खेल के मामले में छत्तीसगढ़ के पास स्थापना से लेकर बीते पच्चीस सालों में एक ही ऐसी कोई उपलब्धि थी जिसके बल पर हम कह सकते थे कि हमारे राज्य की आकर्षि कश्यप अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर पदक विजेता है। साहित्य की संस्कारधानी राजनांदगांव की ज्ञानेश्वरी यादव ने हमें दोबारा ये कहने का गौरव दे दिया है कि हमारे राज्य की दूसरी महिला खिलाड़ी ज्ञानेश्वरी यादव भी राष्ट्रमंडल खेल में सिल्वर मेडलिस्ट है। प्रदेश का हर नागरिक ज्ञानेश्वरी यादव के शानदार प्रदर्शन से अभिभूत है और उनके शानदार प्रदर्शन के लिए बधाई दे रहा है, शुभ कामनाएं प्रेषित कर रहे है।
छत्तीसगढ़ से राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर उभरने वाले महिला खिलाड़ियों में नीता डुमरे ( हॉकी) किरण अग्रवाल (शतरंज)सबा अंजुम ( हॉकी) सहित आकर्षि कश्यप का नाम खेल प्रेमियों के जुबान पर है।इस कड़ी में ज्ञानेश्वरी यादव का नाम भी जुड़ गया है। ग्लासगो कामनवेल्थ गेम में 53 किलोग्राम वेटलिफ्टिंग वर्ग में कांटे की टक्कर में ज्ञानेश्वरी यादव ने पहले दो बार में स्नैच में 82 -82 किलोग्राम वजन उठाया।अंतिम प्रयास में छः किलो वजन बढ़ाकर 88 किलो वजन उठाया। क्लीन एंड जर्क में बढ़ते क्रम में 103,107 और अंतिम प्रयास में 111 किलो वजन उठाकर कुल 199 किलो वजन उठाया। उनका ये प्रदर्शन सिल्वर मेडलिस्ट बनने के लिए पर्याप्त था। ज्ञानेश्वरी यादव से सात किलो अधिक याने 206 किलो वजन उठाकर नाइजीरिया की ओनेमो दीदीह ने गोल्ड मेडल जीता।
ज्ञानेश्वरी यादव के लिए अगला पड़ाव एशियाई खेल होगा। यहां पर उनका मुकाबला एशिया के महिला वेट लिफ्टर से होगा।बताते चले कि 53 किलोग्राम वर्ग , जिसमें ज्ञानेश्वरी यादव प्रतिभागी है उसमें कामनवेल्थ खेल गेम 2014 में चीन ताइपे की शू चिंग सू ने स्नैच में 101 किलो और स्नैच एंड जर्क में 132 किलो कुल 233 किलो वजन उठाने का रिकॉर्ड बना कर रखा है। निश्चित रूप से ज्ञानेश्वरी यादव के सामने चुनौती है लेकिन उनमें सामर्थ्य है और वे भविष्य में छत्तीसगढ़ राज्य सहित देश के लिए गोल्ड मेडल जीतेंगी।
छत्तीसगढ़ राज्य सरकार का त्वरित दायित्व होना चाहिए कि पुलिस विभाग में सहायक उप पुलिस निरीक्षक पद पर कार्यरत ज्ञानेश्वरी यादव को आउट ऑफ टर्न डीएसपी बनाने की घोषणा करे।बड़ी मुश्किल से एक तो राज्य में खिलाड़ी निकलते है और उससे भी बड़ी मुश्किल से मेडल जीतते है।
संजय दुबे







