राज्य प्रशासन

देयकों के जमा करने की अंतिम तिथि नहीं बढ़ाई गयी; दिक्कत

कोरोना वायरस के कारण सरकारी कार्यालय बंद देयकों के जमा करने की अंतिम तिथि 25 मार्च रायपुर, देश व प्रदेश में ‘‘कोरोना वायरस‘‘ से सुरक्षा व उपाय को दृष्टिगत् रखते हुए 22 मार्च को देश में ‘‘जनता कर्फू‘‘ के बाद प्रदेश की स्थिति को देखते हुए 31 मार्च तक समस्त शासकीय कार्यालयों, शालाओं, विश्वविद्यालयों, अर्ध शाकीय संस्थाओं, औद्योगिक प्रतिष्ठानों में सार्वजनिक अवकाश घोषित् किया जाकर, छत्तीसगढ़ में जनता कर्फू को भी 31 मार्च तक बढ़ा दिया गया है। किंतु छत्तीसगढ़ शासन वित्त विभाग द्वारा वित्तीय वर्ष की समाप्ति के कारण 25 मार्च तक ही देयक स्वीकार करने का आदेश जारी किया है। इस आदेश को यथावत् रखने से प्रदेश के अधिकारी कर्मचारी विभाग प्रमुख चिंतित है।

छत्तीसगढ़ प्रदेश तृतीय वर्ग कर्मचारी संघ ने नगर निगम, विद्युत मण्डल की भाॅति वित्त विभाग भी 31 मार्च के बदले 30 अप्रेल तक वित्तीय वर्ष समाप्ति व 15 अप्रेल तक देयक जमा कराने की छूट प्रदान करने की मांग मुख्यमंत्री भूपेश बघेल से उनके ही आदेश के पालनार्थ की है।
         छत्तीसगढ़ प्रदेश तृतीय वर्ग कर्मचारी संघ के महामंत्री विजय कुमार झा एवं इदरीश खाॅन ने बताया है कि आम जनता को अपने घ्ररों से निकलने की मनाही है। दूसरी ओर वित्तीय वर्ष को ध्यान में रखते हुए प्रदेश के समस्त विभागाध्यक्षों, आयुक्तों व विभाग प्रमुख, आहरण संवितरण अधिकारियों को 25 मार्च तक देयक जमा करने का अंतिम अवसर प्रदान किया गया है। इसके बाद विशेष परिस्थिति व वित्त विभाग की अनुमति से ही देयक कोषालयों में जमा होगें। चूंकि 31 मार्च तक मंत्रालय, संचालनालय भी बंद है, ऐसी स्थिति में या तो जाॅन को जोखिम में डालते हुए, जनता कर्फू का उलंधन कर कार्यालय जाकर देयक तैयार करने हेतु अधिकारियों कर्मचारियों को मजबूर होना पड़ेगा अन्यथा राज्य शासन से प्राप्त होने वाले विभिन्न मदों में आबंटित राशि विशेषकर क्रय मद् की राशि, निर्वाचन कार्यो के लंबित देयक, चिकित्सा देयक, यात्रा देयक, वाहनों के डीजल-पेट्रोल, आदि की आबंटित राशि निर्धारित तिथी तक आहरित न होने से डूबने की संभावना होगी। ऐसा होने पर आहरण संवितरण अधिकारी, देयक तैयार करने वाले लिपिक, लेखापाल, कम्प्यूटर आपरेटर के विरूद्व विभागीय कार्यवाही करने से पीछे नहीं हटेगा। ऐसी स्थिति में संघ ने मुख्यमंत्री से मांग की है कि जब प्रदेश में 31 मार्च जनता कर्फू प्रभावी है, नगर निगम का टैक्स 30 अप्रेल तक, बिजली बिल अप्रेल माह तक, समस्त परीक्षाएं स्थगित होकर अब विधानसभा भी अनिचितकाल के लिए स्थगित होने की स्थिति में है, तब प्रदेश का वित्त विभाग देयक जमा करने की तिथी में वृद्वि क्यों नहीं कर सकता है।

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2 Comments

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