राजनीति

राजस्थान के जाट नेता किसान पुत्र जगदीप धनखड़ भारत के उपराष्ट्रपति निर्वाचित होकर बनाया एक नया इतिहास

राजस्थान के जाट नेता और किसान पुत्र जगदीप धनखड़ ने देश के दूसरे सर्वोच्च संविधानिक पद उप राष्ट्रपति का चुनाव धाकड़ तरीके से जीत कर एक नया इतिहास रच दिया है। वे राजस्थान से इस उच्च पद पर पहुँचने वाले दूसरे व्यक्ति है। इसके पहलें राजस्थान से  दिग्गज नेता और दिवंगत मुख्यमंत्री भैरोंसिंह शेखावत भी उपराष्ट्रपति रहें है। धनखड बीजेपी के तीसरे उपराष्ट्रपति है। मौजूदा उपराष्ट्रपति एम वैंकया नायडू भी राजस्थान से ही राज्यसभा सदस्य रहते हुए उपराष्ट्रपति बने और दिवंगत भैरोंसिंह शेखावत राजस्थान के क़द्दावर नेता थे।

उपराष्ट्रपति चुने जाने से पहलें धनखड पश्चिम बंगाल के तेज तर्रार राज्यपाल (गवर्नर) थे। उन्हें प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और भाजपानीत एनडीए ने देश की पहली आदिवासी महिला राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू की तरह उपराष्ट्रपति के लिए अपना उम्मीदवार घोषित कर सबको चौंकाया था। धनखड़ ने अपनी प्रतिद्वंदी और विपक्ष की उम्मीदवार राजस्थान की पूर्व राज्यपाल और वरिष्ठ कांग्रेसी नेता मार्गेट आल्वा को भारी मतों के अन्तर से हराया। संसद भवन में शनिवार को हुए मतदान में धनख़ड को  बहुमत से अधिक मत (528)मिलें जबकि उनकी प्रतिद्वंदी मार्गेट अल्वा को अपेक्षा से कम मत(182) ही मिल पायें।ममता बनर्जी की तृणमूल कांग्रेस के 34 सांसदों ने मतदान में भाग नही लिया।विपक्ष और यूपीए के कई घटक दलों ने भी धनखड के पक्ष में मतदान किया।इस प्रकार एनडीए ने विपक्षी खेमें में ज़बर्दस्त सेंधमारी की गई।

वर्तमान उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू का कार्यकाल 10 अगस्त को समाप्त हो रहा है। उससे चार दिन पहले ही नए उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड के नाम की घोषणा हो गई है । जगदीप धनखड 11 अगस्त को उपराष्ट्रपति पद की शपथ लेंगे। उन्हें राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू शपथ दिलायेंगी।

जगदीप धनखड़ के उपराष्ट्रपति बनने से संसद के दोनों सदनों उच्च सदन राज्यसभा और निचले सदन लोकसभा के शीर्ष पदों पर राजस्थान के प्रतिनिधियों के क़ाबिज़ होने का एक नया और अनूठा इतिहास भी बन रहा है। उपराष्ट्रपति संसद के उच्च सदन राज्यसभा के सभापति भी होते है।लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला भी राजस्थान के कोटा से सांसद है । इस प्रकार अब दोनों सदनों के शीर्ष पदों पर राजस्थान का गौरवशाली प्रतिनिधित्व हो जायेगा।  

राजस्थान के जाट बेल्ट शेखावटी इलाके से आने वाले जगदीप धनखड सुप्रीम कोर्ट में वरिष्ठ वकील रहने के अलावा राजस्थान विधानसभा में विधायक, लोकसभा सांसद ,केन्द्रीय मन्त्री और पश्चिम बंगाल के चर्चित राज्यपाल भी रहें हैं।

जगदीप धनखड का जीवन परिचय

पश्चिम बंगाल का राज्यपाल रहें जगदीप धनखड किसी परिचय के मोहताज नहीं है। 71 वर्षीय धनखड़ राजस्थान के शेखावटी अंचल के झुंझुनू जिले के छोटे से गांव किठाना में एक कृषक परिवार में जन्मे है । उन्होंने अपने जीवन में कई उतार चढ़ाव देखें। वे पिछले तीन दशकों से सार्वजनिक जीवन में सक्रिय हैं ।वर्ष 2019 में पश्चिम बंगाल का राज्यपाल बनने के बाद मुख्यमंत्री ममता बनर्जी से उनकी नौकझोक की वजह से वे पूरे देश में यकायक चर्चित नाम हो गए । राजनीतिक हलकों में चर्चा है कि ममता बनर्जी को एक भी दिन चैन से नहीं रहने देने के लिए भाजपा और एनडीए ने उन्हें  उपराष्ट्रपति बना कर पुरस्कृत किया है।

जगदीप धनखड़ 1989 में पहली बार जनता दल पार्टी के सांसद के रूप में राजस्थान के झुंझुनू संसदीय क्षेत्र से चुनाव जीत कर संसद में पहुंचे थे। इस दौरान वे संसदीय कार्यमंत्री भी रहें । बाद में 1993 में उन्होंने अजमेर जिले के किशनगढ़ से विधायक का चुनाव जीत राजस्थान विधानसभा में  किशनगढ़ का प्रतिनिधित्व किया। 

राजनीति में आने से पहले धनखड़ एक सफल और पेशेवर वकील भी  रहे। राजस्थान विवि से एलएलबी की पढ़ाई के बाद उन्होंने राजस्थान हाई कोर्ट और सुप्रीम कोर्ट में अपनी सेवाएं दी। वह राजस्थान हाईकोर्ट में बार एसोसिएशन के अध्यक्ष भी रहे हैं। इससे पहले उनकी स्कूली शिक्षा चित्तौड़गढ़ के सैनिक स्कूल में हुई। उन्होंने वहाँ से भौतिक विज्ञान में स्नातक की पढ़ाई पूरी की। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अगुवाई वाली एनडीए सरकार ने 2019 में उन्हें पश्चिम बंगाल का राज्यपाल नियुक्त किया। सामाजिक राजनीतिक आदि सभी मुद्दों पर अपनी बेबाक राय रखने के लिए मशहूर धनखड के मुख्यमंत्री ममता बनर्जी से कई बार मतभेद खुल कर सामने आए लेकिन वे एक “पीपूल गवर्नर” बन कर उभरें और लोकप्रिय हुए ।

पत्रकार -कुमेश जैन

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