
महासमुंद, खरीफ विपणन वर्ष 2026-27 में राज्य शासन के मंशानुरूप जिले की सहकारी समितियों द्वारा पंजीकृत किसानों से समर्थन मूल्य पर धान का उपार्जन 15 नवंबर 2026 से प्रारंभ किया जाएगा। धान खरीदी की प्रक्रिया को सुचारू, पारदर्शी एवं व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के लिए कलेक्टर श्री विनय कुमार लंगेह ने जिले के 202 धान खरीदी केंद्रों के पर्यवेक्षण एवं नियंत्रण के लिए जिला एवं अनुविभाग स्तरीय 75 अधिकारियों को जिला नोडल अधिकारी नियुक्त किया है।
कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्देशित किया है कि धान खरीदी प्रारंभ होने से पूर्व अपने-अपने आबंटित केंद्रों का निरीक्षण कर सभी आवश्यक प्रारंभिक तैयारियां सुनिश्चित करें। इसके लिए निर्धारित चेकलिस्ट के अनुसार केंद्रों में व्यवस्थाओं का परीक्षण कर आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं। धान खरीदी के दौरान किसानों को किसी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए उपार्जित धान के भुगतान हेतु आवश्यक राशि, बारदानों की उपलब्धता, धान का परिवहन तथा शासन के निर्देशानुसार अन्य जरूरी व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
कलेक्टर ने निर्देश दिए है कि जिला स्तरीय नोडल अधिकारी धान खरीदी की अवधि में प्रत्येक सप्ताह कम से कम एक बार अपने आबंटित खरीदी केंद्रों का निरीक्षण एवं पर्यवेक्षण करेंगे। इस दौरान शासन की नीति एवं दिशा-निर्देशों के अनुरूप समर्थन मूल्य पर धान खरीदी की प्रक्रिया का संचालन सुनिश्चित किया जाएगा। साथ ही केंद्रों में उपलब्ध धान के स्टॉक तथा नए एवं पुराने बारदानों का सत्यापन कर निर्धारित प्रारूप में जानकारी जिला कार्यालय को प्रस्तुत करना होगा। कलेक्टर ने धान खरीदी केंद्रों में आवश्यक व्यवस्थाओं की नियमित निगरानी करने तथा किसी भी प्रकार की समस्या सामने आने पर उसका समयबद्ध निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। सभी संबंधित अधिकारियों को अपने दायित्वों का गंभीरता से निर्वहन करते हुए धान खरीदी व्यवस्था को व्यवस्थित बनाए रखने के लिए कहा गया है। इसके अलावा समस्त अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) को अपने-अपने अनुविभाग के धान उपार्जन केंद्रों के केंद्र स्तरीय नोडल अधिकारियों एवं जिला स्तरीय नोडल अधिकारियों के बीच समन्वय स्थापित करने कहा है।






