कानून-व्यवस्था

कोरोना का हॉटस्पॉट बना निजामुद्दीन का मरकज, 10 लोगों की मौत से जुड़े तार

नई दिल्ली, दक्षिणी दिल्ली के निजामुद्दीन स्थित तबलीगी जमात के मरकज से देश भर में कोरोना वायरस का संक्रमण फैलने का मामला सामने आया है. इस मकरज के धार्मिक समारोह में 3000 लोग शामिल हुए थे। इनमें से 860 लोगों को अस्पतालों में भर्ती किया जा चुका है, जबकि 300 और लोग भी अस्पताल भेजे जाने हैं। वहीं देश में कोरोना वायरस से हुई कुल मौतों में से कम से कम 10 लोगों के तार निजामुद्दीन मरकज से जुड़े मिले हैं। इन मृतकों में जहां 6 लोग तेलंगाना के थे, वहीं केरल, जम्मू-कश्मीर, महाराष्ट्र और कर्नाटक में मौत के शिकार हुए कम से कम एक-एक व्यक्ति के तार इसी मरकज से जुड़े पाए गए हैं। ये मामला सामने आने के बाद निजामुद्दीन का मरकज कोरोना का हॉटस्पॉट बन चुका है।

निजामुद्दीन के मरकज में 15 से 18 मार्च तक धार्मिक समारोह आयोजित किया गया था. इसमें बड़ी तादाद में कर्नाटक, महाराष्ट्र, तेलंगाना, केरल, दिल्ली राज्यों से लोग शामिल हुए थे. मरकज में शामिल होने आए लोगों में करीब 100 से ज्यादा विदेशी थे; जो बांग्लादेश, श्रीलंका, अफगानिस्तान, मलेशिया, सऊदी अरब, इंग्लैंड और चीन से आए थे. ऐसे में धार्मिक समारोह में शामिल होने वाले लोगों की संख्या तकरीबन 3000 हो गई थी. यहीं पर कुछ ऐसे लोग भी थे, जो कोरोना से संक्रमित थे. लॉकडाउन से फंस गए थे कई लोग
लॉकडाउन से पहले बड़ी संख्या में लोग चले गए थे, लेकिन कई लोग रुक गए थे. थाइलैंड और किर्गिस्तान से आए लोग भी थे, जो अभी वापस नहीं लौटे हैं. इनमें सोमवार को मरकज में 24 लोगों के पॉजिटिव आने से हड़कंप मच गया. जिसके बाद मरकज में शामिल बाकी लोगों को टेस्ट के लिए भेजा गया. कुछ में दिखे थे कोरोना के लक्षण, नहीं दिया गया ध्यान
चौंकाने वाली बात यह है कि निजामुद्दीन इलाके के कुछ लोगों में 2 दिनों से कोविड-19 बीमारी के लक्षण दिख रहे थे. स्थानीय प्रशासन को जब इसकी भनक लगी तो संदिग्धों को अस्पताल ले जाने के लिए एंबुलेंस भी भेजी गई थी, लेकिन इलाके के लोगों ने विरोध करते हुए एंबुलेंस को लौटा दिया. मौतों से मची खलबली
तेलंगाना में हुई 6 लोगों की मौत और केरल में एक शख्स की मौत के बाद खलबली मची. ये सातों मरकज में हुए धार्मिक समारोह में शामिल हुए थे और बताया जा रहा है कि यहीं से वो कोरोना संक्रमित हुए थे. इससे पहले जम्मू-कश्मीर में एक 65 साल के बुजुर्ग की मौत भी हुई. वो भी मरकज आए थे. बताया जा रहा है कि वह यूपी के सहारनपुर भी गए थे. ऐसे में उनकी मौत की खबर से अब सहारनपुर में भी हलचल तेज हो गई है. और धीरे-धीरे सामने आने लगे मामले
तेलंगाना में हुई इन मौतों के बाद तमिलनाडु, केरल, पश्चिम बंगाल से भी कोरोना के मामले सामने आने लगे हैं, जो लोग संक्रमित हुए हैं, वो इस कार्यक्रम में हिस्सा लेने पहुंचे थे. हालांकि, इनमें से कुछ लोग ऐसे भी थे, जिन्होंने उस कार्यक्रम में हिस्सा तो नहीं लिया था, लेकिन उस कार्यक्रम में हिस्सा लेकर आए किसी व्यक्ति के साथ उन्होंने मुलाकात की थी. क्या कहता है निजामुद्दीन मरकज?
उधर, निजामुद्दीन मरकज के प्रवक्ता डॉक्टर मोहम्मद शोएब ने कहा, ‘हमने प्रशासन को नामों की लिस्ट दे दी है, जिन्हें धार्मिक समारोह के दौरान सर्दी जुकाम और खांसी की परेशानी थी. कुछ लोगों को उम्र और ट्रैवल हिस्ट्री के आधार पर अस्पताल में भर्ती कराया गया है.’ क्या है तबलीगी जमात?
मुगल काल में कई लोगों ने इस्लाम धर्म कबूल किया था. इसके बाद भी वो हिंदू परंपरा और रीति-रिवाज का पालन कर रहे थे. ऐसे में मौलाना इलियास कांधलवी ने इस्लाम की शिक्षा देने का काम शुरू किया. इसके लिए उन्होंने 1926-27 में दिल्ली के निजामुद्दीन स्थित मस्जिद में कुछ लोगों के साथ तबलीगी जमात का गठन किया. इसे मुसलमानों को अपने धर्म में बनाए रखना और इस्लाम धर्म का प्रचार-प्रसार और इसकी जानकारी देने के लिए शुरू किया.


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