रायपुर, छत्तीसगढ़ की रिक्त दो राज्यसभा सीटों के लिए बीजेपी और कांग्रेस उम्मीदवार निर्विरोध चुने गए। भाजपा से लक्ष्मी वर्मा और कांग्रेस से फूलोदेवी नेताम राज्यसभा सांसद निर्वाचित हुई हैं। प्रमाण पत्र प्राप्त करने दोनों नेत्री विधानसभा पहुंचीं, इस दौरान दोनों ने एक दूसरे को मिठाई खिलाकर जीत की बधाई। बता दें कि तेलंगाना के एक व्यक्ति ने नामांकन रद्द होने के बाद लक्ष्मी वर्मा और फूलोदेवी नेताम की जीत तय हो गई थी। प्रमाण पत्र लेने के बाद दोनों सांसदों ने पार्टी नेतृत्व और प्रदेश की जनता का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि वे राज्य और जनता के हितों को राज्यसभा में मजबूती से उठाने का काम करेंगी।सामाजिक संतुलन साधने की रणनीति
भाजपा ने पिछड़ा वर्ग से आने वाली वर्मा को उम्मीदवार बनाकर ओबीसी वोट बैंक को साधने की कोशिश की है, जबकि कांग्रेस ने आदिवासी नेता नेताम को दोबारा मौका देकर अपने पारंपरिक आदिवासी आधार को मजबूत करने का संकेत दिया है। राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, दोनों दलों का यह फैसला केवल एक सीट जीतने तक सीमित नहीं है, बल्कि आने वाले चुनावों के लिए सामाजिक संतुलन साधने की रणनीति का हिस्सा भी माना जा रहा है।
मुख्यमंत्री साय से की मुलाकात
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से आज छत्तीसगढ़ विधानसभा स्थित मुख्यमंत्री कार्यालय कक्ष में नवनिर्वाचित राज्यसभा सदस्य लक्ष्मी वर्मा ने सौजन्य मुलाकात कर बधाई दी। मुख्यमंत्री ने कहा कि संसद के उच्च सदन राज्यसभा में छत्तीसगढ़ की जनभावनाओं, विकास से जुड़े मुद्दों तथा आमजन की अपेक्षाओं को सशक्त रूप से रखने में लक्ष्मी वर्मा की महत्वपूर्ण भूमिका होगी। इस अवसर पर विधायक किरण सिंह देव, विधायक अनुज शर्मा, राज्य नागरिक आपूर्ति निगम के अध्यक्ष संजय श्रीवास्तव सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं गणमान्यजन उपस्थित थे।







