रायपुर, पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने पत्रकारों से चर्चा करते हुये कहा कि पाटन विधानसभा क्षेत्र में कांग्रेसजनों की बैठक में छुट्टा जानवर की समस्या पर चिंता व्यक्त की गई है उससे लोग परेशान है। क्योंकि रोपाई हो चुकी है। फसल बचाने के लिये किसान एक गांव से छुट्टा जानवर को दूसरे गांव, तीसरे गांव ले जाते है। ऐसे करीब-करीब अधिकांश गांव की स्थिति है।
पाटन विधानसभा के कार्यकर्ताओं ने फैसला किया है कि एसडीएम को नोटिस दिया जाये। 15 अगस्त तक के जो छुट्टे जानवर है उसकी व्यवस्था कर ले, नहीं तो 16 अगस्त को पूरे क्षेत्र में छुट्टा जानवर पाटन एसडीएम के कार्यालय के सामने लाकर जंगी प्रदर्शन किया जायेगा।
उन्होंंने कहा कि खुला मवेशी बड़ी समस्या है। इसके निदान के लिये जब हम लोग सरकार में थे तो गोठान का निर्माण किया था। इसका मुख्य उद्देश्य फसल को बचाना और दूसरा गौवंश को बचाना और उसकी सेवा करना था। इसको लेकर गभग 10 हजार गौठान बनाये गए थे जिसमें 7 हजार गौठान स्वावलंबी हो चुके थे। लेकिन जो वर्तमान सरकार है उन्होने बिना सोचे गोठान संचालन बंद कर दिया। जो गोबर विक्रय किये थे उसका भुगतान नहीं हुआ है। जो वर्मी कमोस्ट बना है उसका भी भुगतान नहीं हुआ है। उन्होने गोठानों के जांच की घोषणा कर दी यह घोषणा विधानसभा के बजट सत्र में की गयी थी। जांच केवल फाइलो में है और न ही जांच हो रही है। आप लोगों ने कभी नहीं सुना होगा कि किसी गोठान में जाकर अधिकारी या जांच टीम जांच कर रही है। जांच बंद कर दिया गया है।
अब स्थिति यह है कि एक तरफ किसान फसल बचाने के लिये मजबूर है तो दूसरी तरफ छुट्टे जानवर है जो सड़कों पर दिखाई दे रहे है। रोज एक्सीडेंट हो रहा है राष्ट्रीय मार्ग में हो रहा है, प्रदेश के मार्ग में हो रहा है, गांव में हो रहा है। किसी भी गांव जायेंगे तो 50-60 जानवर बैठे मिलेंगे। एक तरफ फसल बचाना और दूसरी तरफ रोड एक्सीडेंट से जान माल दोनों की नुकसान हो रहा है। इस मामले में उच्च न्यायालय ने संज्ञान में लिया है।






