DELIVERY; डिलीवरी बॉय की छुट्टी! इस शहर में शुरू हुई देश की पहली AI ड्रोन डिलीवरी, अब रोबोट घर पर पहुंचाएंगे सामान

नईदिल्ली, जब आप कोई भी सामान ऑनलाइन ऑर्डर करते हैं, तो उसे घर तक पहुंचाने के लिए एक डिलीवरी बॉय की ज़रूरत होती है. हाल ही में गुरुग्राम में डिलीवरी को लेकर एक नई पहल की शुरुआत की गई है. गुरुग्राम शहर के कुछ इलाकों में डिलीवरी बॉय नहीं बल्कि AI और रोबोट घर तक सामान पहुंचाएंगे. यानी अब डिलीवरी बॉय की ज़रूरत नहीं होगी. गुरुग्राम शहर से शुरू हुई यह पहल देश को AI और टेक्नोलॉजी की दिशा में आगे बढ़ाने के लिए एक अहम योगदान माना जा रहा है.

गुरुग्राम में रोबोट घर तक पहुंचाएंगे सामान!

हाल ही में AI और टेक्नोलॉजी को बढ़ावा देने के लिए देश की राजधानी दिल्ली में 16 फरवरी से 20 फरवरी तक ‘AI समिट’ का आयोजन कराया गया. इस वैश्विक कार्यक्रम के खत्म होने के बाद ही कल यानी 23 फरवरी सोमवार से गुरुग्राम के सेक्टर 102 में ड्रोन डिलीवरी कंपनी ‘स्काई एयर’ द्वारा देश का पहला पूरी तरह ऑटोमैटिक ‘फिजिकल एआई’ डिलीवरी नेटवर्क शुरू कर दिया गया है. इस नई तकनीक की मदद से सेक्टर 102 के लोग अब रोबोट के माध्यम से अपना खाना और दूसरे सामान घर तक मंगा सकेंगे.

कैसे होगी रोबोट से सामान की डिलीवरी?

  • स्काई पोर्ट (Sky Port): यह ड्रोन का हवाई अड्डा है जहां से ड्रोन अपनी उड़ान शुरू करते हैं.
  • स्काई शिप (Sky Ship): ये वे ड्रोन हैं जो सामान को हवा के जरिए एक जगह से दूसरी जगह ले जाते हैं.
  • अराइव पॉइंट (Arrive Point): यह एक स्मार्ट और सुरक्षित बॉक्स है. ड्रोन हवा से आकर सामान इसी बॉक्स के अंदर सुरक्षित रख देता है।
  • ऑटोबॉट्स (Autobots): ये छोटे रोबोट हैं जो स्मार्ट बॉक्स से सामान निकालते हैं और उसे आपके घर के दरवाजे तक पहुंचते हैं.
  • बता दें कि ये रोबोट इतने एडवांस हैं कि आपके घर के अंदर और बाहर दोनों रास्तों पर आसानी से चल सकते हैं.
  • इस पूरी प्रक्रिया में कहीं भी इंसानों की ज़रूरत नहीं पड़ती है सारा काम AI और रोबोट्स खुद-ब-खुद करते हैं.
  • Skye Air Mobility कंपनी का क्या कहना है?

इस नई पहल की शुरुआत के बाद Skye Air Mobility कंपनी ने कहा कि भारत सॉफ्टवेयर में पहले ही अपनी ताकत दिखा चुका है और अब देश सामान पहुंचाने के लिए AI के इस्तेमाल में भी आगे बढ़ रहा है. कंपनी ने बताया कि पिछले दो-ढाई सालों में 36 लाख से ज्यादा डिलीवरी ड्रोन के माध्यम से की गई हैं, जिससे करीब एक हजार टन कार्बन उत्सर्जन में कमी आई है.

ऑटोमैटिक डिलीवरी से क्या फायदा होगा?

कंपनी का मानना है कि ऑटोमैटिक डिलीवरी से लोगों को उनका सामान जल्दी मिलता है और साथ ही सड़कों पर गाड़ियां कम चलने से ट्रैफिक की समस्या भी दूर होती है. इसके अलावा, एयर पॉल्यूशन (वायु प्रदूषण) में कमी आती है और पर्यावरण में सुधार होता है.

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