
भुवनेश्वर , ओडिशा में पुलिस ने DG रैंक के IPS अधिकारी सुशांत कुमार नाथ के खिलाफ यौन उत्पीड़न का मामला दर्ज किया है। इसके बाद राज्य सरकार ने उन्हें DG (जेल) के पद से हटा दिया। उन्हें गृह विभाग में ‘ऑफिसर ऑन स्पेशल ड्यूटी’ (OSD) के पद पर तैनात किया गया है। एक ऐसा पद जिसे आमतौर पर सजा के तौर पर देखा जाता है। कटक अर्बन पुलिस डिस्ट्रिक्ट ने 59 साल के आईपीएस सुशांत कुमार नाथ और उनके सहयोगी कुलदीप रथ के खिलाफ मामला दर्ज किया था। यह कार्रवाई एक पूर्व महिला जेलर की शिकायत पर की गई है।
1993 बैच के आईपीएस अधिकारी सुशांत कुमार नाथ पर यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोप लगे हैं। शिकायतकर्ता का आरोप है कि जुलाई 2025 में कुलदीप रथ ने सुशांत कुमार नाथ की ओर से उनसे संपर्क किया। इसके बाद अगस्त और सितंबर 2025 में उन्हें संदेश भेजे गए, जिनमें उन्हें कटक के दो होटलों में IPS अधिकारी के साथ डिनर पर मिलने के लिए कहा गया था। महिला का दावा है कि उन्होंने ऐसे सभी निमंत्रण ठुकरा दिए।
‘होटल में जाने से इनकार किया तो सस्पेंड किया’
महिला जेलर का आरोप है कि रथ ने मुझसे कहा कि सुशांत कुमार नाथ चाहते हैं कि मैं होटलों में उनसे अकेले मिलूं। कुलदीप नाथ और सुशांत कुमार रथ का यह बर्ताव स्पष्ट रूप से यौन मंशा को दर्शाता है और यह ‘अनचाहे यौन प्रस्ताव’ की श्रेणी में आता है। महिला ने यह भी आरोप लगाया कि जब उन्होंने इन प्रस्तावों को ठुकरा दिया, तो नाथ ने उन्हें निशाना बनाया और फरवरी 2026 में उन्हें सस्पेंड कर दिया।
2025 में हुई थी घटना
शिकायतकर्ता के अनुसार, उन्हें तब सस्पेंड किया गया जब उन्होंने पूर्व चौद्वार जेल अधीक्षक सुजीत राउला के खिलाफ FIR दर्ज कराई थी। आरोप है कि राउला ने उनके जाली हस्ताक्षर किए थे और अक्टूबर 2025 में जेल से दो हत्या के आरोपियों के फरार होने के मामले में सुरक्षा चूक के लिए उन्हें जिम्मेदार ठहराया था। इस मामले पर टिप्पणी के लिए सुशांत कुमार नाथ और कुलदीप रथ से संपर्क करने की कोशिश की गई, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला।
सरकार ने कहा कि निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने के लिए नाथ को DG (जेल) के पद से हटाया गया है। गृह विभाग के एक अधिकारी ने कहा कि पुलिस को जांच करने दें और तथ्यों का पता लगाने दें। एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि जांच के हिस्से के रूप में पुलिस नाथ और रथ दोनों से पूछताछ करेगी।
ओडिशा में डीजीपी की पोस्ट के लिए गया है सुशांत कुमार नाथ का नाम
इस मामले का असर ओडिशा के अगले पुलिस महानिदेशक (DGP) के चयन पर पड़ सकता है। सुप्रीम कोर्ट का इस संबंध में फैसला भी इसी महीने आने की उम्मीद है। नाथ उन 11 वरिष्ठ IPS अधिकारियों में शामिल थे, जिनके नाम राज्य सरकार ने मई में संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) को भेजे थे। इन नामों पर पूर्व DGP वाई.बी. खुरानिया (जो अगस्त में रिटायर हुए) के उत्तराधिकारी के तौर पर विचार किया जाना था।
सुप्रीम कोर्ट गए थे सुशांत कुमार नाथ IPS
हालांकि, बाद में राज्य सरकार ने इस पैनल से नाथ का नाम वापस ले लिया। ऐसा तब हुआ जब CBI ने संकेत दिया कि SI भर्ती परीक्षा घोटाले के सिलसिले में उनसे पूछताछ की जा सकती है। इसके बाद नाथ ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य सरकार ने मनमाना रवैया अपनाया है। उसने उनका ‘ईमानदारी प्रमाण पत्र’ वापस ले लिया और उन्हें विचार प्रक्रिया से बाहर कर दिया, जबकि उनके खिलाफ गलत काम करने का कोई भी आरोप साबित नहीं हुआ था।
IPS सुशांत कुमार नाथ कौन?
सुशांत कुमार नाथ का जन्म ओडिशा के ढेंकनाल में हुआ था। सुशांत कुमार नाथ के पास एमटेक की डिग्री और मैनेजमेंट में पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा है। उनकी पोस्टिंग कंधमाल, जगतसिंहपुर, संबलपुर और नवरंगपुर जैसे महत्वपूर्ण जिलों में पुलिस अधीक्षक (SP) के रूप में रही।







