शिक्षा-अनुसंधान

महाविद्यालयीन कर्मचारी लामबंद;कभी हो सकता है आंदोलन का शंखनाद, लेब टेक्नीशियन-भृत्य उसी पद पर सेवनिवृत्त हो रहे

रायपुर, कालेजों में छात्र बढ गये लेकिन स्टाफ आज भी वही है जब कालेज खुलते समय तैनात थे। बल्कि कई कालेजों में आधे से ज्यादा पद खाली है। कालेज कर्मचारियों को चार गुना ज्यादा काम करना पड रहा है। इन विभिन्न समस्याओं से उलझे महाविद्यालयीन कर्मचारी अब छत्तीसगढ़ प्रदेश तृतीय वर्ग शासकीय कर्मचारी संघ के बैनर तले लामबंद हो रहे है , तथा जल्द ही ये आंदोलन का शंखनाद कर सकते है।

गत दिवस छत्तीसगढ़ प्रदेश तृतीय वर्ग शासकीय कर्मचारी संघ के प्रांतीय संरक्षक अजय तिवारी, प्रांतीय उपाध्यक्ष श्रीमती प्रतिभा श्रीवास्तव एवं सरंक्षक सी एल दुबे एवं प्रतिनिधि मंडल ने छत्तीसगढ़ के महाविद्यालयों मे कार्यरत कर्मचारियों की समस्याओं को जानने तथा समाधान के लिए आंदोलन की रूपरेखा बनाने धरसींवा, सिमगा, बेमेतरा, कवर्धबके महाविद्यालय का दौरा कर कर्मचारियों से सम्पर्क किया। कर्मचारियों ने प्रतिनधि मण्डल का स्वागत कर अपनी समस्याओं  से अवगत कराया। प्रांतीय उपाध्यक्ष श्रीमती प्रतिभा श्रीवास्तव महाविद्यालयीन कर्मचारी सघ के प्रदेश अध्यक्ष भी हैं ।

दौरा उपरांत प्रांतीय संरक्षक अजय तिवारी एवं प्रांतीय उपाध्यक्ष श्रीमती प्रतिभा श्रीवास्तव ने बताया कि छत्तीसगढ़ में 270 कॉलेज हैं। आज से 40 वर्ष पुराना सेटअप के अनुसार कर्मचारी हैं। आज वर्तमान में छात्र छत्राओ की संख्या बढ़ गई हैं। नये सेटप तैयार कर कर्मचारी की नियुक्ति किया जाना चाहिए। इसी तरह कालेज में एक कर्मचारी चार कर्मचारियों का कार्य कर रहे हैं वर्तमान के सेटअप के अनुसार भी कर्मचारी नही हैं रिक्त पदों पर तत्काल भरति किया जावे ।

उन्होने बताया कि कालेजों में लेब टेक्नीशियन जिस पद पर भर्ती हो रहे हैं उसी पद पर सेवा निवृत्त हो रहे हैं। पदोन्नति- क्रमोन्नति पद स्वीकृत किया जाना चाहिये। ताकि इन्हें पदोन्नति मिल सके। चतुर्थ वर्ग कर्मचारियों को  समय में पदोन्नति नही मिल पा रही हैं । वे भी उसी पद में सेवनिर्वित हो रहे हैं। इन्हं भी समय में पदोन्नति  दिया जाना चाहिये। कालेजों में कर्मचारियों को समय मान वेतन नही मिल पा रहा हैं। उन्होंने कहा कि अन्य अनेक मांगों को लेकर रणनीति तैयार कर आंदोलन की तैयारी की जा रही हैं।

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