कानून-व्यवस्था

करोड़ों के फर्जीवाडे में वक्फ बोर्ड ने कराया एफआईआर

 मामला जगदल्पुर का , बोर्ड की संपत्तियों को सरंक्षित रखना प्राथमिकता – सलाम रायपुर, लंबे अरसे से छत्तीसगढ़ में वक्फ बोर्ड की संपत्तियों की गड़बड़ी करने वालों के खिलाफ सख्ती बरती जा रही है, ऐसे ही एक मामले में अंजुमन इस्लामिया कमेटी जगदलपुर के पूर्व पदाधिकारियों के खिलाफ 3 करोड़ 58 लाख 56 हजार रुपये की वित्तीय अनियमितता को लेकर राज्य वक्फ बोर्ड द्वारा एफआईआर दर्ज कराया गया है। उक्त वित्तीय अनियमितता वर्ष 2011 से वर्ष 2019 के बीच की गई है। ऐसे और भी मामले हैं जिस पर बोर्ड कड़ा एक्शन ले रहा है।

छत्तीसगढ़ राज्य वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष सलाम रिजवी ने मीडिया से बातचीत में कहा कि वक्फ की संपत्तियों को सुरक्षा, व्यवस्था, विकास एवं मुतवल्ली से संबंधित विवादों के निराकरण के लिए नियुक्त ऑब्जर्वर टीम के द्वारा किए जा रहे कार्यो से अच्छे परिणाम सामने आने लगे हैं,और लंबित मामलों को सुलझाने में मदद मिल रही है। जिन व्यक्तियों द्वारा वक्फ की संपत्तियों पर अवैध रुप से कब्जा किया गया है उन पर भी वक्फ बोर्ड द्वारा सख्त कार्यवाही की जा रही है। वक्फ संपत्तियों के संबंध में की गई समस्त अनियमितताओं की भी सूक्ष्मता से जांच की जाएगी।
पुराने कार्यकाल में प्रदेश भर में वक्फ की संपत्तियों की जो बंदरबांट और वित्तीय अनियमितताएं की गई है उसका अब खुलासा होने लगा है। जगदलपुर की वक्फ संपत्ति (अंजुमन इस्लामिया कमेटी जगदलपुर) से जुड़ी वित्तीय अनियमिता की जानकारी होने पर तत्काल संज्ञान में लेकर  एक पर्यवेक्षक दल का गठन करके जांच के आदेश दिए। जांच एवं दस्तावेजों के परीक्षण के बाद अंजुमन इस्लामिया कमेटी जगदलपुर के पांच सदस्यों द्वारा कूटरचना कर करोड़ों रुपयों की राशि का गबन किए जाने का मामला उजागर हुआ है। इसके बाद ाज्य वक्फ बोर्ड द्वारा अंजुमन इस्लामिया कमेटी जगदलपुर के पूर्व सदर सलीम रजा, नायब सदर इसराईल हक, सेक्रेटरी अताउर्रहमान खान, नायब सेक्रेटरी मोहम्मद अजीज और खजांची मोहम्मद इदरीस व कमेटी के अन्य सदस्यों पर आर्थिक अनियमितता एवं छल-कपट, कूटरचना कर 3 करोड़ 58 लाख 56 हजार रूपयों की वित्तीय अनियमितता के संबंध में सिटी कोतवाली जगदलपुर में एफ.आई.आर. दर्ज कराई गई है। छ.ग.राज्य वक्फ बोर्ड द्वारा वक्फ की सम्पत्तियों की हेरा-फेरी करने वालों के खिलाफ पहली एफ.आई.आर. दर्ज होने से ऐसे लोगों के बीच अफरा-तफरी का महौल है।
इसी तरह सारंगढ़ की वक्फ सम्पत्ति मुसाफिर खाना को अवैध रूप से बेच दिया गया है। इस मुसाफिर खाने का वर्तमान मूल्य लगभग 5 करोड़ रू. है। इस मामले में रायगढ़ जिला प्रशासन और जिला वक्फ समिति से निष्पक्ष जांच कर सम्बंधितों पर एफ.आई.आर. दर्ज कराने के आदेश दिये गए है।

बिलासपुर जिले में भी वक्फ अलल औलाद ग्राम मचखण्डा में वक्फ की सौ एकड़ से भी ज्यादा जमीन मालगुजार स्व.जैनुद्दीन के वंशजों द्वारा बेच दी गई है। वहीं खाली पड़ी जमीनों पर लोगों ने बेजा कब्जा भी कर रखा है। वक्फ बोर्ड ने फर्जी तरीके से की गई जमीनों की रजिस्ट्री को निरस्त करने और वक्फ की जमीनों पर अवैध रूप से किये गये कब्जों को हटाने के लिए बिलासपुर जिला प्रशासन को पत्र लिखा है। सुन्नी हुसैनी मस्जिद तालापारा बिलासपुर, जूना मस्जिद बिलासपुर, सुन्नी जामा मस्जिद बलौदाबाजार समेत अनेक जिलों में स्थित वक्फ संस्थाओं के विवादों का निपटारा निरंतर किया जा रहा है। बोर्ड की त्वरित कार्रवाई से बिरादरी के लोग खुश हैं।

Related Articles

3 Comments

  1. 222999 221272Pretty part of content material. I just stumbled upon your weblog and in accession capital to assert that I get really loved account your weblog posts. Any way Ill be subscribing on your feeds or even I success you access constantly quickly. 653937

  2. 359393 983522 There is noticeably a bundle to know about this. I assume you made certain good points in capabilities also. 540774

Leave a Reply

Your email address will not be published.

Back to top button