राज्य प्रशासन

कलेक्टर सरगुजा ने जनसम्पर्क अधिकारियों को लगाई फटकार;निंदा प्रस्ताव पारित,मुख्यमंत्री से शिकायत करेंगे

रायपुर,छत्तीसगढ़ में एक कलेक्टर और जनसंपर्क अधिकारियों के बीच बड़ा विवाद हो गया है। कलेक्टर सरगुजा कुंदन कुमार ने अपने चेन्म्बर में बुलाकर सहायक संचालक दर्शन सिंह सिदार एवं सहायक सूचना अधिकारी सुखसागर वारे के साथ कथित रुप से गाली-गलौच कर डांट -फटकार लगाई। इसके साथ ही सुखसागर वारे को अनाधिकृत रूप से अनुविभागीय दण्डाधिकारी कार्यालय में संलग्न कर दिया है। बहरहाल छत्तीसगढ़ जनसम्पर्क अधिकारी संघ ने सरगजा कलेक्टर कुंदन कुमार द्वारा दो जनसम्पर्क अधिकारियों से अमर्यादित व्यवहार, अपशब्दों के प्रयोग के मामले पर आज संघ की बैठक में निंदा प्रस्ताव पारित किया है।

आज हुई बैठक में छत्तीसगढ़ जनसम्पर्क अधिकारी संघ ने यह भी मांग की है कि कलेक्टर सरगुजा अपने अमर्यादित व्यवहार के लिए तत्काल खेद व्यक्त करें। इस पूरे घटना के सम्बंध में संघ का प्रतिनिधिमण्डल जल्द ही मुख्यमंत्री से भी मिलेगा और उनसे संरक्षण की मांग करेगा । मुख्यमंत्री भूपेश बघेल जनसम्पर्क विभाग के भारसाधक मंत्री भी हैं। संघ के अध्यक्ष बालमुकुंद तंबोली ने मुख्यमंत्री भूपेश बघेल से विभाग के भारसाधक मंत्री होने के नाते संरक्षण प्रदान करते हुए मांग की है कि कलेक्टर सरगुजा के विरूद्ध उचित कार्रवाई की जाए और उन्हें अपने अमर्यादित व्यवहार के लिए खेद व्यक्त करने के निर्देश दिए जाएं।

राजधानी रायपुर में हुई कार्यकारिणी की बैठक में बताया गया है कि कलेक्टर कलेक्टर कुंदन कुमार ने तीन अगस्त को उन्हें अपने चेंबर में बुलाकर डांटा है। उन्होंने 2 अगस्त को महिला एवं बाल विकास विभाग और स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा बैठक के समाचार को गलत बताया। कलेक्टर का कहना था, यह समाचार साजिश के तहत जारी हुआ है। आरोप है कि कलेक्टर ने यहां तक कह दिया कि अगर उन्हें गुस्सा आ गया तो तुम दोनों कहीं दिखाई नहीं दोगे। बाद में कलेक्टर ने सूचना सहायक सुखसागर वारे को एसडीएम सीतापुर के कार्यालय से अटैच करने का आदेश जारी कर दिया। 

छत्तीसगढ़ जनसंपर्क अधिकारी संघ के अध्यक्ष बालमुकुंद तंबोली ने कहा कि जनसम्पर्क का कार्य चौबीस घंटे का है । सभी अधिकारी-कर्मचारी सुबह से देर रात तक अपने काम में लगे रहते हैं। गर्मी, सर्दी, बरसात से लेकर होली, दीपावली, तीज, त्यौहार सभी अवकाश के दिनों में भी पूरी निष्ठा और कर्मठता से शासन के प्रचार-प्रसार का काम करते हैं। जनसंपर्क अधिकारी राज्य सरकार की छवि निर्माण का काम करते हैं। उनसे यह कहना कि वे राज्य सरकार का प्रचार प्रसार न करे और केवल कलेक्टर का ही प्रचार प्रसार करें, यह क़तई उचित नहीं है । कलेक्टर सरगुजा का इस तरह का अशोभनीय और अमर्यादित व्यवहार कर्मठ अधिकारियों के मनोबल को गिराने वाला और उन्हें हतोत्साहित करने वाला है।

बैठक में संघ के संरक्षक उमेश मिश्रा, प्रधान संयोजक संजीव तिवारी, महासचिव आलोक देव, संयोजक हर्षा पौराणिक, उपाध्यक्ष द्वय पवन गुप्ता, हीरा देवांगन, संगठन सचिव द्वय जितेन्द्र नागेश, इस्मत दानी, सचिव राजेश श्रीवास, कोषाध्यक्ष लक्ष्मीकांत कोसरिया, प्रचार सचिव घनश्याम केशरवानी, कार्यकारिणी सदस्य सौरभ शर्मा, सचिन शर्मा, नितिन शर्मा, कमलेश साहू, मनराखन मरकाम, आर. नटेश, शशिरत्न पाराशर, विवेक सरकार, डॉ. दानेश्वरी, सुश्री रीनू ठाकुर, ताराशंकर सिन्हा, भवानी सिंह ठाकुर, नितेश चक्रधारी, रविन्द्र चौधरी, सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

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