PROTEST; तमनार में कोयला खदान विरोध प्रदर्शन उग्र , ग्रामीणों के हमले में महिला टीआई घायल

रायगढ, छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले के तमनार ब्लॉक के धौराभाठा गांव में जिंदल उद्योग को आवंटित गारे-पेलमा सेक्टर-1 कोल ब्लॉक के विरोध में चल रहा ग्रामीणों का आंदोलन शनिवार को हिंसक हो गया। भू-अधिग्रहण और प्रस्तावित उत्खनन परियोजना के खिलाफ धरने पर बैठे ग्रामीणों को हटाने पहुंची पुलिस के साथ झूमाझटकी हो गई, जिसके बाद हालात बेकाबू हो गए। हिंसक प्रदर्शन के बाद का रविवार को प्रदर्शनकारियों के साथ बिलासपुर पुलिस रेंज आईजी और कमिश्नर चर्चा करेंगे.
सीएचपी चौक पर प्रदर्शन के दौरान ग्रामीणों ने पुलिस पर पथराव किया और मौके पर खड़ी बसों में तोड़फोड़ कर आग लगा दी। इस दौरान महिला टीआई कमला पुसाम पर हमला हुआ, जिसमें वे गंभीर रूप से घायल हो गईं। उन्हें इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

पुलिस की गाड़ियों में लगाई गई आग
रायगढ़ कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी ने कहा कि तमनार में तनाव इतना बढ़ गया कि देखते ही देखते ग्रामीण और पुलिस के बीच धक्का मुक्की हुई। इसके बाद से पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई। पुलिस की गाड़ियों में आग लगा दी गई। इस प्रोटेस्ट में बड़ी संख्या में महिलाएं भी शामिल थी।
30 से 35 ग्रामीणों को हिरासत में लेकर थाने भेजा गया
पुलिस कार्रवाई के दौरान करीब 30 से 35 ग्रामीणों को हिरासत में लेकर थाने भेजा गया। इसके बाद आक्रोशित ग्रामीणों ने प्रदर्शन और तेज कर दिया। पुलिस पार्टी पर ग्रामीणों ने पत्थरों से हमला किया। हालात संभालने के लिए अतिरिक्त बल बुलाना पड़ा। हिंसक प्रदर्शन के बाद का रविवार को प्रदर्शनकारियों के साथ बिलासपुर पुलिस रेंज आईजी और कमिश्नर चर्चा करेंगे. वहीं, तमनार पुलिस थाने में एसपी दिव्यांग पटेल ग्रामीणों से चर्चा कर रहे हैं. सुरक्षा व्यवस्था को चाक-चौबंद रखने के लिए बड़ी संख्या में पुलिस बल को तैनात किया गया है.
बता दें कि ग्रामीण पिछले करीब 15 दिनों से सीएचपी चौक पर कोल ब्लॉक आवंटन के विरोध में धरना दे रहे थे। उनकी मांग थी कि प्रस्तावित जनसुनवाई को रद्द किया जाए। ग्रामीणों का आरोप है कि कोयला खदान से पर्यावरण को गंभीर नुकसान होगा और बड़े पैमाने पर विस्थापन की आशंका है।




