जगदलपुर, बस्तर के नक्सल प्रभावित सुकमा जिले के घोर नक्सल क्षेत्र जगरगुंडा इलाके में तैनात सीआरपीएफ के सहायक कमांडेंट रॉकी कसाना ने बड़ी उपलब्धि हासिल की है। उन्होंने संघ लोक सेवा आयोग की परीक्षा में ऑल इंडिया रैंक 542 प्राप्त की है।
रॉकी ने अपनी ड्यूटी के दौरान कैंप में रहकर ही यूपीएससी की तैयारी की। दिन में सुरक्षा अभियान और रोड ओपनिंग ड्यूटी निभाने के बाद रात में पढ़ाई करते थे। कुंदेड़ का इलाका नक्सलियों की मजबूत मौजूदगी वाला माओवादी नेता हिड़मा और देवा के इलाके का क्षेत्र माना जाता है। जब उनकी तैनाती हुई तब इलाके में कुख्यात नक्सली कमांडरों की सक्रियता भी थी। इसके बावजूद उन्होंने जिम्मेदारी निभाते हुए कई सफल ऑपरेशन का नेतृत्व किया।
रॉकी मूल रूप से उत्तरप्रदेश के गाजियाबाद के रहने वाले हैं। वह आईआईटी कानपुर से पढ़ाई कर चुके हैं और सीआरपीएफ में उनकी पहली पोस्टिंग यहीं हुई थी। कठिन परिस्थितियों में हासिल की गई यह सफलता अब जवानों के लिए प्रेरणा बन रही है। 2014 में कानपुर आईआईटी में पढ़ाई पूरी करने के बाद सीआरपीएफ में असिस्टेंट कमांडेंट पर पदस्थ हुए। वही पिछले साल उनकी शादी हुई है। पिछले तीन सालों से जिले के माओवाद प्रभावित इलाकों में ड्यूटी कर रहे है।
जानकारी के मुताबिक रॉकी कसाना ने इससे पहले तीन बार यूपीएससी की परीक्षा दी है। एक बार वो इंटरव्यू तक पहुंच गए थे। लेकिन इंटरव्यू पास नहीं कर पाए। उसके बावजूद उन्होंने हार नहीं मानी और प्रयास जारी रखा। 2026 में अपना सपना पूरा किया।






