CRIME; पुरी मंदिर पर शुभंकर मिश्रा के बयान पर गहराया विवाद, कलेक्टर ने जांच समिति गठित करने के दिए निर्देश

भुवनेश्वर, सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर और पत्रकार शुभंकर मिश्रा द्वारा पुरी श्रीमंदिर और भगवान जगन्नाथ को लेकर दिए गए कथित भ्रामक बयान पर विवाद गहराता जा रहा है. उनके बयान ने न सिर्फ सोशल मीडिया पर हलचल मचा दी है, बल्कि पुरी के सेवायत समुदाय और कई स्थानीय संगठनों की तीखी प्रतिक्रिया भी सामने आई है.
मंदिर जाने से टूट जाते हैं रिश्ते
दरअसल, मिश्रा ने एक वीडियो में दावा किया था कि यदि प्रेम संबंध में रहने वाले जोड़े शादी से पहले श्री जगन्नाथ मंदिर में दर्शन के लिए जाते हैं, तो उनका रिश्ता सफल नहीं होता और वे विवाह भी नहीं कर पाते. उन्होंने इसे राधारानी के ‘श्राप’ से जोड़ते हुए कहा कि जब राधा रानी श्रीमंदिर में भगवान कृष्ण (जगन्नाथ) के दर्शन के लिए आई थीं, तब सेवायतों ने उन्हें भीतर प्रवेश की अनुमति नहीं दी. इससे क्रोधित होकर राधा रानी ने मंदिर को श्राप दे दिया- ऐसा दावा मिश्रा ने अपने कथन में किया. इन बयानों को लेकर पुरी में तीखी नाराजगी देखी जा रही है.
सेवायत समुदाय ने इसे पूरी तरह भ्रामक, मनगढ़ंत और मंदिर परंपराओं के विरुद्ध बताया है. कई भक्तों और स्थानीय संगठनों ने मिश्रा के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है, यह कहते हुए कि इस तरह के दावे जनता को गुमराह करते हैं और धार्मिक आस्था को ठेस पहुंचाते हैं.
वहीं बढ़ते विवाद के बीच पुरी जिला कलेक्टर दिव्य ज्योति परिड़ा ने स्पष्ट किया कि प्रशासन इस मामले को गंभीरता से ले रहा है. उन्होंने बताया कि एक जांच समिति गठित की जाएगी, जो मिश्रा के दावों की सत्यता की जांच करेगी और आवश्यक तथ्यों की पुष्टि करेगी.
रिपोर्ट मिलने के बाद उपयुक्त कार्रवाई की जाएगी
कलेक्टर ने कहा, शुभंकर मिश्रा ने कुछ भ्रामक बयान दिए हैं. एक समिति उनके दावों की प्रमाणिकता की जांच करेगी. रिपोर्ट मिलने के बाद उपयुक्त कार्रवाई की जाएगी. कोई भी व्यक्ति झूठी बातें या अफवाह फैलाया पाया गया तो उसके खिलाफ नियमों के तहत कार्रवाई होगी. उन्होंने जनता से अपील की कि बिना पुष्टि किए किसी भी टिप्पणी या दावा सोशल मीडिया पर न फैलाएं, ताकि अनावश्यक भ्रम की स्थिति न बने. जांच प्रक्रिया शुरू होने के साथ ही यह मुद्दा पूरे प्रदेश में चर्चा का विषय बना हुआ है, और लोग धार्मिक मामलों पर जिम्मेदारी से बयान देने की आवश्यकता पर जोर दे रहे हैं.



