स्वास्थ्य

बहरापन का असर बच्चों पर ज्यादा

सरकारी अस्पतालों में 3 से 17 मार्च तक राष्ट्रीय श्रवण जागरूकता अभियान

रायपुर, विश्व श्रवण दिवस के अवसर पर प्रदेश के सभी सरकारी अस्पतालों में 3 से 17 मार्च तक राष्ट्रीय श्रवण जागरूकता अभियान (एन.एच.ए.सी.) पखवाड़ा संचालित किया जाएगा। लोगों को कानों से संबंधित बीमारियों के बारे में जागरूक करने के लिए 3 मार्च से स्वास्थ्य विभाग द्वारा अभियान शुरू किया जाएगा। इसके लिए सभी जिलों की मितानिन और एएनएम को प्रशिक्षण दिया गया है।
राष्ट्रीय श्रवण जागरूकता अभियान के बारे में राज्य नोडल अधिकारी डॉ. कमलेश जैन ने बताया कि इस अभियान का उद्देश्य कान की देखभाल के प्रति जागरूकता लाना और कान से संबंधित रोगों से बचाव एवं उसके उपचार की जानकारी जनसामान्य तक पहुंचाना है।  यह अभियान छत्तीसगढ़ में वर्ष 2014-15 में 14 जिलों में प्रारंभ किया गया था, जिसका विस्तार करते हुए 2018-19 से इसे प्रदेश के सभी 27 जिलों में संचालित किया जा रहा है। विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार दुनिया भर में करीब 47 करोड़ लोग यानि दुनिया की आबादी के 5 प्रतिशत से अधिक लोग बधिरता रोगों के प्रभाव में हैं। इनमें 3.4 करोड़ बच्चे हैं। विश्व स्वास्थ संगठन (डब्ल्यूएचओ) के सर्वे के अनुसार भारत में लगभग 6.3 करोड़ लोग बधिरता रोग से पीड़ित हैं। राष्ट्रीय सैंपल सर्वे 2001 के अनुसार प्रति लाख आबादी में 291 व्यक्ति बधिरता रोग से पीड़ित हैं। इनमें 0 से 14 वर्ष के बच्चे अधिक प्रभावित हैं।
डॉ. जैन ने कहा आज की भाग-दौड़ भरी जिंदगी में कर्ण रोग की समस्या एक गंभीर समस्या बनकर उभर रही है जिस पर अगर ध्यान नहीं दिया गया तो आने वाले दिनों में यह समस्या और भी बढ़ सकती है। उन्होंने कहा- वर्तमान में प्रदेश में कर्ण रोग संबंधी सेवाएं देने के लिए राष्ट्रीय बधिरता रोकथाम एवं नियंत्रण कार्यक्रम (एनपीपीसीडी) के अंतर्गत जिला एवं विकासखंड स्तर पर 51 ईएनटी/पीजीएमओ चिकित्सक, 15 ऑडियोलॉजिस्ट, 13 ऑडियोमेट्री असिस्टेंट, 10 स्पीच इंस्ट्रक्टर अपनी सेवाएं दे रहे हैं। प्रदेश में कर्ण जांच की बेहतर सेवाएं मुहैया कराने के लिए राज्य स्तर से स्किल बेस्ड हैंड ऑन ट्रेनिंग, कर्ण जांच के लिए आधुनिक मशीन (बीईआरए मशीन इंडिपेंडेंस ऑडियोमीटर, प्योरटोन ऑडियोमीटर, ओएई मशीन) और दवाईयों की व्यवस्था की गई है। 

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