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REGISTRY;राजधानी रायपुर में संपत्तियों की रिकॉर्ड 46,589 रजिस्ट्री,आय भी लक्ष्य से ज्यादा

रजिस्ट्री

रायपुर, वित्तीय वर्ष 2024-25 के दौरान राजधानी में संपत्तियों की रजिस्ट्री का नया रिकॉर्ड बना है। रायपुर पंजीयन कार्यालय में इस साल कुल 46,589 रजिस्ट्री हुई हैं, जिससे लगभग 829 करोड़ 29 लाख रुपए की आय हुई है।इसके अलावा, नवा रायपुर, अभनपुर, आरंग और तिल्दा ब्लॉक में कुल 19,493 रजिस्ट्री हुईं हैं। इससे तीन करोड़ रुपये से अधिक की आय हुई है। इस तरह पूरे रायपुर जिले में कुल 66,082 रजिस्ट्री हुई हैं, जिससे करीब 11.5 करोड़ रुपये की आय हुई है।

वर्ष 2024 के लिए पंजीयन विभाग को जिले के लिए 1,100 करोड़ रुपये का टारगेट मिला था, जबकि रायपुर पंजीयन कार्यालय को 790 करोड़ रुपये का टारगेट दिया गया था। अधिकारियों के अनुसार, इन दोनों टारगेट को पूरा कर लिया गया है। रायपुर पंजीयन कार्यालय ने तो टारगेट से लगभग 40 करोड़ रुपये अधिक आय प्राप्त की है। पिछले वित्तीय वर्ष 2023-24 के मुकाबले इस बार जिले में करीब 15,000 अधिक रजिस्ट्री हुई हैं। जहां पिछले वर्ष 51,000 रजिस्ट्री हुई थीं, वहीं इस वर्ष 66,000 रजिस्ट्री हुई हैं, जो कि एक बड़ी उपलब्धि है।

अंतिम दिन रिकॉर्ड 743 रजिस्ट्री

नए वित्तीय वर्ष में सम्पत्तियों के दाम में वृद्धि एवं रियायत में कटौती को देखते हुए वित्तीय वर्ष के अंतिम दिन यानी 31 मार्च को रायपुर पंजीयन कार्यालय में रिकॉर्ड रजिस्ट्री हुई। इस दिन कुल 743 रजिस्ट्री हुईं, जिससे पंजीयन फीस के रूप में आठ करोड़ 4 लाख 62 हजार रुपये और स्टांप ड्यूटी से 13.73 करोड़ की आय हुई। यानी कुल 21 करोड़ 78 लाख 12 हजार रुपये की आय हुई। यह आंकड़ा बीते वर्ष की तुलना में काफी अधिक है और इसने विभाग के वित्तीय लक्ष्यों को भी पार किया।

छुट्टियों के दिन भी लगी रही भीड़

वर्ष के अंतिम महीने में संपत्ति की खरीदी-बिक्री में वृद्धि को देखते हुए, पंजीयन कार्यालयों में अपाइंटमेंट लेने वालों की संख्या भी दोगुनी हो गई। इस वजह से शासन द्वारा पंजीयन कार्यालयों को शासकीय छुट्टियों के दिन भी खोले रखने का निर्देश दिया गया था। इसके तहत सभी पंजीयन कार्यालय खुले रहे और इस दौरान भी रजिस्ट्री कराने वालों की भीड़ लगी रही।

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