स्वास्थ्य

एनएमडीसी ने बतौर अग्रिम राॅयल्टी छत्तीसगढ को दिए 200 करोड रु.

कोरोना के विरुद्ध लडाई में सहायता के लिए आगे आई एनएमडीसी

हैदराबाद, कोरोना वायरस के विरूद्ध लड़ाई में सहायता के लिए प्रधानमंत्री केयर फंड में 150 करोड़ रूपये की राशि देने के बाद नवरत्न कंपनी एनएमडीसी ने छत्तीसगढ़ सरकार को भी इस महामारी से बचाव के लिए 200 करोड रूपये की अग्रिम रॉयल्टी का भुगतान किया है। इस धनराशि से प्रदेश सरकार कोविड-19 से बचाव के लिए लोगों को जरूरी संसाधन मुहैया करा सकेगी।

इस फैसले की जानकारी खुद कंपनी के सीएमडी और छत्तीसगढ़ कैडर के सीनियर आईएएस एन.बैजेंद्र कुमार ने मंगलवार को माइक्रोब्लोगिंग साइट ट्वीटर के जरिए लोगों को दी। गत दिवस ही केंद्र सरकार के पीएमकेयर्स फंड में 150 करोड रूपये का योगदान देने के बाद मुश्किल समय में प्रदेश सरकार को 200 करोड रूपये की अग्रिम रॉयल्टी का भुगतान कर एनएमडीसी केंद्र एवं राज्य दोनों सरकारों को सहयोग प्रदान करने वाला एक विशिष्ट कारपोरेट बन गया है। इस योगदान से केंद्र और राज्य सरकारों द्वारा चिकित्सा और स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर किया जा सकेगा। वायरस की जांच के लिए टेस्टिंग किट्स, हेल्थ वर्कर्स के लिए प्रोटेक्टिव गियर एवं वेंटीलेटर इत्यादि खरीदे जाएंगे। साथ ही  जरूरतमंद तबके के लोगों तक भोजन और अन्य जरूरी चीजें पहुंचाने में भी इस धनराशि से मदद मिलेगी।

इस अवसर पर कंपनी के सीएमडी एन.बैजेन्द्र कुमार ने कहा कि ,“एनएमडीसी मुश्किल समय में हमेशा लोगों के साथ खडा रहा है तथा छतीसगढ राज्य सरकार द्वारा कोरोना वायरस के विरुद्ध जारी संघर्ष को मजबूती प्रदान  करने के लिए यह निर्णय लिया गया है। हम राज्य तथा केंद्र की सरकारों तथा जनता के सदैव आभारी हैं तथा ऐसी किसी प्राकृतिक आपदा का सामना करने के लिए सदैव उनके साथ मिलकर एवं आगे बढकर कार्य करेंगे।“

गौरतलब है कि एनएमडीसी ने कोरोना वायरस के प्रसार की रोकथाम के लिए छत्तीसगढ़ समेत देश के अन्य हिस्सों में स्थित अपनी विभिन्न परियोजनाओं और उनके आसपास के क्षेत्रों में व्यापक पहल की गई है। जगदलपुर स्थित नगरनार इस्पात संयंत्र और दंतेवाड़ा की बैलाडीला लौह अयस्क खदानों में विशेषज्ञ चिकित्सकों की देखरेख में नोवेल कोरोना वायरस से बचाव के इंतजाम किए जा रहे हैं। आबादी से दूरी पर आइसोलेशन सेंटर बनाए गए हैं। कंपनी द्वारा अपने कार्मिकों के साथ ही ग्रामीणांे और अन्य जरूरतमंदों को भी सीएसआर के तहत निःशुल्क मास्क और सेनिटाइजर वितरित किए जा रहे हैं। यह मास्क और सेनेटाइजर बनाने के लिए खासतौर पर दंतेवाड़ा की जरूरतमंद महिलाओं वाले स्वयंसेवी समूहों को चुना गया है। ताकि कोरोना वायरस से बचाव के साथ ही उनकी आय में भी बढ़ोत्तरी हो सके।

इस महामारी के संक्रमण को फैलने से रोकने और निजी साफ-सफाई को बढ़ावा देने के लिए कंपनी प्रबंधन ने सभी नियमित कार्मिकों-अधिकारियों, अनुबंधित और दैनिक वेतनभोगी श्रमिकों को एक-एक हजार रूपये अलग से दिए हैं। इसके अतिरिक्त बचाव के लिए सोशल डिस्टेंसिंग के बारे में कार्मिकों और स्थानीय लोगों को विभिन्न माध्यमों से बताया जा रहा है।

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