राजनीति

स्काईवॉक बना सरकार के गले की फांस

 रायपुर। राजधानी में शहर के मध्य जयस्तंभ चौक से अंबेडकर अस्पताल तक बन रहे स्काईवॉक सरकार के गले की फांस बन गया है साल भर बाद भी इस पर सरकार ने कोई निर्णय नहीं लिया है। दो –दो समितियां भी अभी तक अपनी रिपोर्ट नहीं दे पाई है। स्काईवॉक तो नहीं टूटेगा लेकिन सरकार कोई निर्णय लेने में अभी असमर्थ है।

पूर्ववर्ती भाजपा शासनकाल में जय स्तंभ चौक से अंबेडकर अस्पताल तक 1470 मीटर लंबाई स्काईवाक बनाना शुरू किया गया था इसकी लागत करीब 75 करोड रु थी। अभी तक 50 करोड खर्च हो चुके हैं एवं 60 फीसदी काम पूरा हो चुका है। सरकार बदलने के बाद अब यह काम बंद कर दिया गया है, और इसकी उपयोगिता को लेकर दो समितियां बना दी गई है परंतु अभी तक कोई निर्णय नहीं हुआ है हालांकि। बैठक जल्द करने की तैयारी चल रही है। इसका क्या उपयोग होगा? अभी तक नहीं पता। सुझाव समिति के अध्यक्ष का कहना है कि स्काईवाक नहीं टूटेगा लेकिन इसके नहीं तोड़ने पर भी कोई ठोस निर्णय नहीं हो पाया है।

बताया गया है कि ज्यादातर लोगों एवं विशेषज्ञों ने स्काईवाक को नहीं तोड़ने का सुझाव भी दिया है , अच्छे सुझाव भी मिले हैं जिसमें स्काईवॉक पर मार्केट, फूलों का गार्डन, विज्ञापन के लिए उपयोग आदि शामिल है। कुछ लोगों ने क्विक पब्लिक ट्रांसपोर्ट के लिए स्काईवाक का उपयोग किए जाने का भी सुझाव दिया है। लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों के अनुसार75 करोड रु. के। स्काईवाक पर अब तक ₹50 करोद खर्च हो चुके हैं। जबकि 60 फीसद ही काम हुआ है।

निर्णय जल्द–शर्मा

सामान्य सुझाव समिति के अध्यक्ष विधायक सत्यनारायण शर्मा का कहना है कि स्काईवॉक पर बड़ी राशि खर्च हो चुकी है जो जनता का पैसा है। इसलिए इसे तोड़ने की वजह इसके वैकल्पिक उपयोग पर विचार किया जाना चाहिए। इस संबंध में कई सुझाव आए हैं। सामान्य सुझाव समिति की बैठक जल्द बुलाकर एक माह के भीतर इस पर निर्णय लिया जाएगा एवं शासन को अंतिम निर्णय के लिए भेजा जाएगा।

सरकार टालमटोल कर रही– मूणत

पूर्व मंत्री राजेश का कहना है कि सरकार साल भर बाद भी स्काईवाक पर कोई निर्णय नहीं ले रही है और ना ही इस पर निर्णय लेना चाहती है क्योंकि दो समिति भी बनाई गई है। कम से कम सरकार को कोई न कोई निर्णय तो लेना ही चाहिए।

Related Articles

2 Comments

Leave a Reply

Your email address will not be published.

Back to top button