SCHOOL; सरस्वती साइकिल योजना, 5525 छात्राओं को अब तक नहीं मिली साइकिल,साल दर साल घट रही छात्राएं

महासमुंद, छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले में 9वीं की छात्राओं को अभी तक सरस्वती नि:शुल्क साइकिल योजना के तहत साइकिल का वितरण नहीं हो पाया है। पुस्तक के बाद साइकिल वितरण में भी देरी हो रही है। बताया जा रहा है कि अभी तक साइकिल नहीं पहुंची है। जिला शिक्षा विभाग से मिली जानकारी के अनुसार जिले में कुल 5525 छात्राओं को साइकिल का वितरण किया जाना है।
छात्राओं का इंतजार बढ़ा
बताया जा रहा है कि साइकिल की खरीदी हो चुकी है और आगामी दिनों में साइकिल भी विकासखंडों में पहुंच जाएगी। सरस्वती साइकिल योजना के तहत साइकिल का वितरण प्रतिवर्ष किया जाता है। इस वर्ष अगस्त माह तक साइकिल का वितरण नहीं हो पाया है। बालिका शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए सरस्वती साइकिल योजना चलाई जा रही है।
साइकिल नहीं होने से पैदल स्कूल जाने को मजबूर
योजना के तहत 9 वीं कक्षा में अध्ययनरत अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग और अन्य वर्ग की बालिकाओं को साइकिल का वितरण किया जाता है। इससे छात्राओं को स्कूल आने-जाने में मदद मिलती है। शिक्षा की राह भी आसान होती है। 9 वीं कक्षा की छात्राओं के पास साइकिल नहीं होने से पैदल स्कूल जाने को मजबूर हैं। वहीं कुछ छात्राओं का ऑटो में आने-जाने में पैसे खर्च हो रहे हैं।
छात्राओं का इंतजार बढ़ा
साइकिल वितरण हो जाने के बाद छात्राएं साइकिल से स्कूल जा पाएंगी। दूर-दराज के ग्रामीण क्षेत्रों की छात्राओं को ज्यादा परेशानी का सामना करना पड़ता है। महासमुंद विकासखंड में 1460 , बागबाहरा में 1010, पिथौरा में 1140 , बसना में 965 , सरायपाली में 850 साइकिल वितरण किया जाना है। जिला शिक्षा अधिकारी विजय लहरे ने बताया कि साइकिल अब तक पहुंची नहीं है। पहुंचने के बाद इंस्टाल किया जाएगा और इसके बाद साइकिल का वितरण प्रारंभ होगा।
घट रही छात्राएं
पात्र छात्राओं की संख्या साल दर साल घट रही है। 2021 तक 8500 से ज्यादा छात्राएं लाभान्वित होती थी, जो संख्या 2025 में 5525 तक ही पहुंच गई है। सरकारी स्कूल में बालिका शिक्षा को प्रोत्साहित करने के लिए विभिन्न योजनाएं चला रही हैं, लेकिन पात्रों की संख्या घटती जा रही है। जिला शिक्षा अधिकारी ने सभी विकासखंड शिक्षा अधिकारियों को भौतिक सत्यापन करने के निर्देश दिए हैं। साइकिल के पहुंचने के बाद विकासखंड स्तरीय समिति साइकिल का परीक्षण और निरीक्षण करेगी। इसके बाद वितरण होगा।