MOBILE;अब एक्टिव सिम होने पर ही मोबाइल में यूज कर सकेंगे Whatsapp-Telegram, हर 6 घंटे में सेशन होगा लॉगआउट

नईदिल्ली, साइबर ठगों को रोकने के लिए सरकार के द्वारा एक बड़ा कदम उठाया गया है, इससे फर्जी विदेशी नंबर से कोई धोखा नहीं दे सकेगा. केंद्र सरकार ने सख्त आदेश जारी कर बताया है कि अब Whatsapp, सिग्नल, टेलीग्राम जैसे सभी मैसेजिंग ऐप्स आपके फोन में लगे एक्टिव भारतीय सिम कार्ड से हमेशा जुड़ी रहेंगी. मतलब सिर्फ वाई-फाई से ये ऐप्स नहीं चलेंगी, फोन में एक्टिव सिम होना जरूरी है वरना ऐप खुलेगी ही नहीं.
सरकार ने साफ कह दिया है कि भारत में Whatsapp, टेलीग्राम, सिग्नल जैसे जितने भी मैसेजिंग ऐप्स चलते हैं, उनके सभी ऑपरेटरों को अब 120 दिन के अंदर दूरसंचार विभाग यानी DoT को अपनी कंप्लायंस रिपोर्ट जमा करनी होगी. मतलब ये कंपनियां लिखकर देंगी कि उन्होंने एक्टिव सिम कार्ड वाला नया नियम पूरी तरह लागू कर दिया है या नहीं. अगर 120 दिन में रिपोर्ट नहीं दी तो सख्त कार्रवाई होगी, क्योंकि सरकार अब साइबर ठगी पर कोई रिस्क नहीं लेना चाहती.
फोन में सिम कार्ड होने पर चलेंगे ऐप्स
दूरसंचार विभाग ने साफ चेतावनी दी है कि अगर व्हाट्सऐप, टेलीग्राम, सिग्नल, स्नैपचैट, शेयरचैट, जियोचैट, जोश जैसी ऐप्स ने ये नए नियम नहीं माने तो टेलीकॉम्युनिकेशन एक्ट 2023, साइबर सिक्योरिटी नियम और दूसरे कानूनों के तहत सख्त कार्रवाई होगी. ये नियम पूरे भारत में लागू होंगे और यूजर्स का इन ऐप्स को इस्तेमाल करने का तरीका बदल जाएगा. अब ये सारी मैसेजिंग सर्विस तभी काम करेंगी जब आपके फोन में सिम कार्ड लगा हो और वो एक्टिव भी हो.
सरकार के जारी आदेश में कहा गया है कि कुछ ऐप्स मोबाइल नंबर से यूजर को पहचानती हैं, लेकिन सिम फोन में होने की जरूरत नहीं रखतीं. यूजर्स बिना सिम के भी ऐप चला लेते हैं. इस सुविधा का फायदा विदेशी ठग उठा रहे हैं और साइबर फ्रॉड कर रहे हैं. इसलिए अब ये गैप बंद किया जा रहा है.
सरकार ने लिया ये फैसला
DoT ने कहा कि दूरसंचार नंबरों का गलत इस्तेमाल रोकना और पूरे टेलीकॉम सिस्टम को सुरक्षित रखना बहुत जरूरी हो गया है. इसलिए अब साफ आदेश दिया गया है कि जो भी ऐप मोबाइल नंबर से यूजर को पहचानती है या सर्विस देती है, वो तभी चलेगी जब उसी नंबर वाली एक्टिव सिम फोन में लगी हो. बिना उस खास एक्टिव सिम के ऐप इस्तेमाल करना नामुमकिन कर दिया जाएगा. ये नियम सभी ऐप कंपनियों पर लागू है.
सरकार के नए नियम में 90 दिन के अंदर दो बड़े बदलाव करने का फैसला लिया हैं. पहला – Whatsapp, टेलीग्राम जैसी हर ऐप फोन में उसी नंबर वाली एक्टिव सिम से लगातार जुड़ी रहेगी. अगर वो खास सिम फोन में नहीं लगी या बंद है तो ऐप एकदम नहीं चलेगी, मैसेज न भेज पाएंगे न आएगा.
दूसरा है कि कंप्यूटर या लैपटॉप पर व्हाट्सऐप वेब, टेलीग्राम वेब इस्तेमाल करते है तो अब हर 6 घंटे में अपने आप लॉगआउट हो जाएगा. फिर QR कोड स्कैन करके आपको दोबारा लॉगइन करना होगा. इससे अगर कोई ठग तुम्हारा वेब सेशन चुरा भी ले तो ज्यादा देर तक नुकसान नहीं कर पाएगा. ये सारे नियम शुरू हो चुके हैं और जब तक दूरसंचार विभाग खुद न बदले, तब तक चलते रहेंगे.



