाना जूटमिल में 22 अप्रैल को एक प्रार्थी द्वारा 17 वर्षीय नाबालिग बालिका के घर से बिना बताए लापता होने की रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। परिजनों द्वारा काफी खोजबीन के बाद भी बालिका का पता नहीं चलने पर पुलिस ने अज्ञात आरोपी के धारा 137 (2) बीएनएस के तहत अपराध पंजीबद्ध कर जांच शुरू की। जांच के दौरान बालिका और संदेही युवक सनत कुमार भट्ट (20 साल) जूटमिल के बीच संपर्क की जानकारी मिलने पर पुलिस ने इस दिशा में जांच आगे बढ़ाई। लगातार प्रयास और मुखबिर तंत्र के माध्यम से दोनों के पंजाब के जालंधर में होने की सूचना मिली, जिस पर तत्काल पुलिस टीम को रवाना किया गया। टीम ने वहां पहुंचकर बालिका को आरोपी के कब्जे से सकुशल बरामद किया। बालिका के कथन, मेडिकल पर आरोपी द्वारा नागालिग बालिका का शारीरिक शोषण करना पाये जाने पर आरोपी के विरुद्ध धारा 87, 65 (1) बीएनएस 4. 6 पॉक्सो एक्ट विस्तारित। किया गया। आरोपी को न्यायिक रिमांड पर भेजकर जेल दाखिल किया गया है।
दूसरे मामले में थाना पूंजीपथरा में 25 मार्च को एक प्रार्थी ने 15 वर्षीय पुत्री के 1 मार्च की रात घर से बिना बताए लापता होने की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पुलिस ने अज्ञात आरोपी के विरुद्ध धारा 137 (2) बीएनएस के तहत दर्ज कर पतासाजी शुरू की। जांच के दौरान 06 अप्रैल क अंबिकापुर के खरसिंया नाका चौक के पास एक युवक के साथ नाबालिग बालिका को बरामद किया गया।
पीड़िता का महिला पुलिस अधिकारी द्वारा कथन कराया गया, जिसमें बालिक द्वारा बस से जामगांव फिर अम्बिकापुर ले जाना और शारीरिक संबंध बनाना बताई बालिका के कथन, मेडिकल पर आरोप के विरुद्ध धारा 87, 65 (1) बीएनएस 4.6 पॉक्सो एक्ट विस्तारित कर वैधानिक कार्रवाई की गई है।







