स्वास्थ्य

छत्तीसगढ़ कोरोना और स्वाइन फ्लू से मुकाबले के लिए पूरी तरह तैयार

एम्स और जिला अस्पतालों में कोरोना और स्वाइन फ्लू के इलाज की पूरी तैयारी- स्वास्थ्य मंत्री ने किया एम्स का दौरा, कोरोना वायरस की तैयारियों का लिया जायजा तैयारियों पर संतुष्टि व्यक्त की, विकास परियोजनाओं के बारे में भी जाना विभिन्न वार्डों में मरीजों और उनके परिजनों से की बात, हर संभव मदद का आश्वासन छह बैड के आइसोलेशन वार्ड को 12 बैड का स्थायी आइसोलेशन वार्ड बनाने का प्रस्ताव

रायपुर, छत्तीसगढ़ के स्वास्थ्य मंत्री टी.एस. सिंहदेव ने बुधवार को अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान का दौरा कर यहां कोरोना वायरस और स्वाइन फ्लू को लेकर की गई तैयारियों का जायजा लिया। श्री सिंहदेव ने एम्स में की गई व्यवस्थाओं पर संतोष व्यक्त करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ कोरोना वायरस और स्वाइन फ्लू से मुकाबले के लिए पूरी तरह से तैयार है।

एम्स द्वारा बनाए गए आइसोलेशन वार्ड का दौरा करने के बाद श्री सिंहदेव ने एम्स के निदेशक प्रो. (डॉ.) नितिन एम. नागरकर और कोरोना वायरस के लिए तैनात किए गए वरिष्ठ चिकित्सकों से तैयारियों पर विस्तार से चर्चा की। प्रो. नागरकर ने उन्हें बताया कि एम्स में कोराना और स्वाइन फ्लू को लेकर पूरी तरह से तैयारियां कर ली गई हैं। आइसोलेशन वार्ड बनाकर जनरल मेडिसिन और पल्मोनरी एवं टीबी विभाग के वरिष्ठ चिकित्सकों को तैनात कर दिया गया है। चिकित्सकों और नर्सिंग स्टॉफ से लेकर तकनीकी कर्मचारियों को इन दोनों वायरस के इलाज के लिए बनाए गए प्रोटोकॉल के बारे में पूरी तरह से प्रशिक्षित कर दिया गया है।

इसके साथ ही एम्स में इन दोनों वायरस के लिए पर्याप्त दवाइयों, मास्क, गल्वज, बैड आदि का इंतजाम भी पूरी तरह से कर दिया गया है। मरीज के चिह्नित होने के तुरंत बाद उसका निर्धारित प्रोटोकॉल के अनुसार इलाज प्रारंभ कर दिया जाएगा। श्री सिंहदेव ने विभिन्न वार्डों में रोगियों और उनके परिजनों से भी बात की। उन्होंने प्रो. नागरकर से एम्स की विस्तार योजनाओं, रेलवे लाइन से जुड़े गेट को खोलने की योजना और आयुष के बारे में विस्तार से जानकारी ली। मीडियाकर्मियों से बातचीत में श्री सिंहदेव का कहना था कि एम्स छत्तीसगढ़ के सर्वश्रेष्ठ चिकित्सा संस्थानों में से है और यहां सभी प्रकार की बीमारियों के लिए पर्याप्त व्यवस्थाएं हैं।

श्री सिंहदेव ने कहा है कि प्रदेशवासियों को किसी भी प्रकार से घबराने की आवश्यकता नहीं है। स्वास्थ्य विभाग और एम्स सभी प्रकार की चुनौतियों के लिए पूरी तरह से तैयार है। प्रो. नागरकर ने कहा है कि कोरोना वायरस और स्वाइन फ्लू को लेकर पूरी तरह से सावधानी अपनाने की आवश्यकता है। इस प्रकार के लक्षण मिलने पर उसे तुरंत स्थानीय अस्पताल या एम्स में इलाज के लिए लाया जा सकता है। इससे किसी प्रकार की घबराहट की आवश्यकता नहीं है। इन बीमारियों का त्वरित इलाज छत्तीसगढ़ में उपलब्ध है।

प्रो. नागरकर ने बताया कि एम्स में फिलहाल कोरोना वायरस और स्वाइन फ्लू के लिए छह बिस्तर का आइसोलेशन वार्ड बनाया गया है जिसे बढ़ाकर 12 बिस्तर का किया जा सकता है। इसके साथ ही अन्य वायरल बीमारियों के लिए इस वार्ड को स्थायी रूप से रिजर्व किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि वायरस संबंधी बीमारियों के लिए एम्स और इसके चिकित्सक पूरी तरह से तैयार हैं।

स्वाइन फ्लू का केस एम्स में स्वाइन फ्लू का अब तक एक केस सामने आया है। पल्मोनरी विभागाध्यक्ष प्रो. अजॉय कुमार बेहरा ने बताया कि जांच में एक 68 वर्षीय महिला मरीज को स्वाइन फ्लू की पुष्टि हुई है। इसी मरीज के एक अन्य रिश्तेदार को भी जो आंध्र प्रदेश में है, स्वाइन फ्लू की जांच करने के लिए कहा गया था। जांच रिपोर्ट में पाया गया कि उन्हें भी स्वाइन फ्लू है। यह मरीज गूंटूर, आंध्र प्रदेश के हैं। इस प्रकार एम्स में स्वाइन फ्लू का पहला मामला सामने आया है हालांकि यह मूल रूप से आंध्र प्रदेश का है छत्तीसगढ़ का कोई भी मामला सामने नहीं आया है।

एम्स के दो चिकित्सकों को मास्टर ट्रेनिंग कोरोना वायरस के लिए चिकित्सकों को प्रशिक्षण प्रदान करने के लिए केंद्र सरकार छह मार्च को दिल्ली में कार्यक्रम आयोजित कर रही है। इसके लिए एम्स से प्रो. अजॉय कुमार बेहरा और डॉ. अनुदिता भार्गव को नामित किया गया है। इन दोनों को मास्टर ट्रेनर की ट्रेनिंग दी जाएगी। इसके बाद ये दोनों वरिष्ठ चिकित्सक एम्स के अन्य चिकित्सकों और तकनीकी कर्मचारियों को वायरस की चुनौतियों से जूझने के लिए तैयार करेंगे।

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