राज्य प्रशासन

दो सूत्रीय मांगों को लेकर अब आर-पार की लड़ाई; बेमुद्दत आंदोलन के मूड में कर्मचारी

0 फेडरेशन के अनिश्चितकालीन आंदोलन की रणनीति बनाने रायपुर में जिला स्तरीय बैठक   रायपुर, फेडरेशन लगातार ज्ञापन एवं हड़ताल के माध्यम से कर्मचारी -अधिकारी फेडरेशन द्वारा गहरी नींद में सोई हुई राज्य सरकार को जगाने का प्रयास किया जाता रहा है, किंतु सरकार द्वारा कर्मचारियो की जायज मांगों को विगत 3 वर्षो से लगातार नजर अंदाज करते आ रही है। जिसके कारण अब कर्मचारियों को फेडरेशन के बैनर तले अनिश्चितकालीन आंदोलन में जाने के लिये मजबूर होना पड़ रहा है। 

फेडरेशन द्वारा अपने चौथे चरण के आंदोलन में 22 अगस्त से अनिश्चितकालीन आंदोलन में जाने हेतु कल दिनॉंक 07 अगस्त 2022 को, समय-दोपहर 2.00 बजे, स्थान-राजपत्रित अधिकारी कार्यालय, शंकर नगर रायपुर में फेडरेशन से संबंद्ध सभी संगठनों के जिला अध्यक्षों एवं रायपुर के तहसील संयोजकों के साथ बैठक आहूत की गई है। जिसमें रायपुर में निवासरत् सभी संगठनों के प्रातांध्यक्ष भी उपस्थित रहेगे। बैठक की अध्यक्षता कमल वर्मा संयोजक कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन, चंद्रशेखर तिवारी संभागीय प्रभारी, अजय तिवारी संभागीय संयोजक की उपस्थिति में होगी। 

बैठक अनिश्चितकालीन आंदोलन को जिला एवं ब्लाक/तहसील स्तर तक पुनः सफल बनाने हेतु विशेष रणनीति बनाये जाने हेतु आहूत की गई है। इस बैठक में रायपुर जिले के तहसील संयोजक सहित जिला पदाधिकारी भी उपस्थित रहेगे, जिसमें जिला एवं तहसील स्तर में पर्यवेक्षकों की नियुक्त करते हुये इस अनिश्चितकालीन आंदोलन को सफल बनाने हेतु उपस्थित पदाधिकारियों से सुझाव एवं जानकारी प्राप्त की जायेगी, जिससे कि फेडरेशन के 22 अगस्त से घोषित अनिश्चितकालीन आंदोलन को सफल बनाया जा सके। 

छत्तीसगढ़ कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन के जिला संयोजग उमेश मुदलियार, जिला महासचिव राजेश सोनी एवं आलोक नागपुरे ने संयुक्त बयान जारी कर बताया कि कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन के आव्हान पर कर्मचारी अधिकारी अपनी दो सूत्रीय मांग देयतिथि से 34 प्रतिशत मंहगाई भत्ता एवं सातवें वेतनमान के अनुसार गृहभाड़ा भत्ते की मांगों को लेकर कर्मचारी अधिकारी लगातार चरणबद्ध आंदोलन करते आ रहे है। कर्मचारी अधिकारी के बैनर तले प्रथम चरण 30 मई 2022 में सभी जिलों में कलेक्टर के माध्यम से मुख्यमंत्री एवं मुख्य सचिव को ज्ञापन दिया गया था। द्वितीय चरण में 29 जून 2022 को छत्तीसगढ़ के सभी कर्मचारी अधिकारी 1 दिवस का अवकाश लेकर जिला/ब्लाक/तहसील मे महारैली का आयोजन किया गया था। तृतीय चरण मे 25 से 29 जुलाई 2022 तक सामुहिक अवकाश लेकर काम बंद-कलम बंद हड़ताल जिला/ब्लाक/तहसील स्तर पर धरना प्रदर्शन किया गया तथा 29 जुलाई को जिला मुख्यालय मे धरना-प्रदर्शन कर महारैली निकालकर कलेक्टर के माध्यम से मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौपा गया है। 

वर्तमान में केन्द्र सरकार ने अपने कर्मचारी को 4 प्रतिशत मंहगाई भत्ता बढ़ाया है जिसके कारण अब केन्द्र के कर्मचारियों को कुल 38 प्रतिशत मंहगाई भत्ता माह जुलाई से प्राप्त होगा जिसमें केन्द्रीय कर्मचारियों को 2 महीने का एरियर भी भुगतान किया जावेगा। इसी प्रकार छत्तीसगढ़ के पड़ोसी राज्य मध्यप्रदेश में भी विगत दिनों मध्यप्रदेश सरकार द्वारा अपने कर्मचारियों को 3 प्रतिशत मंगाई भत्ता बढ़ाया है जिससे वर्तमान में मध्यप्रदेश के कर्मचारियों को कुल 34 प्रतिशत मंहगाई भत्ता प्राप्त होगा। छत्तीसगढ़ सरकार वर्तमान में अपने कर्मचारी को मात्र 12 प्रतिशत ही मंहगाई भत्ता का भुगतान कर रही है। छत्तीसगढ़ के कर्मचारी केन्द्रीय कर्मचारियों से कुल 16 प्रतिशत मंहगाई भत्ता पीछे चल रहे है जिससे छत्तीसगढ़ के कर्मचारियों को लाखों का आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। 

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