
महासमुंद, छत्तीसगढ के महासमुंद जिले के खल्लारी थाना क्षेत्र के ग्राम तमोरा के वनखंड कक्ष क्रमांक 95-96 में जंगली सुअर के अवैध शिकार और वन्य मांस के अवैध विक्रय की सूचना पर गश्त करने पहुंचे वन अमले के साथ कथित तौर पर मारपीट, घेराव और दो वन अधिकारियों को करीब चार घंटे तक बंधक बनाए रखने का मामला सामने आया है। घटना 6 अक्टूबर की रात की बताई जा रही है। मामले में खल्लारी पुलिस ने एफआईआर क्रमांक 0114/26 दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
एफआईआर में नामजद आरोपियों में लक्ष्मी ध्रुव, पति प्रदीप ध्रुव, प्रदीप ध्रुव, पिता इतवारी ध्रुव, सुखराम, पिता सधवा खैरवार, गणेश यादव, पिता नारायण यादव, हेमिन बाई, पति शत्रुघ्न ध्रुव, चंदन, पिता मोहन निषाद कलाबाई पति कार्तिक राम खैरवार, लक्ष्मीबाई, पति हेमन साहू, एवां संतकुमार, पिता दुर्जन खैरवार के नाम शामिल हैं। शिकायत में इनके अलावा अन्य अतिक्रमणकारियों का भी उल्लेख किया गया है।
पुलिस ने शुरू की जांच
मामले की जांच उपनिरीक्षक मयंक कुमार द्वारा की जा रही है। पुलिस अब वन अमले के बयान, दोनों अधिकारियों की चिकित्सकीय परीक्षण रिपोर्ट, मौके पर मौजूद लोगों के बयान तथा शिकायत में बताए गए व्हाट्सऐप संदेश और अन्य इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों की जांच करेगी।
शिकार की सूचना पर गश्त करने पहुंचा था वन अमला
एफआईआर में दर्ज शिकायत के अनुसार, 6 अक्टूबर की रात वन परिक्षेत्र अधिकारी नवीन वर्मा अपने स्टाफ के साथ ढोड परिसर के कक्ष क्रमांक 95-96, ग्राम तमोरा क्षेत्र में गश्त कर रहे थे। वन विभाग को क्षेत्र में जंगली सुअर के अवैध शिकार और वन्य मांस के अवैध विक्रय की सूचना मिली थी।गश्ती दल में उपवनक्षेत्रपाल नवीन शर्मा, वनरक्षक टोमन दीवान, वॉचर महेश चंद्राकर, पूनम साहू, राकेश ध्रुव और चालक हरदेव वर्मा शामिल थे।
लाठी-डंडे लेकर वन अमले को घेरने का आरोप
शिकायत के मुताबिक, रात करीब 7:30 बजे तमोरा क्षेत्र में वनभूमि पर अतिक्रमण करने वाले कुछ लोग मौके पर पहुंचे और वन अमले के साथ कथित तौर पर गाली-गलौज करने लगे। इसके बाद लाठी-डंडों से वन अधिकारियों और कर्मचारियों को घेरने का आरोप है। शिकायत के अनुसार, कुछ वन कर्मचारी किसी तरह वहां से निकलने में सफल रहे, लेकिन वन परिक्षेत्र अधिकारी नवीन वर्मा और उपवनक्षेत्रपाल नवीन शर्मा को कथित तौर पर घेर लिया गया और उनके साथ मारपीट की गई।
छोटे मकान में चार घंटे तक बंधक रखने का आरोप
एफआईआर में लगाए गए आरोप के अनुसार, दोनों अधिकारियों को उनकी इच्छा के विरुद्ध तमोरा वनखंड से लगे खेत में बने एक छोटे मकान में ले जाया गया। आरोप है कि दोनों को रात करीब 7:30 बजे से 11:30 बजे तक वहां बंधक बनाकर रखा गया।शिकायत में कहा गया है कि इस दौरान दोनों अधिकारियों को बाहर जाने अथवा किसी से बातचीत करने की अनुमति नहीं दी गई। साथ ही उन्हें जान से मारने की धमकी दिए जाने का भी आरोप लगाया गया है।







