ASSEMBLY; कांग्रेस शासनकाल से शुरू हुआ भ्रष्टाचार अब तक थमा नहीं,अरपा भैंसाझार परियोजना में 23.46 करोड़ की अनियमितता का मामला फिर गूंजा सदन में - thepatrakar
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ASSEMBLY; कांग्रेस शासनकाल से शुरू हुआ भ्रष्टाचार अब तक थमा नहीं,अरपा भैंसाझार परियोजना में 23.46 करोड़ की अनियमितता का मामला फिर गूंजा सदन में

रायपुर, बिल्हा विधायक धरमलाल कौशिक ने अरपा भैंसाझार परियोजना में 23.46 करोड़ रुपए के कथित फर्जी भुगतान का मामला विधानसभा में उठाया। उन्होंने सरकार से पूछा कि जब 14 जुलाई 2025 को दिए गए उत्तर में परियोजना में अनियमितता स्वीकार की जा चुकी है, तो बताएं कि अब तक दोषियों पर क्या कार्रवाई की गई? पूर्व स्पीकर कौशिक ने राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा से सवाल करते हुए कहा कि पिछले कई वर्षों से इस मामले को सदन में उठाया जा रहा है, लेकिन कार्रवाई के नाम पर केवल आश्वासन ही दिए जा रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस शासनकाल से इस परियोजना में भ्रष्टाचार का सिलसिला शुरू हुआ, जो अब तक थमा नहीं है।

जवाब में मंत्री वर्मा ने बताया कि मामले की जांच ईओडब्ल्यू द्वारा की जा रही है। उन्होंने कहा कि 16 जुलाई 2025 को प्रारंभिक जांच पंजीबद्ध कर ली गई है और जांच प्रक्रियाधीन है। सरकार दोषियों को बख्शेगी नहीं और जांच पूरी होते ही सख्त कार्रवाई की जाएगी। विधायक कौशिक ने सदन में कहा कि इस परियोजना की नींव पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह के कार्यकाल में रखी गई थी, जिसका शिलान्यास पूर्व उप प्रधानमंत्री लालकृष्ण आडवाणी ने किया था। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस के सत्ता में आते ही इस महत्वाकांक्षी योजना में भारी भ्रष्टाचार हुआ। कागजों में लाइनिंग और डिजाइन बदले गए और करोड़ों रुपए के मुआवजे में अनियमितताएं की गईं। उन्होंने कहा कि पिछले पांच वर्षों से मामले को लगातार उठाया जा रहा है, लेकिन दोषियों को संरक्षण दिया जा रहा है। जो तथ्य सामने हैं, उन पर भी ठोस कार्रवाई नहीं हो रही है। यह केवल एक गांव का उदाहरण है, जबकि पूरे छत्तीसगढ़ में इसी तरह परियोजनाओं में करोड़ों रुपए के फर्जीवाड़े हुए हैं। उन्होंने कहा कि यह मामला केवल वित्तीय अनियमितता का नहीं, बल्कि जनता के अधिकारों से जुड़ा है। उन्होंने सरकार से समयबद्ध जांच और जिम्मेदार अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की।

3 साल में सरकारी जमीन पर कब्जे के 708 मामले, सदन में उठा मुद्दा

बेलतरा विधायक सुशांत शुक्ला ने विधानसभा में बिलासपुर जिले में सरकारी जमीन पर अवैध कब्जों का मुद्दा प्रमुखता से उठाया। उन्होंने वर्ष 2023-24 से अब तक मिली शिकायतों का ब्योरा मांगते हुए पूछा कि कितने कॉलोनाइजर के खिलाफ शिकायतें दर्ज हुईं और उन पर क्या कार्रवाई की गई।

जवाब में राजस्व मंत्री टंक राम वर्मा ने बताया कि इस अवधि में कुल 708 शिकायतें प्राप्त हुई हैं। इनमें 695 मामले राजस्व विभाग से जुड़े हैं, जबकि 13 मामले नगरीय प्रशासन विभाग के हैं। मंत्री ने स्पष्ट किया कि सरकारी जमीन पर कब्जे से जुड़े मामलों में 6 शिकायतें सीधे कॉलोनाइजर के खिलाफ दर्ज की गई हैं। इनमें 4 प्रकरण राजस्व विभाग तथा 2 नगरीय प्रशासन विभाग के अंतर्गत हैं। संबंधित विभागों ने इन मामलों में जांच कर आवश्यक कार्रवाई की है। उन्होंने बताया कि कई प्रकरणों का निराकरण विभागीय स्तर पर किया गया है। गंभीर मामलों में न्यायालयीन कार्रवाई की गई है, वहीं कुछ मामलों में बेदखली आदेश भी जारी किए गए हैं। सरकार ने दोहराया कि शासकीय भूमि पर अतिक्रमण किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और दोषियों के खिलाफ नियमानुसार कड़ी कार्रवाई जारी रहेगी।

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