राज्य प्रशासन

कोषालयों में देयक स्वीकार करने की अंतिम तिथि 25 मार्च तक

वित्त विभाग द्वारा सभी विभागों को पत्र जारी 

रायपुर, राज्य शासन द्वारा कोषालयों तथा उप कोषालयों में वित्तीय वर्ष 2019-20 के बजट से संबंधित देयक स्वीकार करने के संबंध में आवश्यक निर्देश जारी किए गए हैं। इसके तहत समस्त विभागों के लिए वर्ष 2019-20 से संबंधित समस्त देयक कोषालय तथा उप कोषालयों में प्राप्त होने की अंतिम तिथि 25 मार्च 2020 निर्धारित की गई है। समस्त कोषालय अधिकारी 25 मार्च तक प्राप्त समस्त देयकों का निराकरण 31 मार्च 2020 तक किया जाना सुनिश्चित करेंगे। 
आज यहां मंत्रालय महानदी भवन स्थित वित्त विभाग से अध्यक्ष राजस्व मंडल बिलासपुर, समस्त संभागीय आयुक्त, विभागध्यक्ष, कलेक्टर और कोषालय तथा उप कोषालय अधिकारियों को इस आशय का पत्र जारी कर शत्-प्रतिशत पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके तहत सभी विभागों द्वारा अंतिम तिथि के पश्चात् वित्त विभाग की अनुमति से 30 मार्च 2020 तक ही देयक कोषालय तथा उप कोषालयों में जमा किए जा सकेंगे। 25 मार्च 2020 तक कोषालय द्वारा स्वीकार किए गए देयकों पर ली गई आपत्तियों के नियमानुसार निराकरण कर प्रस्तुत किए जाने वाले देयकों पर भी यह प्रतिबंध लागू होगा। वित्त विभाग द्वारा 25 मार्च 2020 के पश्चात् यदि कोई सहमति अथवा स्वीकृति जारी की गई है तो उन प्रकरणों पर यह प्रतिबंध लागू नहीं होगा। 
इनमें भारत सरकार से प्राप्त राशि से संबंधित देयकों तथा विधायकों के स्वत्वों से संबंधित देयकों पर भी यह प्रतिबंध लागू नहीं होगा। राजभवन सचिवालय, विधानसभा सचिवालय तथा मुख्यमंत्री सचिवालय के अधीन गठित प्रकोष्ठ, प्राधिकरण, मुख्यमंत्री सचिवालय तथा निवास कार्यालय से संबंधित प्राप्त देयकों और उच्च न्यायालय तथा अधीनस्थ न्यायालयों से संबंधित देयकों पर भी यह प्रतिबंध लागू नहीं होगा। समस्त कोषालय अधिकारियों को 25 मार्च 2020 को प्राप्त अंतिम देयक का प्रकार, बीटीआर क्रमांक तथा देयक राशि वित्त विभाग को फैक्स क्रमांक 0771-2221204 पर उक्त दिवस के कार्यालयीन समय के तुरंत बाद अवगत कराने के लिए निर्देशित किया गया है। 26 मार्च 2020 से 31 मार्च 2020 तक कोषालयों तथा उप कोषालयों द्वारा जारी किए गए धनादेशों की जानकारी निर्धारित प्रपत्र के अनुसार 31 मार्च 2020 को शाम 5.30 बजे तक वित्त विभाग को फैक्स द्वारा अनिर्वाय रूप से उपलब्ध कराने के भी निर्देश दिए गए हैं। इनमें मुख्यमंत्री, मंत्रीगण तथा विधायकों के स्वेच्छानुदान मद से संबंधित देयकों पर भी यह प्रतिबंध लागू नहीं होगा। 

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