स्वास्थ्य

चिकित्सा शिक्षा विभाग के DME डॉ. विष्णु दत्त को नोटिस; बजट के बावजूद नहीं की दवाओं की खरीदी

रायपुर, चिकित्सा शिक्षा विभाग छत्तीसगढ़ शासन द्वारा संचालक चिकित्सा शिक्षा डॉ. विष्णु दत्त को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। चिकित्सा शिक्षा विभाग द्वारा जारी नोटिस में कहा गया है कि आवश्यक दवाईयों की खरीदी हेतु दिनांक 09 जून 2022 को सीजीएमएससी को बजट उपलब्ध कराया गया है। इस संबंध में आपके द्वारा अपने स्तर पर कोई आवश्यक कार्यवाही नहीं की गई, बल्कि शासन से पत्र जारी होने के पश्चात् कार्यवाही की गई है।

DME डॉ. विष्णु दत्त को जारी शो कॉज नोटिस में कहा गया है कि आपका उक्त कृत्य अपने कार्य के प्रति उदासीनता एवं स्वेच्छाचारिता को प्रदर्शित करता है, जो कदाचरण की श्रेणी में आता है। अतः उपरोक्त संबंध में आप अपना स्पष्टीकरण 7 दिवस के भीतर विभाग को उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें। अन्यथा निर्धारित समयावधि में आपका स्पष्टीकरण प्राप्त नहीं होने की दशा में यह माना जावेगा कि इस संबंध में आपको कुछ नहीं कहना है और आपके विरूद्ध छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (वर्गीकरण नियंत्रण एवं अपील) नियम, 1966 के अनुसार एकपक्षीय अनुशासनात्मक कार्यवाही की जाएगी।

गौरतलब है कि मिडिया के माध्यम से मेकाहारा में दवाओं की कमी संबंधी खबरें प्रकाश में आई थीं। इसे देखते हुए डॉ. विष्णु दत्त को शो कॉज नोटिस जारी किया गया है।

अंबेडकर में दवाओं का अकाल, क्या होगा जिला और प्राथमिक केंद्रों का हाल

छत्तीसगढ़ प्रदेश भाजपा प्रवक्ता संजय श्रीवास्तव ने प्रदेश में दम तोड़ चुकी स्वास्थ्य व्यवस्था के लिए सरकार को जिम्मेदार ठहराते हुए कहा है कि जब प्रदेश के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल अंबेडकर हॉस्पिटल में गंभीर बीमारियों से लेकर सर्दी खांसी बुखार जैसी मामूली दवाएं तक महीनों से उपलब्ध नहीं हैं तब अंदाज लगाया जा सकता है कि जो सरकार राज्य मुख्यालय में दवा मुहैया नहीं करा पा रही, उसने जिला अस्पतालों और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों की क्या हालत कर रखी होगी। जिलों की स्वास्थ्य व्यवस्था का आलम यह है कि बस्तर में एक हजार से अधिक डेंगू मरीज सामने आए हैं। छह मरीजों की मौत होना बताया जा रहा है। सही स्थिति इससे कहीं बहुत ज्यादा खराब है क्योंकि इस सरकार के आंकड़ों पर कोई भरोसा नहीं कर सकता।

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